Saturday, August 30, 2025

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कॉक्लियर इंप्लांट योजना ,6 लाख तक की आर्थिक सहयोग राशि से 5 वर्ष तक के श्रवण बाधित बच्चों को मिलता है लाभ

दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग द्वारा संचालित सरकार की यह योजना उन परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो आर्थिक तंगी के कारण महंगे उपचार का खर्च उठाने में असमर्थ रहते हैं।

बागपत,21 अगस्त 2025 (यूटीएन)। जीवन की कठिनाइयों पर विजय पाने और उम्मीदों को नई उड़ान देने वाली कहानी है हसनपुर जिवानी, विकास खंड बड़ौत के छोटे से मासूम सिफान पुत्र मुकीम की। जन्म से गंभीर श्रवण बाधित सिफान का चयन दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी कॉक्लियर इंप्लांट योजना के लिए हुआ है। इस योजना की बदौलत अब उसके जीवन में भी ध्वनियों की मधुर दुनिया लौटने जा रही है।

दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग द्वारा संचालित सरकार की यह योजना उन परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो आर्थिक तंगी के कारण महंगे उपचार का खर्च उठाने में असमर्थ रहते हैं। इस योजना के तहत 05 वर्ष से कम आयु के श्रवण बाधित बच्चों को कॉक्लियर इंप्लांट के लिए ₹6 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। सिफान का चयन न सिर्फ उसके परिवार के लिए राहत है, बल्कि पूरे गांव के लिए प्रेरणादायक संदेश है कि, सही अवसर व सहयोग मिलने पर हर चुनौती को मात दी जा सकती है। जल्द ही सिफान का कॉक्लियर इंप्लांट होने से सिफान के जीवन में मुस्कराहट लौटेगी।

बता दें कि, कॉक्लियर इंप्लांट एक आधुनिक उपकरण है जो परंपरागत श्रवण यंत्रों से बिल्कुल अलग काम करता है। जहां सामान्य श्रवण यंत्र सिर्फ आवाज को बढ़ाते हैं, वहीं कॉक्लियर इंप्लांट सीधे श्रवण तंत्रिका को उत्तेजित कर ध्वनि को मस्तिष्क तक पहुंचाता है। इस प्रणाली में कान के पीछे लगाया गया साउंड प्रोसेसर, त्वचा के नीचे लगाया गया रिसीवर और आंतरिक कान में लगाए गए इलेक्ट्रोड मिलकर काम करते हैं। यही प्रक्रिया गंभीर रूप से श्रवण बाधित बच्चों के जीवन में नई रोशनी और नई उम्मीद जगाती है।

जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कहा कि, मुख्यमंत्री और राज्य सरकार की यह योजना उन बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए महत्वपूर्ण कदम है, जो जन्म से ध्वनि सुनने में असमर्थ होते हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि जिले के किसी भी पात्र परिवार को योजना की जानकारी से वंचित न रखा जाए और सभी आवेदन समय पर निस्तारित किए जाएं।कहा कि सिफान जैसे बच्चों की जिंदगी में बदलाव आना ही इस योजना की सबसे बड़ी सफलता है।

जिले में यदि कोई और परिवार अपने श्रवण बाधित बच्चों को इस योजना का लाभ दिलाना चाहता है, तो वे विकास भवन, प्रथम तल, कक्ष संख्या 2 स्थित दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग में संपर्क कर आवेदन की प्रक्रिया, आवश्यक कागजात और पात्रता मानदंड के संबंध में पूरी जानकारी ले सकते है।

स्टेट ब्यूरो,( डॉ योगेश कौशिक ) |

International

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कॉक्लियर इंप्लांट योजना ,6 लाख तक की आर्थिक सहयोग राशि से 5 वर्ष तक के श्रवण बाधित बच्चों को मिलता है लाभ

दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग द्वारा संचालित सरकार की यह योजना उन परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो आर्थिक तंगी के कारण महंगे उपचार का खर्च उठाने में असमर्थ रहते हैं।

बागपत,21 अगस्त 2025 (यूटीएन)। जीवन की कठिनाइयों पर विजय पाने और उम्मीदों को नई उड़ान देने वाली कहानी है हसनपुर जिवानी, विकास खंड बड़ौत के छोटे से मासूम सिफान पुत्र मुकीम की। जन्म से गंभीर श्रवण बाधित सिफान का चयन दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी कॉक्लियर इंप्लांट योजना के लिए हुआ है। इस योजना की बदौलत अब उसके जीवन में भी ध्वनियों की मधुर दुनिया लौटने जा रही है।

दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग द्वारा संचालित सरकार की यह योजना उन परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो आर्थिक तंगी के कारण महंगे उपचार का खर्च उठाने में असमर्थ रहते हैं। इस योजना के तहत 05 वर्ष से कम आयु के श्रवण बाधित बच्चों को कॉक्लियर इंप्लांट के लिए ₹6 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। सिफान का चयन न सिर्फ उसके परिवार के लिए राहत है, बल्कि पूरे गांव के लिए प्रेरणादायक संदेश है कि, सही अवसर व सहयोग मिलने पर हर चुनौती को मात दी जा सकती है। जल्द ही सिफान का कॉक्लियर इंप्लांट होने से सिफान के जीवन में मुस्कराहट लौटेगी।

बता दें कि, कॉक्लियर इंप्लांट एक आधुनिक उपकरण है जो परंपरागत श्रवण यंत्रों से बिल्कुल अलग काम करता है। जहां सामान्य श्रवण यंत्र सिर्फ आवाज को बढ़ाते हैं, वहीं कॉक्लियर इंप्लांट सीधे श्रवण तंत्रिका को उत्तेजित कर ध्वनि को मस्तिष्क तक पहुंचाता है। इस प्रणाली में कान के पीछे लगाया गया साउंड प्रोसेसर, त्वचा के नीचे लगाया गया रिसीवर और आंतरिक कान में लगाए गए इलेक्ट्रोड मिलकर काम करते हैं। यही प्रक्रिया गंभीर रूप से श्रवण बाधित बच्चों के जीवन में नई रोशनी और नई उम्मीद जगाती है।

जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कहा कि, मुख्यमंत्री और राज्य सरकार की यह योजना उन बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए महत्वपूर्ण कदम है, जो जन्म से ध्वनि सुनने में असमर्थ होते हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि जिले के किसी भी पात्र परिवार को योजना की जानकारी से वंचित न रखा जाए और सभी आवेदन समय पर निस्तारित किए जाएं।कहा कि सिफान जैसे बच्चों की जिंदगी में बदलाव आना ही इस योजना की सबसे बड़ी सफलता है।

जिले में यदि कोई और परिवार अपने श्रवण बाधित बच्चों को इस योजना का लाभ दिलाना चाहता है, तो वे विकास भवन, प्रथम तल, कक्ष संख्या 2 स्थित दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग में संपर्क कर आवेदन की प्रक्रिया, आवश्यक कागजात और पात्रता मानदंड के संबंध में पूरी जानकारी ले सकते है।

स्टेट ब्यूरो,( डॉ योगेश कौशिक ) |

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