बागपत, 10 सितम्बर 2026 (यूटीएन)। जनपद की युवा प्रतिभाओं को अपनी लेखन क्षमता और विचारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का बड़ा अवसर मिलने जा रहा है। अब बागपत के युवाओं की कलम केवल जिले और प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उनके विचार 100 से अधिक देशों में आयोजित हार्टफुलनेस अंतर्राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता-2026 के माध्यम से वैश्विक मंच तक पहुंचेंगे। प्रतियोगिता में जिले के विद्यार्थी भी देश-विदेश के प्रतिभागियों के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
युवाओं को इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता से अधिक से अधिक संख्या में जोड़ने के लिए जिले के विभिन्न स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पिलाना स्थित श्री नेहरू इंटर कॉलेज और टटीरी स्थित डीएवी इंटर कॉलेज में विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में विद्यार्थियों को प्रतियोगिता के उद्देश्य, प्रक्रिया और इसमें भाग लेने के लाभों के बारे में जानकारी दी गई।
लेखन के साथ मानसिक संतुलन पर जोर
पिलाना और टटीरी में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में हार्टफुलनेस केंद्र के समन्वयक योगेंद्र कुशवाहा और ट्रेनर परितोष मित्तल ने विद्यार्थियों को प्रतियोगिता की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों की लेखन प्रतिभा को मंच प्रदान करना नहीं है, बल्कि उन्हें पढ़ाई और प्रतियोगिता के बढ़ते दबाव के बीच मानसिक शांति, आंतरिक संतुलन तथा नैतिक मूल्यों से जोड़ना भी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आज के दौर में शिक्षा और करियर को लेकर युवाओं पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में लेखन, चिंतन और आत्ममंथन जैसी गतिविधियां युवाओं को अपने विचारों को समझने और उन्हें सकारात्मक तरीके से व्यक्त करने का अवसर देती हैं।
उन्होंने कहा कि निबंध लेखन विद्यार्थियों में कल्पनाशक्ति, तार्किक क्षमता, विचारों को व्यवस्थित करने की योग्यता और अभिव्यक्ति कौशल को विकसित करने में भी मदद करता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने से विद्यार्थियों को विभिन्न देशों के प्रतिभागियों के साथ अपनी प्रतिभा की तुलना करने और वैश्विक स्तर पर सोच विकसित करने का अवसर मिलेगा।
विद्यार्थियों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचने का आह्वान
जनपद के शिक्षाविद डॉ. सत्यवीर सिंह ने विद्यार्थियों को अधिक से अधिक प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को कक्षा और पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखना चाहिए। विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर वे अपनी क्षमता को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताओं में सफलता से अधिक महत्वपूर्ण उनमें भाग लेना और अपने अनुभव से सीखना है। प्रत्येक प्रतियोगिता विद्यार्थी को अपनी कमियों को पहचानने और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रयास करने का अवसर देती है।
डॉ. सत्यवीर सिंह को हार्टफुलनेस संस्थान की ओर से पुस्तक भेंट कर सम्मानित भी किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को लेखन के क्षेत्र में निरंतर अभ्यास करने तथा अपनी सोच को व्यापक बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
राज्य युवा पुरस्कार विजेता ने भी बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम में राज्य युवा पुरस्कार विजेता अमन कुमार ने भी जिले के युवाओं से बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बागपत की युवा प्रतिभाओं में किसी भी स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता है। जरूरत केवल उन्हें सही अवसर और मंच उपलब्ध कराने की है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी प्रतिभा पर विश्वास रखें और किसी भी प्रतियोगिता को केवल पुरस्कार जीतने के नजरिए से न देखें। प्रतियोगिता में भाग लेना स्वयं में सीखने और आगे बढ़ने का अवसर है। उन्होंने युवाओं को अपनी रचनात्मकता का उपयोग सकारात्मक विषयों पर विचार व्यक्त करने में करने के लिए प्रेरित किया।
स्कूल-कॉलेज करा सकते हैं ऑनलाइन पंजीकरण
हार्टफुलनेस संस्थान की ओर से बताया गया कि स्कूल और कॉलेज अपने स्तर पर विद्यार्थियों का ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विद्यार्थियों के निबंध प्रतियोगिता के ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किए जा सकते हैं।
संस्थान की वेबसाइट पर उपलब्ध heartfulness.org/education/essay-event लिंक के माध्यम से प्रतियोगिता से संबंधित प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। शिक्षकों और संस्थानों से विद्यार्थियों को प्रतियोगिता की जानकारी देने तथा अधिक से अधिक प्रतिभागियों को इसमें शामिल कराने का आग्रह किया गया है।
जिले की प्रतिभाओं को मिलेगा वैश्विक पहचान का अवसर
अंतरराष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता में बागपत के विद्यार्थियों की भागीदारी को जिले की युवा प्रतिभाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। जिले के स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थी अपने विचारों और लेखन क्षमता के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों के बीच अपनी पहचान बना सकते हैं।
शिक्षकों और शिक्षाविदों का कहना है कि ऐसी प्रतियोगिताओं से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें यह समझने का अवसर मिलता है कि उनकी प्रतिभा किसी एक शहर या जिले तक सीमित नहीं है। यदि वे निरंतर अभ्यास करें और अपनी अभिव्यक्ति क्षमता को विकसित करें तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
युवाओं में दिखाई दिया उत्साह
जागरूकता सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने प्रतियोगिता को लेकर उत्साह दिखाया और आयोजन से जुड़ी विभिन्न जानकारियां हासिल कीं। विद्यार्थियों को निबंध लेखन के दौरान विषय को समझने, विचारों को क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत करने और अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने के संबंध में भी मार्गदर्शन दिया गया।
आयोजकों ने कहा कि जिले के अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इस प्रतियोगिता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि बागपत की प्रतिभाएं अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकें।
इस पहल से जहां विद्यार्थियों को अपनी लेखन प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा, वहीं उनमें आत्मचिंतन, सकारात्मक सोच, मानसिक संतुलन और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

