Saturday, August 30, 2025

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केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र,अंबेडकर तीर्थ स्थल की मुफ्त यात्रा योजना का दिया सुझाव

सरकार द्वारा किए गए प्रयासों से ये तीर्थस्थल अब एक शानदार भ्रमण स्थल के साथ-साथ प्रेरणा स्थल के रूप में भी विकसित हो चुके हैं,परंतु आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए इन स्थलों का दर्शन अब भी व्यवहार्य नहीं है।

बागपत,03 अगस्त 2025 (यूटीएन)। केंद्रीय मंत्री व रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ जयंत सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर सुझाव दिया है कि,संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ अंबेडकर के जीवन की प्रमुख घटनाओं से जुड़े स्थलों को तीर्थ मानते हुए उनके भ्रमण के लिए मुफ्त तीर्थ यात्रा की सुविधा दी जाए।

अपने पत्र में केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने लिखा कि, भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर हमारे संविधान के निर्माता और वंचितों के उत्थान के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले महान व्यक्तित्व थे। उनका जीवन और विचार समस्त राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत हैं। लोगों की डॉ अम्बेडकर के प्रति सम्मान और अगाध प्रेम की भावना ने उनके जीवन से जुड़े स्थलों को तीर्थस्थल बना दिया है।

सरकार द्वारा किए गए प्रयासों से ये तीर्थस्थल अब एक शानदार भ्रमण स्थल के साथ-साथ प्रेरणा स्थल के रूप में भी विकसित हो चुके हैं,परंतु आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए इन स्थलों का दर्शन अब भी व्यवहार्य नहीं है। अतः उनकी सहायता के लिए ‘अंबेडकर तीर्थ स्थल यात्रा योजना’ नाम से एक योजना का प्रस्ताव है, जिसमें बाबा साहब अंबेडकर के जीवन से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों के दर्शन और भ्रमण को वंचित समूह के लोगों के लिए सुलभ बनाया जा सकता है।

इस योजना के अंतर्गत डॉ भीमराव अंबेडकर के जीवन से जुड़े ‘पंचतीर्थों में महू-जन्मभूमि, लंदन-शिक्षा भूमि, दिल्ली-महापरिनिर्वाण स्थल, नागपुर दीक्षा भूमि और मुंबई-चैत्य भूमि के भ्रमण का प्रावधान किया जा सकता है। यह यात्रा पूरी तरह निःशुल्क होगी ताकि धन संबंधी कठिनाइयों के कारण कोई व्यक्ति दर्शन के अवसर से वंचित न रहे। इसके लिए एक पारदर्शी और सरल चयन प्रक्रिया विकसित की जा सकती है जिसमें आयु योग्यता और अन्य सामाजिक मानदंडों को ध्यान में रखा जा सकता है।

रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि, मेरा मानना है इस योजना से लोगों में अपनी विरासत के प्रति गहरा सम्मान व लगाव पैदा होगा और उन्हें डॉ अंबेडकर के सिद्धांतों और समतामूलक समाज के निर्माण में उनके दूरदर्शी विचारों को समझने में मदद मिलेगी। यह योजना न केवल सामाजिक समरसता को बढ़ावा देगी बल्कि डॉ अम्बेडकर के सपनों को साकार करने की दिशा में ठोस प्रयास सिद्ध होगा। साथ ही यह बाबा साहब के प्रति एक सच्ची श्रद्धांजलि भी होगी।

उत्तर प्रदेश देश का सर्वाधिक जनसंख्या वाला राज्य होने के साथ-साथ सामाजिक-राजनीतिक चेतना का महत्वपूर्ण केन्द्र है। यदि यहां से बाबा साहेब के जीवन-दर्शन को समर्पित ऐसी योजना प्रारंभ होती है ,तो वह न केवल राज्य के भीतर बल्कि समस्त देश में एक प्रेरणादायक प्रभाव डालेगी। मुझे विश्वास है कि आप इस योजना प्रस्ताव से सहमत होंगे। आपके सक्रिय सहयोग से ‘अंबेडकर तीर्थ स्थल यात्रा योजना’ को मूर्त रूप दिया जा सकता है ,जो प्रदेश के लोगों के लिए एक अभूतपूर्व एवं ऐतिहासिक पहल साबित होगी।

स्टेट ब्यूरो,( डॉ योगेश कौशिक ) |

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केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र,अंबेडकर तीर्थ स्थल की मुफ्त यात्रा योजना का दिया सुझाव

सरकार द्वारा किए गए प्रयासों से ये तीर्थस्थल अब एक शानदार भ्रमण स्थल के साथ-साथ प्रेरणा स्थल के रूप में भी विकसित हो चुके हैं,परंतु आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए इन स्थलों का दर्शन अब भी व्यवहार्य नहीं है।

बागपत,03 अगस्त 2025 (यूटीएन)। केंद्रीय मंत्री व रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ जयंत सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर सुझाव दिया है कि,संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ अंबेडकर के जीवन की प्रमुख घटनाओं से जुड़े स्थलों को तीर्थ मानते हुए उनके भ्रमण के लिए मुफ्त तीर्थ यात्रा की सुविधा दी जाए।

अपने पत्र में केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने लिखा कि, भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर हमारे संविधान के निर्माता और वंचितों के उत्थान के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले महान व्यक्तित्व थे। उनका जीवन और विचार समस्त राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत हैं। लोगों की डॉ अम्बेडकर के प्रति सम्मान और अगाध प्रेम की भावना ने उनके जीवन से जुड़े स्थलों को तीर्थस्थल बना दिया है।

सरकार द्वारा किए गए प्रयासों से ये तीर्थस्थल अब एक शानदार भ्रमण स्थल के साथ-साथ प्रेरणा स्थल के रूप में भी विकसित हो चुके हैं,परंतु आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए इन स्थलों का दर्शन अब भी व्यवहार्य नहीं है। अतः उनकी सहायता के लिए ‘अंबेडकर तीर्थ स्थल यात्रा योजना’ नाम से एक योजना का प्रस्ताव है, जिसमें बाबा साहब अंबेडकर के जीवन से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों के दर्शन और भ्रमण को वंचित समूह के लोगों के लिए सुलभ बनाया जा सकता है।

इस योजना के अंतर्गत डॉ भीमराव अंबेडकर के जीवन से जुड़े ‘पंचतीर्थों में महू-जन्मभूमि, लंदन-शिक्षा भूमि, दिल्ली-महापरिनिर्वाण स्थल, नागपुर दीक्षा भूमि और मुंबई-चैत्य भूमि के भ्रमण का प्रावधान किया जा सकता है। यह यात्रा पूरी तरह निःशुल्क होगी ताकि धन संबंधी कठिनाइयों के कारण कोई व्यक्ति दर्शन के अवसर से वंचित न रहे। इसके लिए एक पारदर्शी और सरल चयन प्रक्रिया विकसित की जा सकती है जिसमें आयु योग्यता और अन्य सामाजिक मानदंडों को ध्यान में रखा जा सकता है।

रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि, मेरा मानना है इस योजना से लोगों में अपनी विरासत के प्रति गहरा सम्मान व लगाव पैदा होगा और उन्हें डॉ अंबेडकर के सिद्धांतों और समतामूलक समाज के निर्माण में उनके दूरदर्शी विचारों को समझने में मदद मिलेगी। यह योजना न केवल सामाजिक समरसता को बढ़ावा देगी बल्कि डॉ अम्बेडकर के सपनों को साकार करने की दिशा में ठोस प्रयास सिद्ध होगा। साथ ही यह बाबा साहब के प्रति एक सच्ची श्रद्धांजलि भी होगी।

उत्तर प्रदेश देश का सर्वाधिक जनसंख्या वाला राज्य होने के साथ-साथ सामाजिक-राजनीतिक चेतना का महत्वपूर्ण केन्द्र है। यदि यहां से बाबा साहेब के जीवन-दर्शन को समर्पित ऐसी योजना प्रारंभ होती है ,तो वह न केवल राज्य के भीतर बल्कि समस्त देश में एक प्रेरणादायक प्रभाव डालेगी। मुझे विश्वास है कि आप इस योजना प्रस्ताव से सहमत होंगे। आपके सक्रिय सहयोग से ‘अंबेडकर तीर्थ स्थल यात्रा योजना’ को मूर्त रूप दिया जा सकता है ,जो प्रदेश के लोगों के लिए एक अभूतपूर्व एवं ऐतिहासिक पहल साबित होगी।

स्टेट ब्यूरो,( डॉ योगेश कौशिक ) |

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