मथुरा,23 नवंबर 2025 (यूटीएन)। हार्ट अटैक की गंभीरता को देखने के बाद स्टाफ को टेनेक्टेप्लेस इंजेक्शन लगाने को निर्धारित करेगा। मरीज को कैसे इंजेक्शन लगाना है, कैसे इसे सुरक्षित रखना है, इसके बारे में भी जानकारी दी। इंजेक्शन लगने के बाद मरीज को 108 नंबर एंबुलेंस से एसएन में भर्ती कराया जाएगा। हार्ट अटैक के बाद जल्दी इंजेक्शन लग जाने से 80 फीसदी मरीजों की जान बच जाती है। एसएन के हृदय रोग विभाग के डॉ. सौरभ नागर ने बताया कि पहले 50 एमएल की वाइल को डायलूट कर हर मिनट में एक एमएल मात्रा लगाई जाती थी।
इससे इंजेक्शन लगाने में 40-50 मिनट का समय लगता था। इसमें ऐसा कुछ करने की जरूरत नहीं है और 10 सेकंड में इंजेक्शन लग जाता है। हार्ट अटैक के मरीजों को सीएचसी एवं जिला अस्पताल में भी जीवन रक्षक इंजेक्शन नि शुल्क लगेगा। ईसीजी से इंजेक्शन लगने तक में केवल 10 मिनट लगेगा। निजी अस्पतालों में इसकी कीमत करीब 40 हजार रुपये है। अगले महीने से सीएचसी पर भी यह सुविधा मिलने लगेगी। एसएन मेडिकल कॉलेज में पांच जिलों के सीएचसी और जिला अस्पताल स्टाफ को इसका प्रशिक्षण दिया गया है।
मथुरा, फिरोजाबाद, एटा और हाथरस के सीएचसी, जिला अस्पताल के 100 चिकित्सकीय स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया। इसमें सीने में दर्द की शिकायत लेकर आए मरीज की ईसीजी करने की जानकारी दी। स्टाफ ईसीजी की रिपोर्ट को एसएन के हृदय रोग विशेषज्ञों को व्हाट्सएप करेंगे। इसके लिए विशेषज्ञों का व्हाट्सएप ग्रुप भी बना दिया है।


