Breaking News
बागपत में मेगा विधिक सहायता शिविर, 407 लाभार्थियों को मिला सरकारी योजनाओं का लाभ   | बागपत में क्षत्रिय स्वाभिमान सम्मेलन में बृजभूषण सिंह की एंट्री, राहुल गांधी पर साधा निशाना   | संयुक्त विपक्ष की रैली में शामिल होने दिल्ली रवाना हुए जिले के सपा कार्यकर्ता   | सत्ती भूमि पर जैन समाज और सर्वसमाज आमने-सामने, दो बैठकों के बाद बढ़ा विवाद   | टूटने की कगार पर पहुंचे 47 परिवारों को महिला परामर्श केंद्र ने फिर जोड़ा, बागपत में बुझते रिश्तों में जगाई उम्मीद की नई किरण   | बाल संस्कार शिविर में बच्चों के मन में रोपे धर्म, संस्कृति और नैतिकता के बीज   | सीएम योगी आदित्यनाथ ने डॉ. अनिल आर्य को पत्र भेजकर शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए दिया साधुवाद   | अहोई अष्टमी पर सारथी वेलफेयर फाउंडेशन की 47वीं ‘अपनी रसोई’ का आयोजन, जरूरतमंदों को कराया भरपेट भोजन   | कौत्स को राजा रघु के आशीर्वाद की भांति अभिमन्यु गुप्ता के पुत्र अनुराग ने सेना के लिए 66वीं बार किया रक्तदान   | स्वदेशी जागरण मंच ने अमेरिकी कंपनी स्टारलिंक के प्रस्तावित प्रवेश का किया विरोध, दिल्ली बस स्टैंड पर फूंका पुतला   |
मल्टी डिजिटल मीडिया, पत्रकारिता के क्षेत्र में तुरंत आवश्यकता है देश एवं प्रदेश के सभी जगह से अनुभव गैर अनुभवी पुरुष एवं महिलाएं, देश एवं प्रदेश के सभी जिला एवं राज्य में युवक / महिलाएं संपर्क करें मल्टीमीडिया उज्जवल टाइम्स न्यूज़ में जोड़ने के लिए आपको मिल रहा है सुनहरा मौकाआप हमें अपने समाचार एवं विज्ञापन, कविता, लेख प्रकाशित करने के लिए संपर्क कर सकते हैं . E-mail- ujjwaltimesnewsnetwork@gmail.com

अब बिना प्रिस्क्रिप्शन नहीं मिलेगा कोई भी सिरप

1781701027_1.png
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन जारी किया, जिसके तहत कफ सिरप समेत अन्य सिरप वाली दवाएं अब बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगी, अब ऐसी दवाएं खरीदने के लिए डॉक्टरी प्रिस्क्रिप्शन की जरूरी होगा।

नई दिल्ली, 17 जून 2026 (यूटीएन)। पिछले साल अक्तूबर में मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और राजस्थान में कफ सिरप पीने से हुई बच्चों की मौत की खबरों ने लोगों को काफी डरा दिया था। दवा के सेवन के कारण कई बच्चों की किडनी फेलियर से मौत हो गई थी। इसके बाद स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) ने बच्चों के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाले कफ सिरप के तर्कसंगत उपयोग पर सलाह जारी की थी। जांच में पाया गया था कि सिरप में डायथिलीन ग्लाइकॉल (डीईजी) की मात्रा 48% से ज्यादा पाई गई, जबकि स्वीकार्य सीमा केवल 0.1% है।
 
अब इसपर केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाया है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन जारी किया, जिसके तहत कफ सिरप समेत अन्य सिरप वाली दवाएं अब बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगी। अब ऐसी दवाएं खरीदने के लिए डॉक्टरी प्रिस्क्रिप्शन की जरूरी होगा। यह बदलाव सरकार द्वारा 'ड्रग्स रूल्स, 1945' में 'ड्रग्स (पांचवां संशोधन) रूल्स, 2026' के जरिए किए गए संशोधन के बाद आया है। इस संशोधन को 9 जून को सरकारी गजट में नोटिफाई किया गया था।
 
*क्या कहता है नया नोटिफिकेशन?*
सरकार ने 'ड्रग्स रूल्स, 1945' में बदलाव किया है। इसके तहत 'शेड्यूल-के' में छूट वाली दवाओं की लिस्ट से सिरप को हटा दिया गया है। 'शेड्यूल के' में ऐसी दवाएं आती हैं जिन्हें बनाने, बेचने से जुड़े कुछ नियमों से छूट मिली होती है। इस बदलाव से सिरप-बेस्ड दवाओं की 'ओवर-द-काउंटर' (बिना डॉक्टर की पर्ची के) बिक्री पर रोक लग गई है। यह बदलाव खांसी और मुंह से ली जाने वाली लिक्विड दवाओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ने और उन पर रेगुलेटरी नजर बढ़ने के बीच किया गया है।
 
नोटिफिकेशन में कहा गया है, "ड्रग्स (पांचवां संशोधन) नियम, 2026 (जो ऑफिशियल गजट में छपते ही तुरंत लागू हो जाएंगे) के तहत बिना डॉक्टरी प्रिस्क्रिप्शन के सिरप (खांसी के सिरप सहित, जिनका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है) बेचने पर रोक लगा दी गई है। आपत्तियों और सुझावों की समीक्षा करने के बाद, केंद्र सरकार ने ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड से सलाह-मशविरा करके इस बदलाव को मंजूरी दी।
 
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।






Breaking Update

🌐 Translate
🔔 हमारे YouTube चैनल को सब्सक्राइब करें ×
📢 ताज़ा खबर WhatsApp पर पाएँ