Thursday, January 1, 2026

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मन की बात: पीएम मोदी ने गिनाई 2025 में भारत की उपलब्धियां

'पुरुष क्रिकेट टीम ने आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी जीती तो महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार वर्ल्ड कप अपने नाम किया, भारत की बेटियों ने विमेंस ब्लाइंड वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रच दिया, एशिया कप टी-20 में भी तिरंगा शान से लहराया।

नई दिल्ली, 28 दिसंबर 2025 (यूटीएन)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के 129वे एपिसोड में प्रधानमंत्री ने देश की वर्ष 2025 की उपलब्धियों की चर्चा करने के साथ ही नए वर्ष 2026 की चुनौतियों, संभावनाओं, डेवलपमेंट पर भी चर्चा की। 
*भारत ने हर जगह अपनी मजबूत छाप छोड़ी
पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत करते कहा कि कुछ ही दिनों में साल 2026 दस्तक देने वाला है मन में पूरे एक साल की यादें घूम रही हैं। कई उपलब्धियां जिन्होंने देश को एक साथ जोड़ दिया। 2025 ने हमें कई ऐसे पल दिए जिससे हर भारतीय को गर्व महसूस दिया। देश की सुरक्षा से लेकर खेल के मैदान तक, विज्ञान की प्रयोगशालाओं से लेकर दुनिया के बड़े मंचों तक, भारत ने हर जगह अपनी मजबूत छाप छोड़ी।
*सुरक्षा से कोई समझौता नहीं*
पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा, ‘इस साल, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ हर भारतीय के लिए गर्व का प्रतीक बन गया। पूरी दुनिया ने देखा कि आज का भारत अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करता। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान दुनिया के हर कोने से भारत माता के प्रति प्यार और भक्ति की तस्वीरें सामने आईं। यही भावना तब भी देखने को मिली जब ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे हुए।
*खेल में उपलब्धियों का उल्लेख*
पीएम मोदी ने खेलों का उल्लेख करते हुए कहा, ‘पुरुष क्रिकेट टीम ने आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी जीती तो महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार वर्ल्ड कप अपने नाम किया। भारत की बेटियों ने विमेंस ब्लाइंड वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रच दिया। एशिया कप टी-20 में भी तिरंगा शान से लहराया।
*विज्ञान और अंतरिक्ष में क्या उपलब्धियां रहीं?*
प्रधानमंत्री ने विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में देश की उपलब्धियों का उल्लेख किया और  कहा, “भारत ने साइंस और स्पेस के क्षेत्र में भी बड़ी छलांग लगाई है। शुभांशु शुक्ला इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचने वाले पहले भारतीय बने। पर्यावरण सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी कई पहल भी 2025 में शुरू हुईं। भारत में अब चीतों की संख्या 30 से ज़्यादा हो गई है।
*कुंभ के आयोजन ने पूरी दुनिया को हैरान किया*
इस साल की शुरुआत में कुंभ के भव्य आयोजन का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कहा कि इस आयोजन ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। उन्होंने कहा, “2025 में आस्था, संस्कृति और भारत की अनोखी विरासत सब एक साथ देखने को मिलीं। साल की शुरुआत में प्रयागराज महाकुंभ के आयोजन ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। साल के आखिर में अयोध्या में राम मंदिर में झंडा फहराने की सेरेमनी ने हर भारतीय को गर्व से भर दिया।
*’यंग लीडर्स डायलॉग’में हिस्सा लूंगा*
मन की बात में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “कई युवा मुझसे पूछते हैं कि वे अपने आइडिया का प्रेजेंटेशन मुझे कैसे दे सकते हैं? युवाओं की इस जिज्ञासा का समाधान ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ है। अगले महीने की 12 तारीख को स्वामी विवेकानंद की जयंती के मौके पर ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ मनाया जाएगा। उसी दिन ‘यंग लीडर्स डायलॉग’ भी ऑर्गनाइज़ किया जाएगा, और मैं भी उसमें ज़रूर हिस्सा लूंगा। मुझे इस इवेंट का इंतज़ार है।
*तमिल सीखने पर खास ज़ोर
पीएम मोदी ने काशी तमिल संगमम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा “इस साल, वाराणसी में ‘काशी तमिल संगमम’ के दौरान, तमिल सीखने पर खास ज़ोर दिया गया। ‘तमिल सीखो-तमिल करकलम’ थीम के तहत, वाराणसी के 50 से ज़्यादा स्कूलों में खास कैंपेन चलाए गए।” पीएम मोदी ने कहा, “तमिल भाषा दुनिया की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक है। मुझे खुशी है कि आज देश के दूसरे हिस्सों में भी युवाओं और बच्चों में तमिल भाषा के प्रति एक नया आकर्षण दिख रहा है। यही भाषा की ताकत है। यही भारत की एकता है।
*एंटी बायोटिक दवाइयां पड़ रही कमजोर*
प्रधानमंत्री मोदी ने एंटी बायोटिक के कम होते असर को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आईसीएमआर की रिपोर्ट के मुताबिक बीमारियों के खिलाफ इसकी उपयोगिता कम हो रही है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हम भारतीयों के अंदर एंटी बायोटिक के उपयोग को लेकर उदासीनता है। हम बिना डॉक्टर की सलाह के भी यह दवाईयां खाने लगे हैं। पीएम ने आग्रह किया कि किसी भी तरह की दवाई डॉक्टर की सलाह के बिना न खाएं।
*दुबई में कन्नड़ भाषा सिखाने-पढ़ाने वाले परिवारों की सराहना की*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुबई में कन्नड़ भाषा सिखाने-पढ़ाने वाले परिवारों की सराहना करते हुए  कहा कि कन्नड़ परिवारों की पहल से एक हजार से ज्यादा बच्चे जुड़े हैं, जो गर्व की बात है। पीएम मोदी ने कहा कि “अपनी जड़ों से जुड़े रहने के ये प्रयास सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। दुनिया के अलग-अलग कोनों और वहां बसे भारतीय भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं।” उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “दुबई में रहने वाले कन्नड़ परिवारों ने खुद से एक जरूरी सवाल पूछा कि हमारे बच्चे ‘टेक-वर्ल्ड’ में आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन कहीं यह अपनी भाषा से दूर तो नहीं हो रहे हैं? यहीं से ‘कन्नड़ा पाठशाले’ का जन्म हुआ। यह एक ऐसा प्रयास है, जहां बच्चों को ‘कन्नड़’ पढ़ाना, सीखना, लिखना और बोलना सिखाया जाता है।
पीएम मोदी ने फिजी में भी भारतीय भाषा और संस्कृति के प्रसार के लिए एक पहल को सराहा। उन्होंने बताया कि फिजी में नई पीढ़ी को तमिल भाषा से जोड़ने के लिए कई स्तरों पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले महीने फिजी के राकी-राकी इलाके में वहां के एक स्कूल में पहली बार तमिल दिवस मनाया गया। उस दिन बच्चों को एक ऐसा मंच मिला, जहां उन्होंने अपनी भाषा पर खुले दिल से गौरव व्यक्त किया। बच्चों ने तमिल में कविताएं सुनाई, भाषण दिए और अपनी संस्कृति को पूरे आत्मविश्वास के साथ मंच पर उतारा। बता दें कि इससे पहले 30 नवंबर को मन की बात के 128 वें एपिसोड का प्रसारण किया गया था। पीएम मोदी ने इस  अंतरिक्ष निर्माण से लेकर कृषि तक विभिन्न क्षेत्रों में हाल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के युवाओं की लगन ‘विकसित भारत’ की सबसे बड़ी शक्ति है।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

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मन की बात: पीएम मोदी ने गिनाई 2025 में भारत की उपलब्धियां

'पुरुष क्रिकेट टीम ने आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी जीती तो महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार वर्ल्ड कप अपने नाम किया, भारत की बेटियों ने विमेंस ब्लाइंड वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रच दिया, एशिया कप टी-20 में भी तिरंगा शान से लहराया।

नई दिल्ली, 28 दिसंबर 2025 (यूटीएन)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के 129वे एपिसोड में प्रधानमंत्री ने देश की वर्ष 2025 की उपलब्धियों की चर्चा करने के साथ ही नए वर्ष 2026 की चुनौतियों, संभावनाओं, डेवलपमेंट पर भी चर्चा की। 
*भारत ने हर जगह अपनी मजबूत छाप छोड़ी
पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत करते कहा कि कुछ ही दिनों में साल 2026 दस्तक देने वाला है मन में पूरे एक साल की यादें घूम रही हैं। कई उपलब्धियां जिन्होंने देश को एक साथ जोड़ दिया। 2025 ने हमें कई ऐसे पल दिए जिससे हर भारतीय को गर्व महसूस दिया। देश की सुरक्षा से लेकर खेल के मैदान तक, विज्ञान की प्रयोगशालाओं से लेकर दुनिया के बड़े मंचों तक, भारत ने हर जगह अपनी मजबूत छाप छोड़ी।
*सुरक्षा से कोई समझौता नहीं*
पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा, ‘इस साल, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ हर भारतीय के लिए गर्व का प्रतीक बन गया। पूरी दुनिया ने देखा कि आज का भारत अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करता। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान दुनिया के हर कोने से भारत माता के प्रति प्यार और भक्ति की तस्वीरें सामने आईं। यही भावना तब भी देखने को मिली जब ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे हुए।
*खेल में उपलब्धियों का उल्लेख*
पीएम मोदी ने खेलों का उल्लेख करते हुए कहा, ‘पुरुष क्रिकेट टीम ने आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी जीती तो महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार वर्ल्ड कप अपने नाम किया। भारत की बेटियों ने विमेंस ब्लाइंड वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रच दिया। एशिया कप टी-20 में भी तिरंगा शान से लहराया।
*विज्ञान और अंतरिक्ष में क्या उपलब्धियां रहीं?*
प्रधानमंत्री ने विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में देश की उपलब्धियों का उल्लेख किया और  कहा, “भारत ने साइंस और स्पेस के क्षेत्र में भी बड़ी छलांग लगाई है। शुभांशु शुक्ला इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचने वाले पहले भारतीय बने। पर्यावरण सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी कई पहल भी 2025 में शुरू हुईं। भारत में अब चीतों की संख्या 30 से ज़्यादा हो गई है।
*कुंभ के आयोजन ने पूरी दुनिया को हैरान किया*
इस साल की शुरुआत में कुंभ के भव्य आयोजन का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कहा कि इस आयोजन ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। उन्होंने कहा, “2025 में आस्था, संस्कृति और भारत की अनोखी विरासत सब एक साथ देखने को मिलीं। साल की शुरुआत में प्रयागराज महाकुंभ के आयोजन ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। साल के आखिर में अयोध्या में राम मंदिर में झंडा फहराने की सेरेमनी ने हर भारतीय को गर्व से भर दिया।
*’यंग लीडर्स डायलॉग’में हिस्सा लूंगा*
मन की बात में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “कई युवा मुझसे पूछते हैं कि वे अपने आइडिया का प्रेजेंटेशन मुझे कैसे दे सकते हैं? युवाओं की इस जिज्ञासा का समाधान ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ है। अगले महीने की 12 तारीख को स्वामी विवेकानंद की जयंती के मौके पर ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ मनाया जाएगा। उसी दिन ‘यंग लीडर्स डायलॉग’ भी ऑर्गनाइज़ किया जाएगा, और मैं भी उसमें ज़रूर हिस्सा लूंगा। मुझे इस इवेंट का इंतज़ार है।
*तमिल सीखने पर खास ज़ोर
पीएम मोदी ने काशी तमिल संगमम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा “इस साल, वाराणसी में ‘काशी तमिल संगमम’ के दौरान, तमिल सीखने पर खास ज़ोर दिया गया। ‘तमिल सीखो-तमिल करकलम’ थीम के तहत, वाराणसी के 50 से ज़्यादा स्कूलों में खास कैंपेन चलाए गए।” पीएम मोदी ने कहा, “तमिल भाषा दुनिया की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक है। मुझे खुशी है कि आज देश के दूसरे हिस्सों में भी युवाओं और बच्चों में तमिल भाषा के प्रति एक नया आकर्षण दिख रहा है। यही भाषा की ताकत है। यही भारत की एकता है।
*एंटी बायोटिक दवाइयां पड़ रही कमजोर*
प्रधानमंत्री मोदी ने एंटी बायोटिक के कम होते असर को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आईसीएमआर की रिपोर्ट के मुताबिक बीमारियों के खिलाफ इसकी उपयोगिता कम हो रही है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हम भारतीयों के अंदर एंटी बायोटिक के उपयोग को लेकर उदासीनता है। हम बिना डॉक्टर की सलाह के भी यह दवाईयां खाने लगे हैं। पीएम ने आग्रह किया कि किसी भी तरह की दवाई डॉक्टर की सलाह के बिना न खाएं।
*दुबई में कन्नड़ भाषा सिखाने-पढ़ाने वाले परिवारों की सराहना की*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुबई में कन्नड़ भाषा सिखाने-पढ़ाने वाले परिवारों की सराहना करते हुए  कहा कि कन्नड़ परिवारों की पहल से एक हजार से ज्यादा बच्चे जुड़े हैं, जो गर्व की बात है। पीएम मोदी ने कहा कि “अपनी जड़ों से जुड़े रहने के ये प्रयास सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। दुनिया के अलग-अलग कोनों और वहां बसे भारतीय भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं।” उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “दुबई में रहने वाले कन्नड़ परिवारों ने खुद से एक जरूरी सवाल पूछा कि हमारे बच्चे ‘टेक-वर्ल्ड’ में आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन कहीं यह अपनी भाषा से दूर तो नहीं हो रहे हैं? यहीं से ‘कन्नड़ा पाठशाले’ का जन्म हुआ। यह एक ऐसा प्रयास है, जहां बच्चों को ‘कन्नड़’ पढ़ाना, सीखना, लिखना और बोलना सिखाया जाता है।
पीएम मोदी ने फिजी में भी भारतीय भाषा और संस्कृति के प्रसार के लिए एक पहल को सराहा। उन्होंने बताया कि फिजी में नई पीढ़ी को तमिल भाषा से जोड़ने के लिए कई स्तरों पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले महीने फिजी के राकी-राकी इलाके में वहां के एक स्कूल में पहली बार तमिल दिवस मनाया गया। उस दिन बच्चों को एक ऐसा मंच मिला, जहां उन्होंने अपनी भाषा पर खुले दिल से गौरव व्यक्त किया। बच्चों ने तमिल में कविताएं सुनाई, भाषण दिए और अपनी संस्कृति को पूरे आत्मविश्वास के साथ मंच पर उतारा। बता दें कि इससे पहले 30 नवंबर को मन की बात के 128 वें एपिसोड का प्रसारण किया गया था। पीएम मोदी ने इस  अंतरिक्ष निर्माण से लेकर कृषि तक विभिन्न क्षेत्रों में हाल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के युवाओं की लगन ‘विकसित भारत’ की सबसे बड़ी शक्ति है।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

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