Sunday, February 8, 2026

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बजट 2026- इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं: कैंसर की 17 दवाइयां कस्टम ड्यूटी फ्री, 3 आयुर्वेदिक एम्स; 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनेंगे

वित्त मंत्री ने भाषण में जियो-पॉलिटिक्स और चुनौतियों का जिक्र किया और देश का रक्षा बजट 6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया।

नई दिल्ली, 01 फ़रवरी 2026 (यूटीएन)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश कर दिया है। वे 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और आयुर्वेदिक एम्स जैसी नई बातें कही हैं। बजट भाषण में कोई सीधा चुनावी ऐलान भी नहीं था। वे लोकसभा में तमिलनाडु की प्रसिद्ध कांजीवरम साड़ी पहनकर पहुंचीं जरूर, लेकिन इसी साल होने वाले पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी चुनाव पर सीधा असर डालने वाली घोषणाएं नहीं कीं। वित्त मंत्री ने भाषण में जियो-पॉलिटिक्स और चुनौतियों का जिक्र किया और देश का रक्षा बजट 6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया। इसमें से ₹2.19 लाख करोड़ सैन्य बलों के आधुनिकीकरण पर खर्च किए जाएंगे। यह रकम पिछले साल ₹1.80 लाख करोड़ थी।
*बजट की 7 सबसे बड़ी घोषणाएं*
इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं। रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के लिए 3 महीने का ज्यादा समय दिया। यानी अब 31 दिसंबर के बदले 31 मार्च तक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल कर सकते हैं। 3 आयुर्वेदिक एम्स खोले जाने की घोषणा। मेडिकल टूरिज्म को बढ़ाने के लिए 5 मेडिकल हब भी बनेंगे। कैंसर की 17 दवाओं पर से आयात शुल्क हटाया। अभी 5% शुल्क लगता था। हीमोफीलिया, सिकल सेल और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाइयां भी ड्यूटी फ्री। 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा। इनमें मुंबई -पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलिगुड़ी। 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए ₹12.2 लाख करोड़ खर्च करने का ऐलान। 15 हजार सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्‍स बनाई जाएंगी। करीब 800 जिलों में लड़कियों के लिए हॉस्टल बनेंगे। हर जिले में एक हॉस्टल बनाया जाएगा।
*अब बजट को सेक्टर वाइज समझिए*
*1. इनकम टैक्स:* स्लैब में बदलाव नहीं, रिटर्न फाइलिंग के लिए 3 महीने एक्स्ट्रा इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं। रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के लिए 3 महीने का ज्यादा समय दिया। यानी अब 31 दिसंबर के बदले 31 मार्च तक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल कर सकते हैं। न्यू इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। फॉर्म रीडिजाइन किए गए हैं, ताकि आम लोग उसे आसानी से भर सकें।
*2. स्वास्थ्य:* कैंसर की दवाओं से कस्टम ड्यूटी हटेगी, इलाज सस्ता होगा कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटा दी गई है। ये एडवांस कैंसर की इंपोर्ट होने वाली दवाएं हैं। अभी 5% कस्टम ड्यूटी लगती थी। हीमोफिलिया, सिकल सेल और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाइयां भी ड्यूटी फ्री कर दी गई हैं।
*3. आयुर्वेद:* भारत को ग्लोबल बायो फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की तैयारी 3 आयुर्वेदिक एम्स बनाने का ऐलान किया गया है। आयुर्वेदिक दवाइयों की टेस्टिंग के नेशनल लैब्स बनाई जाएंगी। भारत को ग्लोबल लेवल पर बायोफार्मा प्रोडक्ट के उत्पादन का हब बनाया जाएगा। अगले पांच साल में एक लाख स्पेशलिस्ट हेल्थकेयर प्रोफेशनल तैयार होंगे। इसके लिए ₹10,000 करोड़ के निवेश करने की बात कही गई है।
*4. गर्ल्स एजुकेशन:* करीब 800 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल, हर जिले में एक हॉस्टल देश में 789 जिले हैं। हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने का ऐलान किया गया है। गर्ल स्टूडेंट्स के लिए स्टैम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) शिक्षा को विशेष प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
*5. महिलाएं:* लखपति दीदी मॉडल पर रोजगार और आय बढ़ाने की स्कीम लखपति दीदी की तर्ज पर महिला स्वयं सहायता समूह की उद्यमी महिलाओं के लिए शी-मार्ट (शी-मार्ट) बनाए जाएंगे। इन दुकानों को महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों के समुदाय ही चलाएंगे। यहां महिलाओं के बनाए खाद्य पदार्थ, हस्तशिल्प, कपड़े और स्थानीय उत्पाद सीधे बेचे जाएंगे। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और महिलाओं को अपने कारोबार पर मालिकाना हक मिलेगा।
*6. रेल-जलमार्ग और ग्रीन ट्रांसपोर्ट सेक्टर:* 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनेंगे शहरों के बीच 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे। ये मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-चेन्नई, हैदराबाद-बेंगलुरु, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी के बीच बनेंगे। अगले 5 साल में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग बनेंगे। बनारस और पटना में जहाज मरम्मत सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
*7. रक्षा बजट 16% बढ़ा: फोर्सेस के आधुनिकीकरण पर ₹2.19 लाख खर्च होंगे*
डिफेंस बजट के लिए ₹7.85 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसमें पिछले साल के ₹6.81 लाख करोड़ के मुकाबले 15.2% की बढ़ोतरी हुई है। कुल रकम में से सैन्य बलों के आधुनिकीकरण पर ₹2.19 लाख खर्च होंगे। पिछले साल यह ₹1.80 लाख करोड़ था।
विमान और एयरो इंजन डेवलपमेंट के लिए ₹64 हजार करोड़ और नौसेना बेड़े के लिए ₹25 हजार करोड़ रुपए दिए गए हैं। पेंशन के लिए ₹1.71 लाख करोड़ अलग रखे गए हैं।
*8. ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा:* बैटरी बनाने की मशीनों पर टैक्स छूट बढ़ी सरकार ने लिथियम-आयन बैटरी बनाने वाली मशीनों पर टैक्स छूट का दायरा बढ़ा दिया है। अब बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए इस्तेमाल होने वाले सामान पर भी ड्यूटी नहीं लगेगी। इससे इलेक्ट्रिक व्हीकल सस्ते होंगे। वहीं, सोलर ग्लास बनाने में इस्तेमाल होने वाले ‘सोडियम एंटीमोनेट’ पर भी ड्यूटी हटा दी गई है, जिससे देश में सोलर पैनल बनाना सस्ता होगा।
*9. खनिज:* रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाया जाएगा केरल, तमिलनाडु और ओडिशा में दुर्लभ खनिजों के लिए विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इसमें आंध्र प्रदेश को भी जोड़ा जाएगा ताकि खनिज संपन्न राज्यों को फायदा मिले। रेयर अर्थ मटेरियल का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मोटर बनाने में इस्तेमाल किया जाता है।
*10. खेती और पशु-मछली पालन:* आय और रोजगार के मौके बढ़ाने पर फोकस नारियल प्रोत्साहन योजना से करीब 3 करोड़ लोगों को जोड़ा जाएगा। मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए 500 तालाबों और अमृत सरोवरों का विकास किया जाएगा। पशुपालन के क्षेत्र में नए व्यवसायों को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि ज्यादा लोगों के लिए नौकरी और रोजगार के अवसर बनें। राज्यों के साथ मिलकर भारतीय चंदन उद्योग तंत्र को फिर से स्थापित किया जाएगा। काजू-कोको को 2030 तक दुनिया में पहचान दिलाने का टारगेट है।
*11. हैंडलूम कारीगरों की मदद:* नेशनल फाइबर स्कीम, खादी को प्रोत्साहन नेशनल हैंडलूम पॉलिसी से कारीगरों को प्रोत्साहन और मदद देने की तैयारी है। मेगा टेक्सटाइल पार्क बनाए जाएंगे। मैन मेड फाइबर का उत्पादन बढ़ेगा। एडवांस्ड फाइबर के लिए टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन का सिस्टम तैयार किया जाएगा। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज मिशन के तहत खादी को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोडक्शन, ट्रेनिंग और मार्केटिंग पर जोर होगा। वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट को बढ़ावा दिया जाएगा।
*12. पर्यटन:* 20 टूरिस्ट प्लेस पर 10 हजार गाइड्स ट्रेंड किए जाएंगे 20 प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर 10,हजार गाइड्स को ट्रेंनिंग दी जाएगी। इसके लिए पायलट योजना शुरू की जाएगी। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पर्यावरणीय रूप से ऐसे रास्ते बनाए जाएंगे जो ट्रेकिंग और हाइकिंग के लिए आसान हों।
*सरकार की कमाई, कर्ज और घाटे का पूरा हिसाब*
सरकारी कर्ज में कमी लाने का लक्ष्य सरकार ने लक्ष्य रखा है कि 2030-31 तक देश का कुल कर्ज, जीडीपी के 50% (±1) के बराबर लाया जाए। 2025-26 में यह कर्ज 56.1% था, जो अब 2026-27 में घटकर 55.6% रहने का अनुमान है। यह कर्ज कम होगा तो सरकार को ब्याज कम देना पड़ेगा, जिससे वो पैसा स्कूल, अस्पताल और सड़कों पर खर्च हो सकेगा।
राजकोषीय घाटा पिछली बार से कम हुआ राजकोषीय घाटा मतलब सरकार की कमाई और खर्च के बीच का अंतर। सरकार ने कहा है कि वह घाटे को जीडीपी के 4.5% से नीचे ले आई है। 2025-26 में यह घाटा 4.4% रहा, और अगले साल (2026-27) के लिए इसे और घटाकर 4.3% करने का लक्ष्य है।
पिछले साल (2025-26) का हिसाब किताब सरकार की कुल कमाई ₹34 लाख करोड़ रही। इसमें से ₹26.7 लाख करोड़ टैक्स से आए। वहीं कुल खर्च ₹49.6 लाख करोड़ रहा। पूंजीगत खर्च यानी लगभग ₹11 लाख करोड़ नए ब्रिज, हाईवे और इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में खर्च हुआ।
अगले साल (2026-27) का बजट प्लान सरकार ने ₹36.5 लाख करोड़ कुल कमाई का अनुमान है। जिसमें टैक्स से ₹28.7 लाख करोड़ आएंगे। वहीं लगभग ₹53.5 लाख करोड़ कुल खर्च रहने का अनुमान है।खर्च कमाई से ज्यादा है, इसलिए सरकार बाजार से ₹11.7 लाख करोड़ का उधार लेगी। बाकी पैसा छोटी बचत योजनाओं से आएगा।
*नारियल उत्पादन बढ़ाने के लिए संवर्धन योजना का प्रस्ताव*
सीतारमण ने कहा- नारियल उत्पादन में कॉम्पिटिशन को और बढ़ाने के लिए मैं एक नारियल संवर्धन योजना का प्रस्ताव करती हूं ताकि अलग-अलग तरीकों से उत्पादन बढ़ाया जा सके और उत्पादकता बेहतर हो सके। इसमें नारियल उगाने वाले मुख्य राज्यों में बेकार पेड़ों की जगह नई किस्म के पौधे लगाना शामिल है।
भारतीय काजू और कोको के लिए एक खास प्रोग्राम का प्रस्ताव है ताकि भारत कच्चे काजू और नारियल के उत्पादन और प्रोसेसिंग में आत्मनिर्भर बन सके, निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़े और 2030 तक भारतीय काजू और भारतीय कोको को प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड में बदला जा सके।
*मोटर एक्सीडेंट क्लैम की रकम को इनकम टैक्स से छूट‘*
टैक्स अनुमान – 34 लाख करोड़ का है।
कैपिटल एक्सपेंडिचर 12.2 लाख करोड़ और बजट एस्टीमेट कुल 36.5 लाख करोड़ का है।
न्यू इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा।
सिंपलीफाइड फॉर्म रीडिजाइन किए गए हैं, आम आदमी भर सके।
मोटर एक्सीडेंट क्लैम की रकम को इनकम टैक्स से छूट दी गई है।
ओवरसीज टूर प्रोग्राम पर 5% की जगह 2% टैक्स किया गया है।
एजुकेशन और मेडिकल पर्पज पर 5% की जगह 2% टैक्स किया गया है।
एम्पलॉइज हायरिंग सर्विस पर 1 से 2% टैक्स होगा।
20 लाख रुपए से कम की विदेश में इम्मूवेवल प्रॉपर्टी डिस्क्लोज करने पर पेनाल्टी नहीं।
*पूर्वोत्तर के 5 राज्यों में बौद्ध सर्किट बनाए जाएंगे*
मेडिकल टूरिज्म – भारत को मेडिकल टूरिज्म हब के तौर पर बढ़ावा देने के लिए, मैं राज्यों को देश में 5 रीजनल हब स्थापित करने में मदद करने के लिए एक योजना का प्रस्ताव करती हूं।
इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर सेंटर –
पूर्वोदय स्कीम – पूर्वोत्तर के 5 स्टेट में बौद्ध सर्किट – अरुणाचल, असम, सिक्किम, मिजोरम और त्रिपुरा में बनाया जाएगा।
राज्यों को मदद – 16वें फाइनेंस कमीशन की रिकमंडेशन स्वीकार की गईं। राज्यों को ग्रामीण और शहरी निकायों के डेवलपमेंट के लिए 1.4 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान
कर्ज को इकोनॉमी का 50 फीसदी के आसपास रखने का लक्ष्य – 2031 तक हासिल करेंगे।
राजकोषीय घाटे को जीडीपी का 4.5 परसेंट से नीचे रखने का लक्ष्य।
*आपके लिए क्या सस्ता हुआ, कहां पड़ी चपत?*
इस बजट के बाद कैंसर की दवाएं, कुछ मेडिकल उपकरण, न्यूक्लियर और ग्रीन एनर्जी से जुड़े सामान अपेक्षाकृत सस्ते हो सकते हैं. वहीं, फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग महंगी होगी और शेयर बायबैक पर टैक्स का बोझ बढ़ेगा. कुल मिलाकर सरकार ने कंजम्पशन बूस्ट से ज्यादा प्रोडक्टिव सेक्टर्स को सपोर्ट करने का रास्ता चुना है.
*क्या-क्या हुआ महंगा? *
बजट 2026 में मिनरल्स, स्क्रैप, शराब महंगे हुए हैं.
*क्या हुआ सस्ता?*
लेदर
कपड़ा
सिंथेटिक फुटवियर
विदेशी यात्रा
कैंसर की 17 दवाएं
माइक्रोवेव ओवन
जूते
एयरक्राफ्ट निर्माण से जुड़ी चीजें
ईवी बैटरी
शुगर की दवाएं
चमड़े और कपड़े का निर्यात
बायोगैस मिक्स्ड सीएनजी ये सारी चीजें सस्ती होंगी.
सोलर ग्लास
मिक्स्ड गैस सीएनजी
विमानों का ईंधन
*मिडिल क्लास के हाथ खाली, शेयर निवेशकों को भी झटका*
इस बजट में कई बड़े ऐलान नहीं किए गए हैं, जिसपर आम आदमी को उम्‍मीद थी कि ये बड़े ऐलान हो सकते हैं और उन्‍हें बड़ी राहत दी जा सकती है. आइए जानते हैं कौन-कौन से वो बड़े ऐलान हैं, जो आम आदमी को नहीं दिया गया है.
*इनकम टैक्‍स में छूट नहीं*
पिछले बजट में नए इकनम टैक्‍स रिजीम के तहत आम टैक्‍सपेयर्स को 12 लाख रुपये तक की सालाना कमाई पर ‘0’ टैक्‍स का ऐलान किया गया था, जिसकी लिमिट बढ़ाकर इस बार14 लाख रुपये तक किए जाने की उम्‍मीद थी, लेकिन सरकार ने इसमें कोई बदलाव नहीं किया है.
नए टैक्‍स रिजीम में छूट
नए टैक्‍स सिस्‍टम के तहत पीपीएफ, एनपीएस और ईएलएसएस जैसी योजनाओं में निवेश पर टैक्‍स छूट दिए जाने की उम्‍मीद की जा रही थी. लेकिन सरकार ने इसमें कोई बदलाव नहीं किया है. यह सिर्फ पुराने टैक्‍स रिजीम के तहत ही छूट के योग्‍य होंगे. ओल्‍ड टैक्‍स रिजीम में इन योजना में निवेश पर इनकम टैक्‍स की धारा 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्‍स छूट दी जाती है.
*किसानों के लिए नहीं हुआ ऐलान*
किसानों को उम्‍मीद थी कि पीएम किसान योजना का बजट बढाया जाएगा और इसको 6000 रुपये से बढ़ाकर 12000 रुपये कर दिया जाएगा, लेकिन इस बार के बजट में इसे नहीं बढ़ाया गया है. वहीं फसलों के एमएसपी को लेकर भी कोई बड़ा ऐलान नहीं किया गया है.
*सीनियर सिटीजन को छूट नहीं*
उम्‍मीद थी कि सीनियर सिटीजन के लिए कुछ बीमा योजना सपोर्ट और रेलवे ट्रेन टिकट में रियायतें दी जा सकती है , लेकिन बजट में सिर्फ रेल कोरिडोर का ही ऐलान किया गया है. वहीं सीनियर सिटीजन के लिए टीडीएस कटौती में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है.
*शेयर बाजार निवेशकों को भी झटका*
बजट में शेयर बाजार निवेशकों को बड़ा झटका दिया गया है. एफ एंड ओ ट्रेडर्स के लिए ट्रांजैक्‍शन चार्ज को बढ़ा दिया गया है. जबकि उम्‍मीद थी कि इसमें कटौती हो सकती है. वही लॉन्‍गटर्म कैपिटल गेन टैक्‍स और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्‍स में कोई बदलाव नहीं किया गया है. उम्‍मीद थी कि इसमें कटौती करके बड़ी रा‍हत निवेशकों को दी जा सकती है.
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

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बजट 2026- इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं: कैंसर की 17 दवाइयां कस्टम ड्यूटी फ्री, 3 आयुर्वेदिक एम्स; 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनेंगे

वित्त मंत्री ने भाषण में जियो-पॉलिटिक्स और चुनौतियों का जिक्र किया और देश का रक्षा बजट 6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया।

नई दिल्ली, 01 फ़रवरी 2026 (यूटीएन)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश कर दिया है। वे 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और आयुर्वेदिक एम्स जैसी नई बातें कही हैं। बजट भाषण में कोई सीधा चुनावी ऐलान भी नहीं था। वे लोकसभा में तमिलनाडु की प्रसिद्ध कांजीवरम साड़ी पहनकर पहुंचीं जरूर, लेकिन इसी साल होने वाले पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी चुनाव पर सीधा असर डालने वाली घोषणाएं नहीं कीं। वित्त मंत्री ने भाषण में जियो-पॉलिटिक्स और चुनौतियों का जिक्र किया और देश का रक्षा बजट 6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया। इसमें से ₹2.19 लाख करोड़ सैन्य बलों के आधुनिकीकरण पर खर्च किए जाएंगे। यह रकम पिछले साल ₹1.80 लाख करोड़ थी।
*बजट की 7 सबसे बड़ी घोषणाएं*
इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं। रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के लिए 3 महीने का ज्यादा समय दिया। यानी अब 31 दिसंबर के बदले 31 मार्च तक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल कर सकते हैं। 3 आयुर्वेदिक एम्स खोले जाने की घोषणा। मेडिकल टूरिज्म को बढ़ाने के लिए 5 मेडिकल हब भी बनेंगे। कैंसर की 17 दवाओं पर से आयात शुल्क हटाया। अभी 5% शुल्क लगता था। हीमोफीलिया, सिकल सेल और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाइयां भी ड्यूटी फ्री। 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा। इनमें मुंबई -पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलिगुड़ी। 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए ₹12.2 लाख करोड़ खर्च करने का ऐलान। 15 हजार सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्‍स बनाई जाएंगी। करीब 800 जिलों में लड़कियों के लिए हॉस्टल बनेंगे। हर जिले में एक हॉस्टल बनाया जाएगा।
*अब बजट को सेक्टर वाइज समझिए*
*1. इनकम टैक्स:* स्लैब में बदलाव नहीं, रिटर्न फाइलिंग के लिए 3 महीने एक्स्ट्रा इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं। रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के लिए 3 महीने का ज्यादा समय दिया। यानी अब 31 दिसंबर के बदले 31 मार्च तक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल कर सकते हैं। न्यू इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। फॉर्म रीडिजाइन किए गए हैं, ताकि आम लोग उसे आसानी से भर सकें।
*2. स्वास्थ्य:* कैंसर की दवाओं से कस्टम ड्यूटी हटेगी, इलाज सस्ता होगा कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटा दी गई है। ये एडवांस कैंसर की इंपोर्ट होने वाली दवाएं हैं। अभी 5% कस्टम ड्यूटी लगती थी। हीमोफिलिया, सिकल सेल और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाइयां भी ड्यूटी फ्री कर दी गई हैं।
*3. आयुर्वेद:* भारत को ग्लोबल बायो फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की तैयारी 3 आयुर्वेदिक एम्स बनाने का ऐलान किया गया है। आयुर्वेदिक दवाइयों की टेस्टिंग के नेशनल लैब्स बनाई जाएंगी। भारत को ग्लोबल लेवल पर बायोफार्मा प्रोडक्ट के उत्पादन का हब बनाया जाएगा। अगले पांच साल में एक लाख स्पेशलिस्ट हेल्थकेयर प्रोफेशनल तैयार होंगे। इसके लिए ₹10,000 करोड़ के निवेश करने की बात कही गई है।
*4. गर्ल्स एजुकेशन:* करीब 800 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल, हर जिले में एक हॉस्टल देश में 789 जिले हैं। हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने का ऐलान किया गया है। गर्ल स्टूडेंट्स के लिए स्टैम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) शिक्षा को विशेष प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
*5. महिलाएं:* लखपति दीदी मॉडल पर रोजगार और आय बढ़ाने की स्कीम लखपति दीदी की तर्ज पर महिला स्वयं सहायता समूह की उद्यमी महिलाओं के लिए शी-मार्ट (शी-मार्ट) बनाए जाएंगे। इन दुकानों को महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों के समुदाय ही चलाएंगे। यहां महिलाओं के बनाए खाद्य पदार्थ, हस्तशिल्प, कपड़े और स्थानीय उत्पाद सीधे बेचे जाएंगे। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और महिलाओं को अपने कारोबार पर मालिकाना हक मिलेगा।
*6. रेल-जलमार्ग और ग्रीन ट्रांसपोर्ट सेक्टर:* 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनेंगे शहरों के बीच 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे। ये मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-चेन्नई, हैदराबाद-बेंगलुरु, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी के बीच बनेंगे। अगले 5 साल में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग बनेंगे। बनारस और पटना में जहाज मरम्मत सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
*7. रक्षा बजट 16% बढ़ा: फोर्सेस के आधुनिकीकरण पर ₹2.19 लाख खर्च होंगे*
डिफेंस बजट के लिए ₹7.85 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसमें पिछले साल के ₹6.81 लाख करोड़ के मुकाबले 15.2% की बढ़ोतरी हुई है। कुल रकम में से सैन्य बलों के आधुनिकीकरण पर ₹2.19 लाख खर्च होंगे। पिछले साल यह ₹1.80 लाख करोड़ था।
विमान और एयरो इंजन डेवलपमेंट के लिए ₹64 हजार करोड़ और नौसेना बेड़े के लिए ₹25 हजार करोड़ रुपए दिए गए हैं। पेंशन के लिए ₹1.71 लाख करोड़ अलग रखे गए हैं।
*8. ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा:* बैटरी बनाने की मशीनों पर टैक्स छूट बढ़ी सरकार ने लिथियम-आयन बैटरी बनाने वाली मशीनों पर टैक्स छूट का दायरा बढ़ा दिया है। अब बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए इस्तेमाल होने वाले सामान पर भी ड्यूटी नहीं लगेगी। इससे इलेक्ट्रिक व्हीकल सस्ते होंगे। वहीं, सोलर ग्लास बनाने में इस्तेमाल होने वाले ‘सोडियम एंटीमोनेट’ पर भी ड्यूटी हटा दी गई है, जिससे देश में सोलर पैनल बनाना सस्ता होगा।
*9. खनिज:* रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाया जाएगा केरल, तमिलनाडु और ओडिशा में दुर्लभ खनिजों के लिए विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इसमें आंध्र प्रदेश को भी जोड़ा जाएगा ताकि खनिज संपन्न राज्यों को फायदा मिले। रेयर अर्थ मटेरियल का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मोटर बनाने में इस्तेमाल किया जाता है।
*10. खेती और पशु-मछली पालन:* आय और रोजगार के मौके बढ़ाने पर फोकस नारियल प्रोत्साहन योजना से करीब 3 करोड़ लोगों को जोड़ा जाएगा। मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए 500 तालाबों और अमृत सरोवरों का विकास किया जाएगा। पशुपालन के क्षेत्र में नए व्यवसायों को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि ज्यादा लोगों के लिए नौकरी और रोजगार के अवसर बनें। राज्यों के साथ मिलकर भारतीय चंदन उद्योग तंत्र को फिर से स्थापित किया जाएगा। काजू-कोको को 2030 तक दुनिया में पहचान दिलाने का टारगेट है।
*11. हैंडलूम कारीगरों की मदद:* नेशनल फाइबर स्कीम, खादी को प्रोत्साहन नेशनल हैंडलूम पॉलिसी से कारीगरों को प्रोत्साहन और मदद देने की तैयारी है। मेगा टेक्सटाइल पार्क बनाए जाएंगे। मैन मेड फाइबर का उत्पादन बढ़ेगा। एडवांस्ड फाइबर के लिए टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन का सिस्टम तैयार किया जाएगा। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज मिशन के तहत खादी को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोडक्शन, ट्रेनिंग और मार्केटिंग पर जोर होगा। वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट को बढ़ावा दिया जाएगा।
*12. पर्यटन:* 20 टूरिस्ट प्लेस पर 10 हजार गाइड्स ट्रेंड किए जाएंगे 20 प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर 10,हजार गाइड्स को ट्रेंनिंग दी जाएगी। इसके लिए पायलट योजना शुरू की जाएगी। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पर्यावरणीय रूप से ऐसे रास्ते बनाए जाएंगे जो ट्रेकिंग और हाइकिंग के लिए आसान हों।
*सरकार की कमाई, कर्ज और घाटे का पूरा हिसाब*
सरकारी कर्ज में कमी लाने का लक्ष्य सरकार ने लक्ष्य रखा है कि 2030-31 तक देश का कुल कर्ज, जीडीपी के 50% (±1) के बराबर लाया जाए। 2025-26 में यह कर्ज 56.1% था, जो अब 2026-27 में घटकर 55.6% रहने का अनुमान है। यह कर्ज कम होगा तो सरकार को ब्याज कम देना पड़ेगा, जिससे वो पैसा स्कूल, अस्पताल और सड़कों पर खर्च हो सकेगा।
राजकोषीय घाटा पिछली बार से कम हुआ राजकोषीय घाटा मतलब सरकार की कमाई और खर्च के बीच का अंतर। सरकार ने कहा है कि वह घाटे को जीडीपी के 4.5% से नीचे ले आई है। 2025-26 में यह घाटा 4.4% रहा, और अगले साल (2026-27) के लिए इसे और घटाकर 4.3% करने का लक्ष्य है।
पिछले साल (2025-26) का हिसाब किताब सरकार की कुल कमाई ₹34 लाख करोड़ रही। इसमें से ₹26.7 लाख करोड़ टैक्स से आए। वहीं कुल खर्च ₹49.6 लाख करोड़ रहा। पूंजीगत खर्च यानी लगभग ₹11 लाख करोड़ नए ब्रिज, हाईवे और इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में खर्च हुआ।
अगले साल (2026-27) का बजट प्लान सरकार ने ₹36.5 लाख करोड़ कुल कमाई का अनुमान है। जिसमें टैक्स से ₹28.7 लाख करोड़ आएंगे। वहीं लगभग ₹53.5 लाख करोड़ कुल खर्च रहने का अनुमान है।खर्च कमाई से ज्यादा है, इसलिए सरकार बाजार से ₹11.7 लाख करोड़ का उधार लेगी। बाकी पैसा छोटी बचत योजनाओं से आएगा।
*नारियल उत्पादन बढ़ाने के लिए संवर्धन योजना का प्रस्ताव*
सीतारमण ने कहा- नारियल उत्पादन में कॉम्पिटिशन को और बढ़ाने के लिए मैं एक नारियल संवर्धन योजना का प्रस्ताव करती हूं ताकि अलग-अलग तरीकों से उत्पादन बढ़ाया जा सके और उत्पादकता बेहतर हो सके। इसमें नारियल उगाने वाले मुख्य राज्यों में बेकार पेड़ों की जगह नई किस्म के पौधे लगाना शामिल है।
भारतीय काजू और कोको के लिए एक खास प्रोग्राम का प्रस्ताव है ताकि भारत कच्चे काजू और नारियल के उत्पादन और प्रोसेसिंग में आत्मनिर्भर बन सके, निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़े और 2030 तक भारतीय काजू और भारतीय कोको को प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड में बदला जा सके।
*मोटर एक्सीडेंट क्लैम की रकम को इनकम टैक्स से छूट‘*
टैक्स अनुमान – 34 लाख करोड़ का है।
कैपिटल एक्सपेंडिचर 12.2 लाख करोड़ और बजट एस्टीमेट कुल 36.5 लाख करोड़ का है।
न्यू इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा।
सिंपलीफाइड फॉर्म रीडिजाइन किए गए हैं, आम आदमी भर सके।
मोटर एक्सीडेंट क्लैम की रकम को इनकम टैक्स से छूट दी गई है।
ओवरसीज टूर प्रोग्राम पर 5% की जगह 2% टैक्स किया गया है।
एजुकेशन और मेडिकल पर्पज पर 5% की जगह 2% टैक्स किया गया है।
एम्पलॉइज हायरिंग सर्विस पर 1 से 2% टैक्स होगा।
20 लाख रुपए से कम की विदेश में इम्मूवेवल प्रॉपर्टी डिस्क्लोज करने पर पेनाल्टी नहीं।
*पूर्वोत्तर के 5 राज्यों में बौद्ध सर्किट बनाए जाएंगे*
मेडिकल टूरिज्म – भारत को मेडिकल टूरिज्म हब के तौर पर बढ़ावा देने के लिए, मैं राज्यों को देश में 5 रीजनल हब स्थापित करने में मदद करने के लिए एक योजना का प्रस्ताव करती हूं।
इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर सेंटर –
पूर्वोदय स्कीम – पूर्वोत्तर के 5 स्टेट में बौद्ध सर्किट – अरुणाचल, असम, सिक्किम, मिजोरम और त्रिपुरा में बनाया जाएगा।
राज्यों को मदद – 16वें फाइनेंस कमीशन की रिकमंडेशन स्वीकार की गईं। राज्यों को ग्रामीण और शहरी निकायों के डेवलपमेंट के लिए 1.4 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान
कर्ज को इकोनॉमी का 50 फीसदी के आसपास रखने का लक्ष्य – 2031 तक हासिल करेंगे।
राजकोषीय घाटे को जीडीपी का 4.5 परसेंट से नीचे रखने का लक्ष्य।
*आपके लिए क्या सस्ता हुआ, कहां पड़ी चपत?*
इस बजट के बाद कैंसर की दवाएं, कुछ मेडिकल उपकरण, न्यूक्लियर और ग्रीन एनर्जी से जुड़े सामान अपेक्षाकृत सस्ते हो सकते हैं. वहीं, फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग महंगी होगी और शेयर बायबैक पर टैक्स का बोझ बढ़ेगा. कुल मिलाकर सरकार ने कंजम्पशन बूस्ट से ज्यादा प्रोडक्टिव सेक्टर्स को सपोर्ट करने का रास्ता चुना है.
*क्या-क्या हुआ महंगा? *
बजट 2026 में मिनरल्स, स्क्रैप, शराब महंगे हुए हैं.
*क्या हुआ सस्ता?*
लेदर
कपड़ा
सिंथेटिक फुटवियर
विदेशी यात्रा
कैंसर की 17 दवाएं
माइक्रोवेव ओवन
जूते
एयरक्राफ्ट निर्माण से जुड़ी चीजें
ईवी बैटरी
शुगर की दवाएं
चमड़े और कपड़े का निर्यात
बायोगैस मिक्स्ड सीएनजी ये सारी चीजें सस्ती होंगी.
सोलर ग्लास
मिक्स्ड गैस सीएनजी
विमानों का ईंधन
*मिडिल क्लास के हाथ खाली, शेयर निवेशकों को भी झटका*
इस बजट में कई बड़े ऐलान नहीं किए गए हैं, जिसपर आम आदमी को उम्‍मीद थी कि ये बड़े ऐलान हो सकते हैं और उन्‍हें बड़ी राहत दी जा सकती है. आइए जानते हैं कौन-कौन से वो बड़े ऐलान हैं, जो आम आदमी को नहीं दिया गया है.
*इनकम टैक्‍स में छूट नहीं*
पिछले बजट में नए इकनम टैक्‍स रिजीम के तहत आम टैक्‍सपेयर्स को 12 लाख रुपये तक की सालाना कमाई पर ‘0’ टैक्‍स का ऐलान किया गया था, जिसकी लिमिट बढ़ाकर इस बार14 लाख रुपये तक किए जाने की उम्‍मीद थी, लेकिन सरकार ने इसमें कोई बदलाव नहीं किया है.
नए टैक्‍स रिजीम में छूट
नए टैक्‍स सिस्‍टम के तहत पीपीएफ, एनपीएस और ईएलएसएस जैसी योजनाओं में निवेश पर टैक्‍स छूट दिए जाने की उम्‍मीद की जा रही थी. लेकिन सरकार ने इसमें कोई बदलाव नहीं किया है. यह सिर्फ पुराने टैक्‍स रिजीम के तहत ही छूट के योग्‍य होंगे. ओल्‍ड टैक्‍स रिजीम में इन योजना में निवेश पर इनकम टैक्‍स की धारा 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्‍स छूट दी जाती है.
*किसानों के लिए नहीं हुआ ऐलान*
किसानों को उम्‍मीद थी कि पीएम किसान योजना का बजट बढाया जाएगा और इसको 6000 रुपये से बढ़ाकर 12000 रुपये कर दिया जाएगा, लेकिन इस बार के बजट में इसे नहीं बढ़ाया गया है. वहीं फसलों के एमएसपी को लेकर भी कोई बड़ा ऐलान नहीं किया गया है.
*सीनियर सिटीजन को छूट नहीं*
उम्‍मीद थी कि सीनियर सिटीजन के लिए कुछ बीमा योजना सपोर्ट और रेलवे ट्रेन टिकट में रियायतें दी जा सकती है , लेकिन बजट में सिर्फ रेल कोरिडोर का ही ऐलान किया गया है. वहीं सीनियर सिटीजन के लिए टीडीएस कटौती में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है.
*शेयर बाजार निवेशकों को भी झटका*
बजट में शेयर बाजार निवेशकों को बड़ा झटका दिया गया है. एफ एंड ओ ट्रेडर्स के लिए ट्रांजैक्‍शन चार्ज को बढ़ा दिया गया है. जबकि उम्‍मीद थी कि इसमें कटौती हो सकती है. वही लॉन्‍गटर्म कैपिटल गेन टैक्‍स और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्‍स में कोई बदलाव नहीं किया गया है. उम्‍मीद थी कि इसमें कटौती करके बड़ी रा‍हत निवेशकों को दी जा सकती है.
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

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