नई दिल्ली, 15 अगस्त 2025 (यूटीएन)। सरकार बीएसएनएल के नेटवर्क को बढ़ावा देने के लिए 47,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजीगत व्यय योजना के साथ तैयार है। दूरसंचार विभाग ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। बीएसएनएल ने पिछले साल 4जी मोबाइल सेवाओं के लिए एक लाख टावर लगाने पर 25,000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। दूरसंचार विभाग ने केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के हवाले से कहा, “बीएसएनएल के लिए हमारे पास लगभग 47,000 करोड़ रुपये की एक और पूंजीगत व्यय योजना है। इस बीच, बीएसएनएल ने पिछले साल अब तक का सबसे ज़्यादा 25,000 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय किया है।
आईटी कंपनी टीसीएस और सी-डॉट के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने बीएसएनएल को दूरसंचार उपकरणों की आपूर्ति के लिए 25,000 करोड़ रुपये की परियोजना का अधिकांश हिस्सा हासिल किया था। सिंधिया ने सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल से अगले वर्ष में ग्राहकों को जोड़ने और अपने मोबाइल सेवा कारोबार को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने को कहा है। पिछले महीने बीएसएनएल के सर्किल और बिजनेस यूनिट प्रमुखों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान सिंधिया ने प्रत्येक यूनिट को एंटरप्राइज बिजनेस में 25-30 प्रतिशत और फिक्स्ड लाइन बिजनेस में न्यूनतम 15-20 प्रतिशत का इजाफा करने को कहा था। मंत्री ने बीएसएनएल से ग्राहकों की संतुष्टि और अधिक ग्राहक जोड़कर, प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (एआरपीयू) बढ़ाने का निर्देश भी दिया है।
यह किसी किसी भी दूरसंचार कंपनी के विकास का एक प्रमुख पैमाना है। बीएसएनएल का एपीआरयू अलग-अलग सर्किलों में अलग-अलग होता है। यह लगभग 40 रुपये से लेकर कुछ सर्किलों में 175 रुपये से अधिक तक भी होता है। देश की प्रमुख दूरसंचार कंपनियों की बात करें तो रिलायंस जियो ने जून तिमाही के लिए 208 रुपये का एआरपीयू हासिल किया। वहीं, एयरटेल ने 250 रुपये का एआरपीयू दर्ज किया।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।