Saturday, August 30, 2025

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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा पंचायत अधिकारियों को जलवायु परिवर्तन के प्रभाव संबंधी प्रशिक्षण

बदलते मौसम, बढ़ते तापमान और प्रदूषण किस तरह ग्रामीण जीवन और जनस्वास्थ्य को प्रभावित कर रहे हैं तथा इनसे बचाव के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।

खेकड़ा 13 अगस्त 2025 (यूटीएन)। जलवायु परिवर्तन के बढ़ते खतरे और उसके मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए खंड विकास कार्यालय खेकड़ा में बुधवार को विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पंचायती राज विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को विस्तार से जानकारी दी गई कि, बदलते मौसम, बढ़ते तापमान और प्रदूषण किस तरह ग्रामीण जीवन और जनस्वास्थ्य को प्रभावित कर रहे हैं तथा इनसे बचाव के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।

प्रशिक्षण के दौरान जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ सुरुचि ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का असर सिर्फ पर्यावरण पर ही नहीं, बल्कि सीधेसीधे मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। उन्होंने मलेरिया, डेंगू, सांस संबंधी बीमारियों और लू जैसे खतरों के प्रति सतर्क रहने की अपील की।

सीएचसी अधीक्षक डॉ ताहिर ने बताया कि गांव-गांव में स्वच्छता, स्वच्छ पेयजल और पौष्टिक आहार के महत्व को समझाकर बीमारी का जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है। बीपीएम रुपेन्द्र शर्मा ने स्वास्थ्य सेवाओं में समयबद्ध हस्तक्षेप और पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियानों को जरूरी बताया। प्रशिक्षण में एडीओ, ग्राम पंचायत अधिकारी, सचिव सहित विभाग के अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।इस दौरान अधिकारियों ने जलवायु परिवर्तन से संभावित खतरे से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास और जनसहयोग पर जोर दिया।

स्टेट ब्यूरो,( डॉ योगेश कौशिक ) |

International

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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा पंचायत अधिकारियों को जलवायु परिवर्तन के प्रभाव संबंधी प्रशिक्षण

बदलते मौसम, बढ़ते तापमान और प्रदूषण किस तरह ग्रामीण जीवन और जनस्वास्थ्य को प्रभावित कर रहे हैं तथा इनसे बचाव के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।

खेकड़ा 13 अगस्त 2025 (यूटीएन)। जलवायु परिवर्तन के बढ़ते खतरे और उसके मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए खंड विकास कार्यालय खेकड़ा में बुधवार को विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पंचायती राज विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को विस्तार से जानकारी दी गई कि, बदलते मौसम, बढ़ते तापमान और प्रदूषण किस तरह ग्रामीण जीवन और जनस्वास्थ्य को प्रभावित कर रहे हैं तथा इनसे बचाव के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।

प्रशिक्षण के दौरान जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ सुरुचि ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का असर सिर्फ पर्यावरण पर ही नहीं, बल्कि सीधेसीधे मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। उन्होंने मलेरिया, डेंगू, सांस संबंधी बीमारियों और लू जैसे खतरों के प्रति सतर्क रहने की अपील की।

सीएचसी अधीक्षक डॉ ताहिर ने बताया कि गांव-गांव में स्वच्छता, स्वच्छ पेयजल और पौष्टिक आहार के महत्व को समझाकर बीमारी का जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है। बीपीएम रुपेन्द्र शर्मा ने स्वास्थ्य सेवाओं में समयबद्ध हस्तक्षेप और पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियानों को जरूरी बताया। प्रशिक्षण में एडीओ, ग्राम पंचायत अधिकारी, सचिव सहित विभाग के अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।इस दौरान अधिकारियों ने जलवायु परिवर्तन से संभावित खतरे से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास और जनसहयोग पर जोर दिया।

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