नई दिल्ली, 01 फ़रवरी 2026 (यूटीएन)। ये बजट अपार अवसरों का राजमार्ग है. ये बजट 2047 के विकसित भारत की हमारी ऊंची उड़ान का आधार है.’ पीएम मोदी ने कहा, ‘इस बजट में मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई रफ्तार देने के लिए महत्वाकांक्षी रोडमैप प्रस्तुत किया गया है. इस बजट में एमएसएमई को, हमारे लघु और कुटीर उद्योगों को समर्थन मिला है, यह उन्हें लोकल से ग्लोबल बनने की नई ताकत देगा.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह बजट देश हित में है और इससे देश के विकास को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारत रीफार्म एक्सप्रेस पर सवार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि भारत जल्द ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है और यह बजट विकसित भारत के सपने का आधार है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बजट से एमएसएमई क्षेत्र को व्यापक समर्थन मिला है।
*यह युवा शक्ति बजट है’
पीएम मोदी ने कहा, ‘यह यु*वा शक्ति बजट है. इस बजट में जो प्रावधान किए गए हैं, उससे अलग-अलग सेक्टर्स में लीडर्स, इनोवेटर्स और क्रिएटर्स तैयार होंगे.
*’ये बजट अपार अवसरों का राजमार्ग है‘*
पीएम मोदी ने कहा, ‘ये बजट अपार अवसरों का राजमार्ग है. ये बजट 2047 के विकसित भारत की हमारी ऊंची उड़ान का आधार है.
*जल्द बनेंगे दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था*
ये बजट भारत की वैश्विक भूमिका को नए सिरे से सशक्त करता है। भारत के 140 करोड़ नागरिक सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनकर संतुष्ट नहीं हैं। हम जल्द से जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना चाहते हैं। ये करोड़ों देशवासियों का संकल्प है। दुनिया के एक भरोसेमंद लोकतांत्रिक साझेदार और विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
*केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2026-27 के केंद्रीय बजट को मंजूरी दी*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में रविवार को वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट को मंजूरी दे दी गई। यह बजट वैश्विक अनिश्चितताओं और निर्यात में शिथिलता के बीच पेश किया जा रहा है। यह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा बजट है। सीतारमण ने 2019 में पेश अपने पहले बजट में दशकों से बजट दस्तावेजों को ले जाने के लिए इस्तेमाल होने वाले चमड़े के ब्रीफकेस की परंपरा को तोड़ इसे टैबलेट में ले जाना शुरू किया था जिसे ‘लाल पाउच’ में रखा जाता है। इस साल का बजट भी कागज-रहित होगा।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना लगातार 9वां बजट पेश करके एक नया रिकॉर्ड बनाया। इस बार सभी की निगाहें बहुप्रतीक्षित सीमा शुल्क (Customs) सुधारों पर टिकी होंगी। सीतारमण ने 2019 में अपने पहले बजट में दशकों से चले आ रहे चमड़े के ब्रीफकेस की जगह लाल कपड़े में लिपटे पारंपरिक ‘बही-खाते’ को पेश किया था। पिछले चार वर्षों की तरह इस साल का बजट भी पेपरलेस (कागज रहित) रूप में होगा।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।


