बड़ौत, 10 सितम्बर 2026 (यूटीएन)। बड़ौत रेलवे स्टेशन से बागपत, दिल्ली, मथुरा होते हुए आगरा तक सीधी लोकल पैसेंजर एवं एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की मांग को लेकर समाजसेवी एवं लोकसभा चुनाव लड़ चुके सुभाष चंद्र कश्यप ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री, रेल मंत्री तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में प्रस्तावित रेल सेवा को व्यापक जनहित, धार्मिक पर्यटन और क्षेत्र के आर्थिक विकास से जोड़ते हुए सरकार से इस मांग पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा की गई है।
सुभाष चंद्र कश्यप ने कहा कि बड़ौत और आसपास के क्षेत्र के लोगों को मथुरा, वृंदावन और आगरा जैसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंचने के लिए वर्तमान में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सीधे रेल संपर्क का अभाव होने के कारण यात्रियों को कई बार ट्रेन बदलनी पड़ती है। इससे न केवल यात्रा का समय बढ़ जाता है, बल्कि बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और मरीजों को विशेष परेशानी होती है।
बड़ौत से मथुरा-वृंदावन तक सीधी रेल सेवा की जरूरत
उन्होंने कहा कि मथुरा और वृंदावन देश के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में शामिल हैं। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न राज्यों और जिलों से पहुंचते हैं। बागपत और आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग धार्मिक यात्रा के लिए मथुरा-वृंदावन जाते हैं।
कश्यप ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था में यात्रियों को कई स्थानों पर ट्रेन बदलनी पड़ती है। कई बार ट्रेन के समय में अंतर होने के कारण यात्रियों को रेलवे स्टेशन पर काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। इससे यात्रा कठिन और खर्चीली हो जाती है। यदि बड़ौत से मथुरा होते हुए आगरा तक सीधी पैसेंजर या एक्सप्रेस ट्रेन संचालित की जाती है तो हजारों यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
धार्मिक पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
ज्ञापन में इस प्रस्तावित रेल मार्ग को धार्मिक पर्यटन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण बताया गया है। बड़ौत-बागपत क्षेत्र के लोगों के लिए मथुरा-वृंदावन के साथ ही आगरा भी प्रमुख गंतव्य है। मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि, वृंदावन के प्रमुख मंदिरों और आगरा के ऐतिहासिक स्थलों तक सीधी रेल सुविधा मिलने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों की यात्रा आसान हो सकती है।
सुभाष चंद्र कश्यप ने कहा कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर होटल, परिवहन, भोजन, छोटे व्यापार और अन्य पर्यटन आधारित गतिविधियों को भी लाभ मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि एक रेल सेवा शुरू होने से केवल यात्रियों को सुविधा नहीं मिलेगी, बल्कि इससे कई क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियां भी मजबूत हो सकती हैं।
सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी का दावा
कश्यप ने कहा कि प्रस्तावित रेल सेवा को केवल यात्रियों की सुविधा के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। यदि इस रूट पर नियमित पैसेंजर अथवा एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन किया जाता है तो बड़ी संख्या में यात्री इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे रेलवे को टिकट, आरक्षण और अन्य यात्री सेवाओं के माध्यम से राजस्व प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि बड़ौत, बागपत और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी आबादी निवास करती है। दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से मथुरा-आगरा जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह रेल संपर्क उपयोगी हो सकता है। नियमित सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या और बढ़ने की संभावना है।
नौकरीपेशा और विद्यार्थियों को भी फायदा
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित ट्रेन सेवा का लाभ केवल धार्मिक यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और विभिन्न कार्यों से प्रतिदिन यात्रा करने वाले लोगों को भी इसका फायदा मिलेगा।
सीधी ट्रेन उपलब्ध होने पर यात्रियों को बार-बार ट्रेन बदलने की परेशानी से छुटकारा मिल सकता है। विशेषकर कम आय वाले यात्रियों के लिए पैसेंजर ट्रेन एक किफायती परिवहन विकल्प साबित हो सकती है। वहीं, एक्सप्रेस सेवा से लंबी दूरी की यात्रा का समय भी कम किया जा सकता है।
दिल्ली से जुड़ने के साथ आगरा तक हो सीधा संपर्क
ज्ञापन में बड़ौत-बागपत क्षेत्र को दिल्ली और आगे मथुरा-आगरा से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। क्षेत्र में रेलवे के माध्यम से बेहतर कनेक्टिविटी होने से व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद जताई गई है।
सुभाष चंद्र कश्यप ने कहा कि बड़ौत और बागपत क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग शिक्षा, रोजगार और व्यापार के सिलसिले में दिल्ली की ओर आवागमन करते हैं। वहीं धार्मिक और पर्यटन यात्राओं के लिए मथुरा, वृंदावन और आगरा जाना भी आम है। ऐसे में इस दिशा में सीधा रेल संपर्क क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
बुजुर्ग और महिला यात्रियों को मिलेगी विशेष सुविधा
उन्होंने कहा कि वर्तमान में ट्रेन बदलने की प्रक्रिया बुजुर्ग यात्रियों, महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष रूप से परेशानी भरी होती है। सामान लेकर एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक जाना और अगली ट्रेन के इंतजार में घंटों रुकना कई यात्रियों के लिए मुश्किल होता है।
यदि बड़ौत से मथुरा होते हुए आगरा तक सीधी रेल सेवा उपलब्ध हो जाती है तो ऐसे यात्रियों को काफी राहत मिल सकती है। इससे यात्रा अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित होने की उम्मीद है।
पहले भी उठाई जा चुकी है मांग
सुभाष चंद्र कश्यप ने बताया कि क्षेत्र में बेहतर रेल सुविधा की मांग लंबे समय से उठती रही है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस मांग को रेलवे के स्तर पर गंभीरता से परखा जाए और प्रस्तावित मार्ग का सर्वे कराकर यात्रियों की संभावित संख्या, रेलवे की व्यवहार्यता तथा परिचालन संबंधी पहलुओं का अध्ययन कराया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि सर्वे में इस रेल सेवा की उपयोगिता सामने आती है तो इसे शीघ्र शुरू करने की दिशा में आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी चाहिए।
तत्काल घोषणा की मांग
कश्यप ने प्रधानमंत्री, रेल मंत्री और मुख्यमंत्री से मांग की कि व्यापक जनहित को देखते हुए बड़ौत से बागपत, दिल्ली, मथुरा होते हुए आगरा तक लोकल पैसेंजर ट्रेन चलाने पर जल्द निर्णय लिया जाए। साथ ही इस मार्ग पर आवश्यकता के अनुसार एक्सप्रेस ट्रेन संचालन की भी संभावना पर विचार किया जाए।
उन्होंने कहा कि “प्रतिदिन हजारों यात्री मथुरा और वृंदावन धाम जाते हैं। उन्हें दो से तीन ट्रेन बदलकर यात्रा करनी पड़ती है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को काफी परेशानी होती है। यदि बड़ौत से मथुरा-वृंदावन होते हुए आगरा तक सीधी ट्रेन शुरू होती है तो यह क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात होगी।”
उन्होंने सरकार से मांग की कि इस प्रस्ताव को केवल एक क्षेत्रीय मांग न मानकर धार्मिक पर्यटन, व्यापार, रोजगार, शिक्षा और जनसुविधा से जोड़कर देखा जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र और प्रदेश सरकार इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाएगी।
रेल कनेक्टिविटी बढ़ने से विकास को मिलेगी गति
उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में मजबूत परिवहन व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सड़क के साथ-साथ रेल कनेक्टिविटी बेहतर होने से लोगों को आवागमन के अधिक विकल्प मिलते हैं और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होता है।
बड़ौत से मथुरा और आगरा तक सीधी रेल सेवा शुरू होने से क्षेत्र के लोगों को जहां यात्रा में सुविधा मिलेगी, वहीं धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच भी आसान होगी। इससे स्थानीय व्यापारियों और पर्यटन से जुड़े लोगों को भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने की उम्मीद है।
ज्ञापन के माध्यम से सरकार से इस प्रस्ताव पर शीघ्र कार्रवाई करने और रेल सेवा शुरू करने की दिशा में आवश्यक प्रक्रिया प्रारंभ करने की मांग की गई है।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

