Sunday, February 8, 2026

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गुरु गोबिंद सिंह विश्वविद्यालय में 40 हजार से अधिक सीटों पर दाखिले, 2 फरवरी से आवेदन शुरू

विवरणिका जारी करने के बाद दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह दाखिला का डाक्यूमेंट नहीं बल्कि विश्वास का वादा है।

नई दिल्ली, 28 जनवरी 2026 (यूटीएन)। गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की 40 हजार से अधिक सीटों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 2 फरवरी से शुरू होगी। बुधवार को शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कुलपति प्रो. महेश वर्मा के साथ इनफार्मेशन बुलेटिन लांच किया। इस बार यूजी पीजी स्तर के 25 नए प्रोग्राम भी शुरू किए जा रहे हैं। इस बार बीटेक की कुछ सीटें सीयूईटी से भी भरी जाएंगी। अब तक जेईई स्कोर से ही दाखिले होते थे। तीन साल की एलएलबी को भी शुरू किया गया। सभी प्रोग्राम में दाखिले के लिए विश्वविद्यालय के टेस्ट सीईटी को देना होगा। अप्रैल मई में एंट्रेंस होगा।

विवरणिका जारी करने के बाद दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह दाखिला का डाक्यूमेंट नहीं बल्कि विश्वास का वादा है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब लोग बेहतर भविष्य के लिए दिल्ली से बाहर जाते थे लेकिन आज यह परिदृश्य बदल चुका है। लोग दिल्ली में बेहतर अवसर के साथ पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा दिल्ली शिक्षा का हब बन रहा है। उच्च शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (जीजीएसआईपीयू) शैक्षणिक सत्र 2026–27 से बड़े स्तर पर शैक्षणिक विस्तार की दिशा में कदम उठा रहा है। इस विस्तार के तहत विश्वविद्यालय लगभग 25 नए शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू करेगा, नौ नए संस्थानों को संबद्ध करेगा और गुयाना में एक नए अकादमिक कैंपस का विकास करेगा। इस नए कैंपस में शिक्षक शिक्षा, प्रबंधन अध्ययन और उन्नत प्रौद्योगिकी आधारित पाठ्यक्रमों पर विशेष जोर दिया जाएगा। आने वाले सत्र में विश्वविद्यालय कई भविष्य उन्मुख स्नातक और परास्नातक कार्यक्रम प्रस्तावित कर रहा है। इनमें बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (बीएमएस), एम.टेक. (रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), बी.टेक. कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (एआई और डेटा साइंस), बी.टेक. (कंप्यूटर साइंस एंड बिजनेस सिस्टम्स), बी.एससी. क्लीनिकल साइकोलॉजी, बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी और इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री में बी.टेक. जैसे पाठ्यक्रम शामिल हैं।
इसके अलावा विश्वविद्यालय शिक्षक शिक्षा और समावेशी शिक्षा को भी मजबूत कर रहा है। इसके तहत बी.ए.-बी.एड. (विशेष एवं समावेशी शिक्षा) कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिनमें ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, श्रवण बाधित, बौद्धिक दिव्यांगता, अधिगम अक्षमता, बहु-दिव्यांगता और दृष्टिबाधित जैसी विशेषज्ञताएं शामिल होंगी। मास कम्युनिकेशन में वीकेंड कार्यक्रम और चयनित विषयों में अन्य वीकेंड कोर्स भी प्रस्तावित हैं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महेश वर्मा ने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया केवल छात्रों को दाखिला देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें सही दिशा, स्पष्टता और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने में मदद करना विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी है। प्रो. महेश वर्मा ने बताया कि आईपीयू पिछले दो वर्षों से समय से पहले प्रवेश विवरणिका जारी कर रहा है, ताकि छात्र परीक्षा के साथ-साथ अपने करियर की योजना भी बना सकें। कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय 230 से अधिक स्नातक, परास्नातक और शोध कार्यक्रमों में दाखिले की पेशकश कर रहा है। द्वारका और सूरजमल विहार परिसरों में लगभग 4,300 सीटें उपलब्ध हैं, जबकि संबद्ध संस्थानों को मिलाकर सीटों की संख्या 40 हजार से अधिक है।
प्रो. वर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय समावेशी शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सिंगल गर्ल चाइल्ड, खेल कोटा और अनाथ बच्चों के लिए 100 प्रतिशत फीस माफी जैसी व्यवस्थाएं इसका उदाहरण हैं। उन्होंने जानकारी दी कि प्रवेश प्रक्रिया जेईई मेन, नीट, क्लैट, क्यूएट समेत राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं, विश्वविद्यालय सीईटी और योग्यता के आधार पर होगी। बीटेक में क्यूएट मेरिट को भी शामिल किया गया है, जिससे छात्रों को अधिक अवसर मिलेंगे। कुलपति ने कहा कि नए पाठ्यक्रमों, मेडिकल और पैरामेडिकल शिक्षा के विस्तार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित पढ़ाई, स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने के साथ आईपीयू दिल्ली को शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ज्ञात हो कि इस विश्वविद्यालय में 85 फीसद सीटें दिल्ली से कक्षा 12वीं उत्तीर्ण करने वाले छात्रों के लिए आरक्षित हैं। जबकि 15 फीसद सीटें देश के अन्य राज्यों के छात्रों के लिए हैं।
*गुयाना में बनेगा आईपीयू का अंतरराष्ट्रीय कैंपस*
आईपीयू का बड़ा शैक्षणिक विस्तार, गुयाना में बनेगा अंतरराष्ट्रीय कैंपस 2026–27 सत्र में 25 नए पाठ्यक्रम, नौ नए संस्थान होंगे संबद्ध गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (आईपीयू) शैक्षणिक सत्र 2026–27 में बड़े स्तर पर अकादमिक विस्तार की तैयारी कर रहा है। विश्वविद्यालय करीब 25 नए शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू करने, नौ नए संस्थानों को संबद्ध करने और गुयाना (दक्षिण अमेरिका) में एक ऑफ-शोर अंतरराष्ट्रीय कैंपस स्थापित करने का प्रस्ताव लेकर आगे बढ़ रहा है। संस्थान प्रबंधन, इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, क्लीनिकल साइकोलॉजी, फिजियोथेरेपी और मास कम्युनिकेशन जैसे क्षेत्रों में नए स्नातक व परास्नातक पाठ्यक्रम शुरू कर रहा है। मेडिकल और पैरामेडिकल शिक्षा में आयुष, डेंटल, सुपर-स्पेशियलिटी और पब्लिक हेल्थ से जुड़े नए पाठ्यक्रम प्रस्तावित संस्थान 9 नए संस्थान को जोड़ रहा है। जिसके माध्यम से नर्सिंग, प्रबंधन, हृदय रोग, कैंसर, टीबी एवं श्वसन रोग और नेत्र चिकित्सा से जुड़े कुल नौ सरकारी व स्ववित्तपोषित संस्थान आईपीयू से संबद्ध होंगे।
गुयाना में आईपीयू का ऑफ-शोर कैंपस आईपीयू ने कोऑपरेटिव रिपब्लिक ऑफ गुयाना में अंतरराष्ट्रीय ऑफ-शोर कैंपस स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है प्रस्ताव गुयाना सरकार के शिक्षा मंत्रालय को सौंपा गया है। यह पहल भारत-गुयाना शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करेगी। कैंपस में शिक्षक शिक्षा, प्रबंधन अध्ययन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, रोबोटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी पर विशेष फोकस किया गया है। स्नातक, परास्नातक, डिप्लोमा और कौशल आधारित कार्यक्रम संचालित होंगे। यहां पढ़ाई और परीक्षा हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन व ऑफलाइन) में होंगी। फैकल्टी और छात्र विनिमय, संयुक्त शोध और क्षमता निर्माण कार्यक्रम भी प्रस्तावित किया गया है। गुयाना सरकार द्वारा आधारभूत ढांचे में सहयोग करेगी।

विशेष संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

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गुरु गोबिंद सिंह विश्वविद्यालय में 40 हजार से अधिक सीटों पर दाखिले, 2 फरवरी से आवेदन शुरू

विवरणिका जारी करने के बाद दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह दाखिला का डाक्यूमेंट नहीं बल्कि विश्वास का वादा है।

नई दिल्ली, 28 जनवरी 2026 (यूटीएन)। गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की 40 हजार से अधिक सीटों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 2 फरवरी से शुरू होगी। बुधवार को शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कुलपति प्रो. महेश वर्मा के साथ इनफार्मेशन बुलेटिन लांच किया। इस बार यूजी पीजी स्तर के 25 नए प्रोग्राम भी शुरू किए जा रहे हैं। इस बार बीटेक की कुछ सीटें सीयूईटी से भी भरी जाएंगी। अब तक जेईई स्कोर से ही दाखिले होते थे। तीन साल की एलएलबी को भी शुरू किया गया। सभी प्रोग्राम में दाखिले के लिए विश्वविद्यालय के टेस्ट सीईटी को देना होगा। अप्रैल मई में एंट्रेंस होगा।

विवरणिका जारी करने के बाद दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह दाखिला का डाक्यूमेंट नहीं बल्कि विश्वास का वादा है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब लोग बेहतर भविष्य के लिए दिल्ली से बाहर जाते थे लेकिन आज यह परिदृश्य बदल चुका है। लोग दिल्ली में बेहतर अवसर के साथ पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा दिल्ली शिक्षा का हब बन रहा है। उच्च शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (जीजीएसआईपीयू) शैक्षणिक सत्र 2026–27 से बड़े स्तर पर शैक्षणिक विस्तार की दिशा में कदम उठा रहा है। इस विस्तार के तहत विश्वविद्यालय लगभग 25 नए शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू करेगा, नौ नए संस्थानों को संबद्ध करेगा और गुयाना में एक नए अकादमिक कैंपस का विकास करेगा। इस नए कैंपस में शिक्षक शिक्षा, प्रबंधन अध्ययन और उन्नत प्रौद्योगिकी आधारित पाठ्यक्रमों पर विशेष जोर दिया जाएगा। आने वाले सत्र में विश्वविद्यालय कई भविष्य उन्मुख स्नातक और परास्नातक कार्यक्रम प्रस्तावित कर रहा है। इनमें बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (बीएमएस), एम.टेक. (रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), बी.टेक. कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (एआई और डेटा साइंस), बी.टेक. (कंप्यूटर साइंस एंड बिजनेस सिस्टम्स), बी.एससी. क्लीनिकल साइकोलॉजी, बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी और इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री में बी.टेक. जैसे पाठ्यक्रम शामिल हैं।
इसके अलावा विश्वविद्यालय शिक्षक शिक्षा और समावेशी शिक्षा को भी मजबूत कर रहा है। इसके तहत बी.ए.-बी.एड. (विशेष एवं समावेशी शिक्षा) कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिनमें ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, श्रवण बाधित, बौद्धिक दिव्यांगता, अधिगम अक्षमता, बहु-दिव्यांगता और दृष्टिबाधित जैसी विशेषज्ञताएं शामिल होंगी। मास कम्युनिकेशन में वीकेंड कार्यक्रम और चयनित विषयों में अन्य वीकेंड कोर्स भी प्रस्तावित हैं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महेश वर्मा ने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया केवल छात्रों को दाखिला देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें सही दिशा, स्पष्टता और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने में मदद करना विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी है। प्रो. महेश वर्मा ने बताया कि आईपीयू पिछले दो वर्षों से समय से पहले प्रवेश विवरणिका जारी कर रहा है, ताकि छात्र परीक्षा के साथ-साथ अपने करियर की योजना भी बना सकें। कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय 230 से अधिक स्नातक, परास्नातक और शोध कार्यक्रमों में दाखिले की पेशकश कर रहा है। द्वारका और सूरजमल विहार परिसरों में लगभग 4,300 सीटें उपलब्ध हैं, जबकि संबद्ध संस्थानों को मिलाकर सीटों की संख्या 40 हजार से अधिक है।
प्रो. वर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय समावेशी शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सिंगल गर्ल चाइल्ड, खेल कोटा और अनाथ बच्चों के लिए 100 प्रतिशत फीस माफी जैसी व्यवस्थाएं इसका उदाहरण हैं। उन्होंने जानकारी दी कि प्रवेश प्रक्रिया जेईई मेन, नीट, क्लैट, क्यूएट समेत राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं, विश्वविद्यालय सीईटी और योग्यता के आधार पर होगी। बीटेक में क्यूएट मेरिट को भी शामिल किया गया है, जिससे छात्रों को अधिक अवसर मिलेंगे। कुलपति ने कहा कि नए पाठ्यक्रमों, मेडिकल और पैरामेडिकल शिक्षा के विस्तार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित पढ़ाई, स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने के साथ आईपीयू दिल्ली को शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ज्ञात हो कि इस विश्वविद्यालय में 85 फीसद सीटें दिल्ली से कक्षा 12वीं उत्तीर्ण करने वाले छात्रों के लिए आरक्षित हैं। जबकि 15 फीसद सीटें देश के अन्य राज्यों के छात्रों के लिए हैं।
*गुयाना में बनेगा आईपीयू का अंतरराष्ट्रीय कैंपस*
आईपीयू का बड़ा शैक्षणिक विस्तार, गुयाना में बनेगा अंतरराष्ट्रीय कैंपस 2026–27 सत्र में 25 नए पाठ्यक्रम, नौ नए संस्थान होंगे संबद्ध गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (आईपीयू) शैक्षणिक सत्र 2026–27 में बड़े स्तर पर अकादमिक विस्तार की तैयारी कर रहा है। विश्वविद्यालय करीब 25 नए शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू करने, नौ नए संस्थानों को संबद्ध करने और गुयाना (दक्षिण अमेरिका) में एक ऑफ-शोर अंतरराष्ट्रीय कैंपस स्थापित करने का प्रस्ताव लेकर आगे बढ़ रहा है। संस्थान प्रबंधन, इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, क्लीनिकल साइकोलॉजी, फिजियोथेरेपी और मास कम्युनिकेशन जैसे क्षेत्रों में नए स्नातक व परास्नातक पाठ्यक्रम शुरू कर रहा है। मेडिकल और पैरामेडिकल शिक्षा में आयुष, डेंटल, सुपर-स्पेशियलिटी और पब्लिक हेल्थ से जुड़े नए पाठ्यक्रम प्रस्तावित संस्थान 9 नए संस्थान को जोड़ रहा है। जिसके माध्यम से नर्सिंग, प्रबंधन, हृदय रोग, कैंसर, टीबी एवं श्वसन रोग और नेत्र चिकित्सा से जुड़े कुल नौ सरकारी व स्ववित्तपोषित संस्थान आईपीयू से संबद्ध होंगे।
गुयाना में आईपीयू का ऑफ-शोर कैंपस आईपीयू ने कोऑपरेटिव रिपब्लिक ऑफ गुयाना में अंतरराष्ट्रीय ऑफ-शोर कैंपस स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है प्रस्ताव गुयाना सरकार के शिक्षा मंत्रालय को सौंपा गया है। यह पहल भारत-गुयाना शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करेगी। कैंपस में शिक्षक शिक्षा, प्रबंधन अध्ययन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, रोबोटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी पर विशेष फोकस किया गया है। स्नातक, परास्नातक, डिप्लोमा और कौशल आधारित कार्यक्रम संचालित होंगे। यहां पढ़ाई और परीक्षा हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन व ऑफलाइन) में होंगी। फैकल्टी और छात्र विनिमय, संयुक्त शोध और क्षमता निर्माण कार्यक्रम भी प्रस्तावित किया गया है। गुयाना सरकार द्वारा आधारभूत ढांचे में सहयोग करेगी।

विशेष संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

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