नई दिल्ली, 5 जनवरी 2026 (यूटीएन)। 14 जनवरी के बाद केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और बीजेपी संगठन में बहुत बड़े फेरबदल की सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है। सूत्रों की मानें तो बीजेपी के सभी केंद्रीय पदाधिकारियों से कहा गया है कि अब से वो राजधानी में ही डेरा डाल लें। बीजेपी में शुरू हुई इस गतिविधि से ठीक पहले ऐसी जानकारियां भी आई हैं कि पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन आरएसएस से जुड़े विभिन्न संगठनों के साथ व्यापक स्तर पर बैठकें शुरू करने वाले हैं। सूत्रों का कहना है कि आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले ही सरकार और पार्टी संगठन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
*संघ के संगठनों से मिलेंगे नितिन नबीन*
बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन जल्द ही आरएसएस से जुड़े विभिन्न संगठनों के साथ बैठकों का दौर शुरू करने वाले हैं। इसको लेकर सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि यह बैठकें मूल रूप से उन मुद्दों को सुलझाने के लिए होने वाली हैं, जो पिछले वर्षों में संघ के राजनीतिक संगठन बीजेपी और इसके अन्य संगठनों के बीच तालमेल को लेकर उठती रही हैं।
*बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष की संभावना पर मुहर!*
नितिन नबीन को अभी बीजेपी की पूर्ण जिम्मेदारी नहीं मिली है और राष्ट्रीय अध्यक्ष की भूमिका जेपी नड्डा ही निभा रहे हैं। ऐसे में आरएसएस को लेकर पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का यह पहला बहुत बड़ा असाइमेंट है। आरएसएस के करीब 36 अलग-अलग संगठन हैं और बताया जा रहा है कि यह बैठकें एक तरह से परिचयात्मक होने वाली हैं। मतलब यह नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की संभावनाओं पर एक बड़े मुहर की तरह है।
*बड़ी जिम्मेदारी से पहले इन संगठनों से तालमेल*
नबीन और संघ के संगठनों के बीच होने वाली बैठकों को लेकर पूरा एजेंडा और कार्यक्रम तय हो चुका है और बीजेपी की ओर से इसके लिए अलग-अलग संयोजकों की भी नियुक्ति कर दी गई है, जो भारतीय जनता पार्टी और उसके वैचारिक संगठन से जुड़े संघों के बीच में तालमेल बिठाए रखेंगे, ताकि संभावित नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपनी आने वाली बड़ी भूमिका को समझने का और बेहतर मौका मिल सके।
*20 जनवरी तक बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव!*
बीजेपी के एक भरोसेमंद सूत्र ने बताया है कि पार्टी की ओर से तमाम केंद्रीय पदाधिकारियों को अभी दिल्ली में ही रहने को कह दिया गया है। क्योंकि 14 जनवरी के बाद पार्टी के साथ-साथ केंद्र सरकार में बहुत ही बड़े बदलाव की संभावना है। जहां तक नितिन नबीन की औपचारिक तौर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर चुनने की बात है तो इसपर 20 जनवरी तक मुहर लग सकती है और पांच राज्य विधानसभा चुनाव पश्चिम बंगाल, असम, केरल,तमिलनाडु और पुडुचेरी- नए अध्यक्ष की अगुवाई में ही लड़े जाने की संभावना है।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।


