Sunday, August 31, 2025

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झुंझनू के छोटे गांव से रायसीना हिल्स तक जगदीप धनखड़ का सफर

जगदीप धनखड़ एक प्रख्यात वकील और पश्चिम बंगाल के पूर्व-राज्यपाल भी रह चुके हैं, बता दें कि धनखड़ को छह अगस्त को उपराष्ट्रपति के रूप में चुना गया था।

नई दिल्ली, 22 जुलाई 2025 (यूटीएन)। 11 अगस्त 2022 में भारत के 14वें उपराष्ट्रपति बने जगदीप धनखड़ ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इसके पीछे स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है। जगदीप धनखड़ एक प्रख्यात वकील और पश्चिम बंगाल के पूर्व-राज्यपाल भी रह चुके हैं। बता दें कि धनखड़ को छह अगस्त को उपराष्ट्रपति के रूप में चुना गया था। जगदीप धनखड़ ने विपक्ष की मार्गरेट अल्वा के खिलाफ जीत हासिल की थी।
*जगदीप धनखड़ का राजनीतिक सफर*
जगदीप धनखड़ ने अपनी राजनीति की शुरुआत जनता दल से की थी। 1989 में झुंझुनू से सांसद बने। पहली बार सांसद चुने जाने पर ही उन्हें बड़ा इनाम मिला। 1989 से 1991 तक वीपी सिंह और चंद्रशेखर की सरकार में उन्हें केंद्रीय मंत्री भी बनाया गया था। हालांकि, जब 1991 में हुए लोकसभा चुनावों में जनता दल ने जगदीप धनखड़ का टिकट काट दिया तो वह पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए और अजमेर के किशनगढ से कांग्रेस पार्टी के टिकट पर 1993 में चुनाव लड़ा और विधायक बने। 2003 में उनका कांग्रेस से मोहभंग हुआ और वे कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए।
*पश्चिम बंगाल के राज्यपाल भी बने*
तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 30 जुलाई 2019 को जगदीप धनखड़ को पश्चिम बंगाल का 28वां राज्यपाल नियुक्त किया था। जिसके बाद से वे उपराष्ट्रपति पद के लिए चुने जाने तक उस पद पर बने रहे।
*जगदीप धनखड़ का बचपन और पढ़ाई*
जगदीप धनखड़ का जन्म 18 मई 1951 को राजस्थान के झुंझनू जिले के किठाना में हुआ था। पिता का नाम गोकल चंद और मां का नाम केसरी देवी है। जगदीप अपने चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर आते हैं। शुरुआती पढ़ाई गांव किठाना के ही सरकारी माध्यमिक विद्यालय से हुई। गांव से पांचवीं तक की पढ़ाई के बाद उनका दाखिला गरधाना के सरकारी मिडिल स्कूल में हुआ। इसके बाद उन्होंने चित्तौड़गढ़ के सैनिक स्कूल में भी पढ़ाई की। 12वीं के बाद उन्होंने भौतिकी में स्नातक किया। इसके बाद राजस्थान विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई पूरी की।
12वीं के बाद धनखड़ का चयन आईआईटी और फिर एनडीए के लिए भी हुआ था, लेकिन नहीं गए। स्नातक के बाद उन्होंने देश की सबसे बड़ी सिविल सर्विसेज परीक्षा भी पास कर ली थी। हालांकि, आईएएस बनने की बजाय उन्होंने वकालत का पेशा चुना। उन्होंने अपनी वकालत की शुरुआत भी राजस्थान हाईकोर्ट से की थी। वे राजस्थान बार काउसिंल के चेयरमैन भी रहे थे।
*जगदीप धनखड़ का व्यक्तिगत विवरण*
नाम- जगदीप धनखड़
जन्म- 18 मई, 1951
पिता- गोकल चंद
माता- केसरी देवी
पत्नी- डॉ. सुदेश धनखड़
जन्म स्थान- किठाना, झुंझुनू, राजस्थान
जगदीप धनखड़ एक खेल प्रेमी भी हैं। वे राजस्थान ओलंपिक संघ और राजस्थान टेनिस संघ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। जगदीप धनखड़ को संगीत सुनना और यात्रा करने का शौक है। उन्होंने अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, इटली, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, चीन, हांगकांग, सिंगापुर समेत कई देशों की यात्रा की है।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

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झुंझनू के छोटे गांव से रायसीना हिल्स तक जगदीप धनखड़ का सफर

जगदीप धनखड़ एक प्रख्यात वकील और पश्चिम बंगाल के पूर्व-राज्यपाल भी रह चुके हैं, बता दें कि धनखड़ को छह अगस्त को उपराष्ट्रपति के रूप में चुना गया था।

नई दिल्ली, 22 जुलाई 2025 (यूटीएन)। 11 अगस्त 2022 में भारत के 14वें उपराष्ट्रपति बने जगदीप धनखड़ ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इसके पीछे स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है। जगदीप धनखड़ एक प्रख्यात वकील और पश्चिम बंगाल के पूर्व-राज्यपाल भी रह चुके हैं। बता दें कि धनखड़ को छह अगस्त को उपराष्ट्रपति के रूप में चुना गया था। जगदीप धनखड़ ने विपक्ष की मार्गरेट अल्वा के खिलाफ जीत हासिल की थी।
*जगदीप धनखड़ का राजनीतिक सफर*
जगदीप धनखड़ ने अपनी राजनीति की शुरुआत जनता दल से की थी। 1989 में झुंझुनू से सांसद बने। पहली बार सांसद चुने जाने पर ही उन्हें बड़ा इनाम मिला। 1989 से 1991 तक वीपी सिंह और चंद्रशेखर की सरकार में उन्हें केंद्रीय मंत्री भी बनाया गया था। हालांकि, जब 1991 में हुए लोकसभा चुनावों में जनता दल ने जगदीप धनखड़ का टिकट काट दिया तो वह पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए और अजमेर के किशनगढ से कांग्रेस पार्टी के टिकट पर 1993 में चुनाव लड़ा और विधायक बने। 2003 में उनका कांग्रेस से मोहभंग हुआ और वे कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए।
*पश्चिम बंगाल के राज्यपाल भी बने*
तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 30 जुलाई 2019 को जगदीप धनखड़ को पश्चिम बंगाल का 28वां राज्यपाल नियुक्त किया था। जिसके बाद से वे उपराष्ट्रपति पद के लिए चुने जाने तक उस पद पर बने रहे।
*जगदीप धनखड़ का बचपन और पढ़ाई*
जगदीप धनखड़ का जन्म 18 मई 1951 को राजस्थान के झुंझनू जिले के किठाना में हुआ था। पिता का नाम गोकल चंद और मां का नाम केसरी देवी है। जगदीप अपने चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर आते हैं। शुरुआती पढ़ाई गांव किठाना के ही सरकारी माध्यमिक विद्यालय से हुई। गांव से पांचवीं तक की पढ़ाई के बाद उनका दाखिला गरधाना के सरकारी मिडिल स्कूल में हुआ। इसके बाद उन्होंने चित्तौड़गढ़ के सैनिक स्कूल में भी पढ़ाई की। 12वीं के बाद उन्होंने भौतिकी में स्नातक किया। इसके बाद राजस्थान विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई पूरी की।
12वीं के बाद धनखड़ का चयन आईआईटी और फिर एनडीए के लिए भी हुआ था, लेकिन नहीं गए। स्नातक के बाद उन्होंने देश की सबसे बड़ी सिविल सर्विसेज परीक्षा भी पास कर ली थी। हालांकि, आईएएस बनने की बजाय उन्होंने वकालत का पेशा चुना। उन्होंने अपनी वकालत की शुरुआत भी राजस्थान हाईकोर्ट से की थी। वे राजस्थान बार काउसिंल के चेयरमैन भी रहे थे।
*जगदीप धनखड़ का व्यक्तिगत विवरण*
नाम- जगदीप धनखड़
जन्म- 18 मई, 1951
पिता- गोकल चंद
माता- केसरी देवी
पत्नी- डॉ. सुदेश धनखड़
जन्म स्थान- किठाना, झुंझुनू, राजस्थान
जगदीप धनखड़ एक खेल प्रेमी भी हैं। वे राजस्थान ओलंपिक संघ और राजस्थान टेनिस संघ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। जगदीप धनखड़ को संगीत सुनना और यात्रा करने का शौक है। उन्होंने अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, इटली, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, चीन, हांगकांग, सिंगापुर समेत कई देशों की यात्रा की है।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

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