बागपत,22 सितम्बर 2026 (यूटीएन)। प्रदेश शासन की ओर से जारी प्रशासनिक तबादला सूची में 2017 बैच के आईएएस अधिकारी दिव्यांशु पटेल को बागपत का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। करीब ढाई वर्ष तक मुरादाबाद नगर निगम के नगर आयुक्त के रूप में कार्य करने वाले दिव्यांशु पटेल अब बागपत जिले की प्रशासनिक कमान संभालेंगे। उनके स्थानांतरण की खबर सामने आने के बाद बागपत के लोगों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्यों में नए जिलाधिकारी से विकास कार्यों को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं।
दिव्यांशु पटेल ने मुरादाबाद नगर निगम में रहते हुए शहर के विकास, सौंदर्यीकरण और विभिन्न सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े कई कार्यों को आगे बढ़ाया। उनके कार्यकाल में शहर को बेहतर और व्यवस्थित स्वरूप देने के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम किया गया। अब बागपत जैसे ऐतिहासिक और तेजी से विकसित हो रहे जिले की जिम्मेदारी मिलने के बाद माना जा रहा है कि यहां भी विकास योजनाओं, शहरी सुविधाओं और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है।
मुरादाबाद में विकास कार्यों से बनाई अलग पहचान
आईएएस दिव्यांशु पटेल ने 29 जनवरी 2024 को मुरादाबाद नगर निगम के नगर आयुक्त का कार्यभार संभाला था। नगर आयुक्त के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने शहर के विकास और सौंदर्यीकरण से जुड़े कई प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया। इनमें वॉर म्यूजियम, खेल पार्क, हनुमान वाटिका और राम वाटिका जैसे कार्य प्रमुख रहे।
इसके अलावा शहर के प्रमुख कंपनी बाग के कायाकल्प सहित सार्वजनिक स्थलों को बेहतर बनाने और शहर की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए भी विभिन्न योजनाओं पर काम किया गया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहर के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ नागरिकों के लिए बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं विकसित करना रहा।
मुरादाबाद में उनके कार्यकाल के दौरान कई योजनाओं को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तेजी दिखाई गई। विकास कार्यों के क्रियान्वयन, शहर को व्यवस्थित करने और सार्वजनिक स्थलों के विकास को लेकर उनके प्रयास चर्चा में रहे। उनके कार्यकाल में किए गए कुछ कार्यों को प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान और पुरस्कार भी प्राप्त हुए।
अब बागपत की विकास यात्रा को मिलेगी नई दिशा
बागपत जिला ऐतिहासिक, कृषि प्रधान और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से जुड़ा महत्वपूर्ण जनपद है। जिले में शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण आबादी निवास करती है। दिल्ली-एनसीआर से निकटता के कारण बागपत में औद्योगिक, व्यावसायिक, पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास की भी संभावनाएं हैं।
ऐसे में नए जिलाधिकारी के सामने जिले में विकास योजनाओं को गति देने के साथ-साथ सड़क, यातायात, जल निकासी, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े विषयों पर काम करने की चुनौती रहेगी।
जिले के लोगों को उम्मीद है कि मुरादाबाद में विकास और सौंदर्यीकरण के क्षेत्र में किए गए प्रयोगों का अनुभव बागपत के लिए भी उपयोगी साबित होगा। खासतौर पर जिले के प्रमुख कस्बों और सार्वजनिक स्थलों को बेहतर बनाने, पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करने तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में नई पहल की उम्मीद की जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों पर भी रहेंगी निगाहें
बागपत की अर्थव्यवस्था में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका है। जिले के गांवों में सड़क, पेयजल, जल निकासी, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे लगातार प्रशासन की प्राथमिकताओं में रहते हैं। ऐसे में नए जिलाधिकारी के सामने ग्रामीण क्षेत्रों तक शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना भी अहम जिम्मेदारी होगी।
इसके साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना, राजस्व संबंधी मामलों का समयबद्ध निस्तारण, कानून-व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय और विकास कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी भी जिलाधिकारी की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल रहेगी।
निवर्तमान डीएम अस्मिता लाल को मिली नई जिम्मेदारी
प्रशासनिक फेरबदल में बागपत की निवर्तमान जिलाधिकारी अस्मिता लाल का भी स्थानांतरण किया गया है। उन्हें विशेष सचिव, पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं निदेशक/प्रबंध निदेशक के पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अस्मिता लाल के स्थान पर अब दिव्यांशु पटेल बागपत के जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार संभालेंगे। प्रशासनिक बदलाव के साथ जिले में अधिकारियों और आम लोगों की निगाहें नए जिलाधिकारी की कार्यशैली और प्राथमिकताओं पर रहेंगी।
विकास के साथ चुनौतियां भी कम नहीं
बागपत की भौगोलिक स्थिति और एनसीआर से निकटता जहां जिले के लिए विकास की बड़ी संभावनाएं पैदा करती है, वहीं बढ़ती आबादी, यातायात दबाव, शहरी विस्तार और आधारभूत सुविधाओं की जरूरतें भी प्रशासन के सामने चुनौती हैं।
नए जिलाधिकारी के सामने जिले में चल रही विकास परियोजनाओं की समीक्षा, अधूरे कार्यों को गति देने और नई योजनाओं को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी होगी। इसके अलावा जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण और विभागीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय पर भी लोगों की नजर रहेगी।
मुरादाबाद नगर निगम में विकास और सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों का अनुभव रखने वाले दिव्यांशु पटेल से अब बागपत के लोगों को भी जिले के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। हालांकि उनकी प्राथमिकताएं और कार्ययोजना कार्यभार संभालने के बाद ही स्पष्ट होंगी।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नए जिलाधिकारी बागपत की स्थानीय जरूरतों और चुनौतियों को किस तरह प्राथमिकता देते हैं तथा जिले की विकास संभावनाओं को धरातल पर उतारने के लिए कौन-कौन से नए कदम उठाते हैं।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

