नई दिल्ली, 23 जनवरी 2026 (यूटीएन)। इंडियन गोल्फ प्रीमियर लीग (आईजीपीएल) ने गुरुवार को एक नया ‘गोल्फ ग्रोथ इनिशिएटिव’ शुरू किया। इस कार्यक्रम के जरिए दिग्गज टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस ने अब अपना ध्यान गोल्फ की ओर करते हुए विभिन्न खेलों में ओलंपिक चैंपियनों को तैयार करने का लक्ष्य बनाया है। अठारह बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन पेस ने देश में उभरती गोल्फ प्रतिभाओं को विकसित करने के लिए इंडियन गोल्फ यूनियन (आईजीयू), ‘प्रोफेशनल गोल्फर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (पीजीएआई) और ‘द गोल्फ फाउंडेशन’ (टीजीफ) के साथ साझेदारी की है। जो भारतीय गोल्फ खिलाडियों की अगली पीढ़ी को तैयार करने की दिशा में एक अहम पहल है। दिल्ली गोल्फ क्लब में पेस की मौजूदगी में शुरू की गई इस पहल के तहत गोल्फ को सीधे स्कूलों और खेल मैदानों तक ले जाया जाएगा ताकि प्रतिभाओं का दायरा व्यापक बनाया जा सके। इस कार्यक्रम में पूरे गोल्फ पारिस्थितिक तंत्र को शामिल किया गया है इस महत्वाकांक्षी प्रोग्राम में सीनियर गोल्फ लीजेंड जीव मिल्खा सिंह, ज्योति रंधावा, शिव कपूर, गगनजीत भुल्लर, एसएसपी चौरसिया और गौरव घेई की मेंटरशिप शामिल है।
सात ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने वाले इकलौते भारतीय टेनिस खिलाड़ी पेस का लक्ष्य अगले 10 वर्षों में देशभर में विभिन्न खेलों के लिए 10 अकादमियां स्थापित करना है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे लिए खेलों में उत्कृष्टता का मतलब अपनी विरासत बनाना है। मैं दो ओलंपियनों के परिवार से आता हूं, इसलिए मुझे पता है कि ओलंपियन कैसे तैयार किए जाते हैं। मैं गोल्फ सहित सभी खेलों में ओलंपिक आंदोलन को आगे बढ़ाना चाहता हूं। मैंने 18 ग्रैंड स्लैम जीते है और गोल्फ में भी 18 होल है, यही वजह है कि इस खेल ने मुझे आकर्षित किया।” पेस ने बताया कि उन्होंने भविष्य के ओलंपियनों को तैयार करने के लिए भुवनेश्वर में फ्लाइंग मैन अकादमी शुरू की है, जिसमें फिलहाल एक लाख बच्चे प्रशिक्षण ले रहे हैं। इनमें 40 हजार आदिवासी बच्चे, 40 हजार फीस देने वाले और 20 हजार अंतरराष्ट्रीय बच्चे शामिल हैं।
उन्होंने कहा, “मेरा लक्ष्य ओलंपिक चैंपियन तैयार करना है।” गोल्फ में अपनी रुचि पर बात करते हुए पेस ने कहा कि उनका सपना इस खेल को आम लोगों तक पहुंचाना और मजबूत जमीनी ढांचा तैयार करना है। उन्होंने कहा, “मैं गोल्फ में अकादमियां, ‘ड्राइविंग रेंज’ और गोल्फ कोर्स बनाना चाहता हूं और इस खेल को दूसरे और तीसरे दर्जे के शहरों और गांवों तक ले जाना चाहता हूं, क्योंकि हमारे ज्यादातर ओलंपिक चैंपियन वहीं से निकलते हैं।” इस कार्यक्रम के तहत गोल्फ को सीधे स्कूलों और खेल के मैदानों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि देश के हर हिस्से से बच्चे और युवा इस खेल को सीख सकें। आईजीपीएल का लक्ष्य भारत को भविष्य में बेहतर और शानदार गोल्फर देना है, जो वैश्विक स्तर पर देश का नाम रोशन करें। आईजीपीएल ने इस वर्ष गुड़गांव, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में विश्व स्तरीय ट्रेनिंग सुविधाएं देने की घोषणा की है। ये केंद्र उभरते टैलेंट की पहचान करने के साथ उन्हें प्रोफेशनल-ग्रेड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करेगा।
इस मौके पर भारत के पूर्व टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस ने कहा, “मुझे आईजीपीएल और गोल्फ के इतने महान दिग्गजों के साथ साझेदारी करके बहुत गर्व हो रहा है।” जीव मिल्खा सिंह ने कहा, “मेरा मानना है कि एएमईटी, आईजीयू और पीजीए के साथ टाई-अप करके आईजीपीएल जो कर रहा है, वह बस शुरुआत है। लोगों के लिए इसे पहचानना बहुत जरूरी है। अगर हम जमीनी स्तर तक नहीं पहुंचते हैं, तो गोल्फ का कोई भविष्य नहीं है। मैं 35 से ज्यादा वर्षों से प्रोफेशनल गोल्फर हूं, लेकिन सबसे जरूरी बात यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों को सही मौके मिलें। यहां एक मिक्स्ड सेक्शन है। मेरा मानना है कि हमारे पास एक बहुत अच्छा मौका है। आईजीपीएल, एक प्लेटफॉर्म के तौर पर, लड़कों, लड़कियों और जूनियर्स को एक साथ खेलने का मौका देता है। यह सच में कमाल का है। खुद पर विश्वास रखें, ऊंचे स्टैंडर्ड सेट करें, कड़ी मेहनत करें, और आप जीवन में वह हासिल करेंगे जो आप चाहते हैं।
ज्योति रंधावा ने कहा, “युवाओं को गोल्फ खेलने के लिए तैयार करना ही आईजीपीएल का मकसद है। आईजीपीएल का हिस्सा बनकर, हम युवा खिलाड़ियों को उनका खेल बेहतर बनाने में मदद कर रहे हैं, जो हमारा मुख्य उद्देश्य है। मेरा मानना है कि अगले दो या तीन वर्षों में जैसे-जैसे यह प्लेटफॉर्म डेवलप होगा, इसे और भी ज्यादा गति मिलेगी। गगनजीत सिंह भुल्लर ने कहा, “मुझे लगता है कि यह बहुत बेहतरीन मंच होगा। मैं 2024 पेरिस ओलंपिक का हिस्सा था। वहां अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के बाद, अगर मुझे अगली बार मौका मिलता है, तो मैं निश्चित रूप से इसके लिए कड़ी मेहनत करूंगा। ओलंपिक परफॉर्मेंस का बेंचमार्क है, और जो कोई भी वहां अपने देश का प्रतिनिधित्व करता है, वह एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन हासिल कर चुका होता है। मैं फिर से अपने देश का प्रतिनिधित्व करना चाहूंगा और उम्मीद है कि एक दिन मेडल जीतूंगा।
विशेष संवाददाता, (प्रदीप जैन)।


