Thursday, January 22, 2026

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सीबीएसई स्कूलों में कम से कम 2000 वर्ग मीटर का खेल मैदान अनिवार्य

स्कूल से अधिकतम 200 मीटर की दूरी पर होनी चाहिए और स्टूडेंट्स को किसी व्यस्त मुख्य सड़क या राष्ट्रीय राजमार्ग को पार ना करना पड़े।

नई दिल्ली, 20 जनवरी 2026 (यूटीएन)। सीबीएसई से जुड़ी मान्यता के लिए भूमि आवश्यकता को लेकर बोर्ड ने बड़ा संशोधन किया है। सीबीएसई के मुताबिक, पुराने प्रावधानों को समाप्त कर नया क्लॉज लागू किया गया है, जिसमें विभिन्न शहरों और क्षेत्रों के लिए भूमि की न्यूनतम सीमा तय की गई है। सभी सीबीएसई स्कूलों में कम से कम 2000 वर्ग मीटर का खेल मैदान अनिवार्य होगा। जिन स्कूलों की भूमि 6000 वर्ग मीटर से कम है, उन्हें या तो परिसर के भीतर यह व्यवस्था करनी होगी या फिर नजदीकी स्कूल, कॉलेज, स्टेडियम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स या सार्वजनिक पार्क के साथ कम से कम 15 वर्षों का लिखित समझौता करना होगा।
यह सुविधा स्कूल से अधिकतम 200 मीटर की दूरी पर होनी चाहिए और स्टूडेंट्स को किसी व्यस्त मुख्य सड़क या राष्ट्रीय राजमार्ग को पार ना करना पड़े। स्कूल बिल्डिंग की ऊंचाई और कवर एरिया संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के बिल्डिंग बायलॉज के अनुसार होगा।
*सीबीएसई ने अलग अलग क्षेत्रों के लिए तय किए अलग मानक*
सीबीएसई ने मेट्रो शहरों, राज्य की राजधानियों, पहाड़ी क्षेत्रों, पूर्वोत्तर राज्यों और विशेष श्रेणी के शहरों के लिए अलग-अलग भूमि मानक तय किए हैं। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता जैसे महानगरों में सेकेंडरी स्कूल के लिए न्यूनतम 1600 वर्ग मीटर और सीनियर सेकेंडरी स्कूल के लिए 2400-3200 वर्ग मीटर भूमि का प्रावधान किया गया है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप जैसे क्षेत्रों में विशेष छूट दी गई है। सीबीएसई ने साफ किया.
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)। 

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सीबीएसई स्कूलों में कम से कम 2000 वर्ग मीटर का खेल मैदान अनिवार्य

स्कूल से अधिकतम 200 मीटर की दूरी पर होनी चाहिए और स्टूडेंट्स को किसी व्यस्त मुख्य सड़क या राष्ट्रीय राजमार्ग को पार ना करना पड़े।

नई दिल्ली, 20 जनवरी 2026 (यूटीएन)। सीबीएसई से जुड़ी मान्यता के लिए भूमि आवश्यकता को लेकर बोर्ड ने बड़ा संशोधन किया है। सीबीएसई के मुताबिक, पुराने प्रावधानों को समाप्त कर नया क्लॉज लागू किया गया है, जिसमें विभिन्न शहरों और क्षेत्रों के लिए भूमि की न्यूनतम सीमा तय की गई है। सभी सीबीएसई स्कूलों में कम से कम 2000 वर्ग मीटर का खेल मैदान अनिवार्य होगा। जिन स्कूलों की भूमि 6000 वर्ग मीटर से कम है, उन्हें या तो परिसर के भीतर यह व्यवस्था करनी होगी या फिर नजदीकी स्कूल, कॉलेज, स्टेडियम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स या सार्वजनिक पार्क के साथ कम से कम 15 वर्षों का लिखित समझौता करना होगा।
यह सुविधा स्कूल से अधिकतम 200 मीटर की दूरी पर होनी चाहिए और स्टूडेंट्स को किसी व्यस्त मुख्य सड़क या राष्ट्रीय राजमार्ग को पार ना करना पड़े। स्कूल बिल्डिंग की ऊंचाई और कवर एरिया संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के बिल्डिंग बायलॉज के अनुसार होगा।
*सीबीएसई ने अलग अलग क्षेत्रों के लिए तय किए अलग मानक*
सीबीएसई ने मेट्रो शहरों, राज्य की राजधानियों, पहाड़ी क्षेत्रों, पूर्वोत्तर राज्यों और विशेष श्रेणी के शहरों के लिए अलग-अलग भूमि मानक तय किए हैं। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता जैसे महानगरों में सेकेंडरी स्कूल के लिए न्यूनतम 1600 वर्ग मीटर और सीनियर सेकेंडरी स्कूल के लिए 2400-3200 वर्ग मीटर भूमि का प्रावधान किया गया है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप जैसे क्षेत्रों में विशेष छूट दी गई है। सीबीएसई ने साफ किया.
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)। 

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