खेकड़ा ,16 अक्टूबर 2026 (यूटीएन)। बागपत जिले में मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत खेकड़ा कोतवाली पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक अंतर्जनपदीय गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 7 किलो 820 ग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसकी बाजार कीमत करीब पांच लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने गांजे की तस्करी में इस्तेमाल की जा रही कार को भी बरामद किया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मादक पदार्थों से जुड़े दो दर्जन से अधिक मामलों में संलिप्त रहा है। पुलिस आरोपी के आपराधिक इतिहास और तस्करी से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
खेकड़ा कोतवाली क्षेत्र में पुलिस की चेकिंग के दौरान यह कार्रवाई की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक आशीष कुमार पुंडीर के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से गांजा तस्करी के संबंध में सूचना मिली। सूचना के आधार पर पुलिस ने रटोल कस्बे के पास संदिग्ध वाहन को रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखकर चालक ने वाहन की रफ्तार बढ़ा दी और वहां से निकलने की कोशिश की। हालांकि, सतर्क पुलिसकर्मियों ने पीछा कर कार को रोक लिया और चालक को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर कार से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।
रटोल के पास चेकिंग के दौरान पकड़ा गया आरोपी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी बागपत की ओर से कार में सवार होकर गाजियाबाद की तरफ जा रहा था। इसी दौरान रटोल कस्बे के पास पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया। संदिग्ध गतिविधि और चालक की ओर से वाहन की गति बढ़ाए जाने के बाद पुलिस टीम ने सतर्कता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया। इसके बाद वाहन की तलाशी ली गई, जिसमें 7 किलो 820 ग्राम गांजा मिला।
पुलिस ने मादक पदार्थ को कब्जे में लेकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही कार भी बरामद कर ली गई। बरामद गांजे की बाजार कीमत करीब पांच लाख रुपये आंकी गई है। इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की बरामदगी के बाद पुलिस तस्करी के संभावित नेटवर्क और आरोपी के संपर्कों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस की कार्रवाई से क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों में हड़कंप की स्थिति है। हालांकि, तस्करी के नेटवर्क में अन्य लोगों की भूमिका और बरामद गांजे को कहां से लाया गया था तथा कहां पहुंचाया जाना था, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
बदायूं का मूल निवासी, गौतमबुद्धनगर में रह रहा था आरोपी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुधाकर के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बदायूं जिले का रहने वाला बताया गया है और वर्तमान में गौतमबुद्धनगर में रह रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी कथित रूप से गांजा तस्करी के कारोबार में लंबे समय से संलिप्त रहा है। उसकी गतिविधियों का संबंध उत्तर प्रदेश के कई जिलों से होने की जानकारी सामने आई है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ अलीगढ़, बदायूं और एटा समेत विभिन्न जिलों में मादक पदार्थों से संबंधित दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। पुलिस उसके आपराधिक रिकॉर्ड का सत्यापन कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किन-किन थानों में उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं और उन मामलों की वर्तमान स्थिति क्या है।
यदि विभिन्न जिलों में दर्ज मामलों की पुष्टि होती है, तो आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण मानी जा सकती है। इससे उसके पुराने नेटवर्क, संपर्कों और कथित तस्करी गतिविधियों के संबंध में जानकारी जुटाने में मदद मिल सकती है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी अकेले गांजे की तस्करी कर रहा था या इसके पीछे अन्य लोगों का भी हाथ है।
दस साल से अधिक समय से संलिप्तता की जानकारी
पुलिस को मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी पिछले दस साल से अधिक समय से मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी गतिविधियों में संलिप्त रहा है। उसके खिलाफ अलग-अलग जिलों में दो दर्जन से अधिक मामलों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, उसके आपराधिक इतिहास से संबंधित सभी तथ्यों का आधिकारिक सत्यापन किया जाना बाकी है।
जांच के दौरान पुलिस आरोपी के पुराने मुकदमों, संपर्कों और आवाजाही से संबंधित जानकारियां जुटा सकती है। साथ ही, यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वह गांजा कहां से लाता था और किन स्थानों पर उसकी आपूर्ति करता था। कार का इस्तेमाल तस्करी के लिए किस प्रकार किया जा रहा था, इस पहलू की भी जांच की जा रही है।
अंतरजनपदीय स्तर पर सक्रिय मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ कार्रवाई में विभिन्न जिलों की पुलिस से सूचनाओं का आदान-प्रदान महत्वपूर्ण रहता है। ऐसे मामलों में आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड का सत्यापन और उससे जुड़े संभावित नेटवर्क की पहचान जांच को आगे बढ़ाने में सहायक हो सकती है।
कप्तान के निर्देशन में जारी है चेकिंग अभियान
थाना प्रभारी निरीक्षक आशीष कुमार पुंडीर ने बताया कि पुलिस अधीक्षक पूर्णेंदु सिंह के निर्देशन में क्षेत्र में चेकिंग अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान मुखबिर से सूचना मिलने पर रटोल के पास संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास किया गया था। चालक ने वाहन की रफ्तार बढ़ाकर निकलने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम की सतर्कता के चलते उसे पकड़ लिया गया।
उन्होंने बताया कि कार की तलाशी लेने पर 7 किलो 820 ग्राम गांजा बरामद हुआ। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर मादक पदार्थ और तस्करी में इस्तेमाल वाहन को कब्जे में लिया गया। पुलिस की ओर से मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
थाना प्रभारी के अनुसार, क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस का उद्देश्य नशीले पदार्थों की अवैध आवाजाही पर अंकुश लगाना और ऐसे कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना है।
तस्करी के नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
गांजे की बरामदगी के बाद पुलिस के सामने अब आरोपी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने की चुनौती है। जांच में यह महत्वपूर्ण होगा कि बरामद मादक पदार्थ कहां से लाया गया था, इसकी आपूर्ति किसे की जानी थी और तस्करी के लिए इस्तेमाल की गई कार किसके नाम पर पंजीकृत है। इन बिंदुओं की जांच से मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाया जा सकता है।
पुलिस आरोपी के कथित पुराने आपराधिक रिकॉर्ड का सत्यापन करने के साथ यह भी पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि वह पहले किन मामलों में गिरफ्तार हुआ था और उन मामलों में वर्तमान स्थिति क्या है। इसके अलावा, अन्य जिलों में दर्ज मामलों से संबंधित जानकारी जुटाकर उसकी गतिविधियों की पड़ताल की जा सकती है।
मादक पदार्थों की तस्करी समाज और युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती है। ऐसे में पुलिस की ओर से की जाने वाली कार्रवाई का उद्देश्य अवैध कारोबार को रोकना और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कदम उठाना है।
खेकड़ा पुलिस की इस कार्रवाई में गांजे की बरामदगी के साथ तस्करी में इस्तेमाल कार भी हाथ लगी है। अब जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों और कथित तस्करी नेटवर्क से संबंधित जानकारी की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद ही इस मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

