Breaking News
चेकिंग के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़े दो गैंगस्टर   | फीस में बेतहाशा वृद्धि, बिजली की आंख-मिचौली और किसानों की समस्याओं को लेकर राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल का धरना   | आम आदमी पर महंगाई की चौतरफा मार! CNG-PNG से दूध तक महंगा, कारों के दाम भी बढ़े   | कौशांबी हादसे पर प्रधानमंत्री ने जताया गहरा दुख, मृतकों के परिवारों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता   | सीतारमण की अमेरिकी वित्त मंत्री से अहम बैठक, आर्थिक विकास और वैश्विक असंतुलन पर बनी सहमति   | गौतम अडानी को साल की सबसे बड़ी चपत! एक झटके में गंवाए ₹9.01 लाख करोड़, कितनी रह गई नेटवर्थ?   | पुतिन, झापारोव, पेजेश्कियन और पाशिन्यान; बिश्केक में पीएम मोदी ने वैश्विक नेताओं को दिया BRICS समिट का न्योता   | दिल्ली में H1N1 का बढ़ता कहर, 24 घंटे में 48 नए मरीज; 4,164 पहुंचा फ्लू का आंकड़ा   | गौड़ समाज की बेटी आरती गौड़ का ग्राम पंचायत अधिकारी बनने पर भव्य अभिनंदन   | विद्युत व्यवस्था जांच समिति के सभापति बने ठाकुर ओम प्रकाश सिंह, विधान परिषद में ली पद एवं दायित्व की शपथ   |
मल्टी डिजिटल मीडिया, पत्रकारिता के क्षेत्र में तुरंत आवश्यकता है देश एवं प्रदेश के सभी जगह से अनुभव गैर अनुभवी पुरुष एवं महिलाएं, देश एवं प्रदेश के सभी जिला एवं राज्य में युवक / महिलाएं संपर्क करें मल्टीमीडिया उज्जवल टाइम्स न्यूज़ में जोड़ने के लिए आपको मिल रहा है सुनहरा मौकाआप हमें अपने समाचार एवं विज्ञापन, कविता, लेख प्रकाशित करने के लिए संपर्क कर सकते हैं . E-mail- ujjwaltimesnewsnetwork@gmail.com

अब रेलवे लगाएगा आधुनिक कॉम्पोजिट स्लीपर

1775808747_01.png
स्लीपर ऐसे हैं कि जिस स्थान पर इन्हें लगाना है, वहां की विशेष परिस्थितियों के अनुसार बनाया व लगाया जा सकता है, इनके लगने से पुलों और पॉइंट्स, क्रॉसिंग से गुजरते समय रेल यात्रा में यात्रियों का अनुभव और बेहतर होगा।

नई दिल्ली, 10 अप्रैल 2026 (यूटीएन)। रेल यात्रा अब और भी सुरक्षित व आरामदायक होगी। रेल मंत्रालय में हुई बैठक में रेल मंत्री जी ने आज कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। महत्वपूर्ण निर्णय में यह तय किया कि ब्रिज एप्रोच एवं पॉइंट्स, क्रॉसिंग में प्रयोग किए जाने वाले स्लीपर अब कॉम्पोजिट होंगे। लोहे तथा कंक्रीट के मौजूदा भारी स्लीपरों के मुकाबले ये नए स्लीपर न सिर्फ हल्के हैं बल्कि अधिक लोड लेने में सक्षम हैं। इसकी कुशनिंग बेहतर है। इन्हें बिछाना और इनकी मरम्मत आसान है। ये स्लीपर ऐसे हैं कि जिस स्थान पर इन्हें लगाना है, वहां की विशेष परिस्थितियों के अनुसार बनाया व लगाया जा सकता है। इनके लगने से पुलों और पॉइंट्स, क्रॉसिंग से गुजरते समय रेल यात्रा में यात्रियों का अनुभव और बेहतर होगा।
 
रेल भवन, नई दिल्ली में आज अधिकारियों के साथ हुई एक समीक्षा बैठक में रेल मंत्री ने यह बड़ा निर्णय लिया। कंक्रीट और लोहे के मुकाबले कॉम्पोजिट पदार्थों से बने ये कॉम्पोजिट स्लीपर प्रति वर्ग सेंटीमीटर 700 किलोग्राम तक का भार उठा सकते हैं। ये कॉम्पोजिट स्लीपर अधिक समय तक भी चलेंगे। इनके लगने से रेलवे को मौजूदा स्लीपरों के रखरखाव में आने वाली लागत में भी कमी आएगी। एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में यह तय किया गया कि रेलवे ट्रैक की निगरानी अब एआई की मदद से होगी। इसके लिए उपयोग में लाई जा रही निरीक्षण गाड़ियों में एआई तकनीक से लैस एक विशेष डिवाइस लगाई जाएगी। ग्राउंड पेनिट्रेशन रडार नाम की यह डिवाइस रेलवे ट्रैक के आधार का जायजा लेगी।
 
रेल पटरियों में होने वाली वेल्डिंग की गुणवत्ता को और बढ़ाने के लिए एक नई तकनीक—मैग्नेटिक पार्टिकल टेस्टिंग—के उपयोग का निर्णय लिया गया। यह परीक्षण आपस में जोड़े जाने वाली वेल्डिंग के सूक्ष्म दोषों को पहचानने में काफी कारगर है।
 
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।






Breaking Update

🌐 Translate
🔔 हमारे YouTube चैनल को सब्सक्राइब करें ×
📢 ताज़ा खबर WhatsApp पर पाएँ