Thursday, January 15, 2026

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ऑपरेशन सिंदू के दौरान एनसीसी ने सराहनीय योगदान: उपराष्ट्रपति

दिल्ली छावनी में राष्ट्रीय कैडेट कोर के गणतंत्र दिवस शिविर 2026 में अपने संबोधन में उन्होंने ऑपरेशन के दौरान एनसीसी के प्रशंसनीय योगदान की भी सराहना की।

नई दिल्ली, 5 जनवरी 2026 (यूटीएन)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोमवार को सशस्त्र बलों की तरीफ करते हुए कहा कि पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से सशस्त्र बलों ने भारत को गौरवान्वित किया। उन्होंने सैन्य कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए दुनिया को देश के दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया। दिल्ली छावनी में राष्ट्रीय कैडेट कोर के गणतंत्र दिवस शिविर 2026 में अपने संबोधन में उन्होंने ऑपरेशन के दौरान एनसीसी के प्रशंसनीय योगदान की भी सराहना की।
*ऑपरेशन सिंदू के दौरान एनसीसी ने सराहनीय योगदान*
उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एनसीसी ने सराहनीय योगदान दिया, जब लगभग 72,000 एनसीसी कैडेट नागरिक सुरक्षा उपायों के लिए स्वेच्छा से सेवाएं देकर एनसीसी योद्धा बन गए।” अधिकारियों के अनुसार, इन कैडेटों ने आपातकालीन अभ्यास, रक्तदान शिविरों और अन्य नागरिक सुरक्षा संबंधी गतिविधियों में सहायता की। 7 मई, 2025 की सुबह भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया गया, जिसमें पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में कम से कम 100 आतंकवादियों को मार गिराया गया। पहलगाम हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की मौत हो गई थी।
*ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सशस्त्र बलों के लिए एक शक्तिशाली प्रतीक*
उपराष्ट्रपति ने कहा, “पिछले साल, हमारी सशस्त्र सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर को सफलतापूर्वक अंजाम देकर दुनिया को भारत के दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया, जिससे देश को गौरवान्वित किया।” आगे उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सशस्त्र बलों की राष्ट्र के सम्मान, संप्रभुता और उसके नागरिकों की रक्षा करने की अटूट प्रतिबद्धता का एक शक्तिशाली प्रतीक था।” इसके साथ ही उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने सोमवार को एनसीसी के गणतंत्र दिवस शिविर का औपचारिक रूप से उद्घाटन किया, जिसका समापन 28 जनवरी को प्रधानमंत्री की रैली के साथ होगा। देश भर से कुल 2,406 एनसीसी कैडेट, जिनमें 898 लड़कियां शामिल हैं, लगभग एक महीने तक चलने वाले इस शिविर में भाग ले रहे हैं।
अपने संबोधन में उन्होंने कैडेटों को केवल गणतंत्र दिवस शिविर में भाग लेने वाले नहीं, बल्कि एक नए भारत के राजदूत के रूप में वर्णित किया, जो 2047 तक एक ‘आत्मनिर्भर’ और मजबूत भारत, एक विकसित भारत के निर्माण में योगदान देंगे। उपराष्ट्रपति ने कहा, “आपमें से प्रत्येक में, मुझे एक विकसित भारत की मजबूत नींव दिखाई देती है, एक विकसित, समावेशी और आत्मविश्वासी देश की नींव दिखाई देती है।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक विकसित राष्ट्र के निर्माण की दिशा में एक परिवर्तनकारी यात्रा शुरू हो गई है। इसके केंद्र में आत्मनिर्भरता है, जो कुशल, अनुशासित और मूल्यों से प्रेरित युवाओं द्वारा संचालित आत्मनिर्भरता की भावना है।
*भारत को ऐसे युवाओं की जरूरत, जो साहसी होने के साथ दयालु भी हो*
उन्होंने कहा, “आज के तेजी से बदलते वैश्विक परिवेश में, भारत को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो साहसी होने के साथ-साथ दयालु भी हों, तकनीकी रूप से कुशल होने के साथ-साथ अच्छे मूल्यों में दृढ़ हों, चुनौतियों का सामना दृढ़ता से करें और अवसरों को आत्मविश्वास के साथ भुनाएं।
उन्होंने एनसीसी कैडेटों से कहा कि राष्ट्र की सेवा करने की उनकी एकता और अनुशासन की भावना नागरिकों के बीच बहुत आशा और आत्मविश्वास जगाती है। अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने कोर की प्रशंसा की और कहा कि एनसीसी एक बार फिर युवा विकास और राष्ट्र की प्रगति के एक नए युग में प्रवेश कर रहा है।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

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ऑपरेशन सिंदू के दौरान एनसीसी ने सराहनीय योगदान: उपराष्ट्रपति

दिल्ली छावनी में राष्ट्रीय कैडेट कोर के गणतंत्र दिवस शिविर 2026 में अपने संबोधन में उन्होंने ऑपरेशन के दौरान एनसीसी के प्रशंसनीय योगदान की भी सराहना की।

नई दिल्ली, 5 जनवरी 2026 (यूटीएन)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोमवार को सशस्त्र बलों की तरीफ करते हुए कहा कि पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से सशस्त्र बलों ने भारत को गौरवान्वित किया। उन्होंने सैन्य कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए दुनिया को देश के दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया। दिल्ली छावनी में राष्ट्रीय कैडेट कोर के गणतंत्र दिवस शिविर 2026 में अपने संबोधन में उन्होंने ऑपरेशन के दौरान एनसीसी के प्रशंसनीय योगदान की भी सराहना की।
*ऑपरेशन सिंदू के दौरान एनसीसी ने सराहनीय योगदान*
उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एनसीसी ने सराहनीय योगदान दिया, जब लगभग 72,000 एनसीसी कैडेट नागरिक सुरक्षा उपायों के लिए स्वेच्छा से सेवाएं देकर एनसीसी योद्धा बन गए।” अधिकारियों के अनुसार, इन कैडेटों ने आपातकालीन अभ्यास, रक्तदान शिविरों और अन्य नागरिक सुरक्षा संबंधी गतिविधियों में सहायता की। 7 मई, 2025 की सुबह भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया गया, जिसमें पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में कम से कम 100 आतंकवादियों को मार गिराया गया। पहलगाम हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की मौत हो गई थी।
*ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सशस्त्र बलों के लिए एक शक्तिशाली प्रतीक*
उपराष्ट्रपति ने कहा, “पिछले साल, हमारी सशस्त्र सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर को सफलतापूर्वक अंजाम देकर दुनिया को भारत के दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया, जिससे देश को गौरवान्वित किया।” आगे उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सशस्त्र बलों की राष्ट्र के सम्मान, संप्रभुता और उसके नागरिकों की रक्षा करने की अटूट प्रतिबद्धता का एक शक्तिशाली प्रतीक था।” इसके साथ ही उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने सोमवार को एनसीसी के गणतंत्र दिवस शिविर का औपचारिक रूप से उद्घाटन किया, जिसका समापन 28 जनवरी को प्रधानमंत्री की रैली के साथ होगा। देश भर से कुल 2,406 एनसीसी कैडेट, जिनमें 898 लड़कियां शामिल हैं, लगभग एक महीने तक चलने वाले इस शिविर में भाग ले रहे हैं।
अपने संबोधन में उन्होंने कैडेटों को केवल गणतंत्र दिवस शिविर में भाग लेने वाले नहीं, बल्कि एक नए भारत के राजदूत के रूप में वर्णित किया, जो 2047 तक एक ‘आत्मनिर्भर’ और मजबूत भारत, एक विकसित भारत के निर्माण में योगदान देंगे। उपराष्ट्रपति ने कहा, “आपमें से प्रत्येक में, मुझे एक विकसित भारत की मजबूत नींव दिखाई देती है, एक विकसित, समावेशी और आत्मविश्वासी देश की नींव दिखाई देती है।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक विकसित राष्ट्र के निर्माण की दिशा में एक परिवर्तनकारी यात्रा शुरू हो गई है। इसके केंद्र में आत्मनिर्भरता है, जो कुशल, अनुशासित और मूल्यों से प्रेरित युवाओं द्वारा संचालित आत्मनिर्भरता की भावना है।
*भारत को ऐसे युवाओं की जरूरत, जो साहसी होने के साथ दयालु भी हो*
उन्होंने कहा, “आज के तेजी से बदलते वैश्विक परिवेश में, भारत को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो साहसी होने के साथ-साथ दयालु भी हों, तकनीकी रूप से कुशल होने के साथ-साथ अच्छे मूल्यों में दृढ़ हों, चुनौतियों का सामना दृढ़ता से करें और अवसरों को आत्मविश्वास के साथ भुनाएं।
उन्होंने एनसीसी कैडेटों से कहा कि राष्ट्र की सेवा करने की उनकी एकता और अनुशासन की भावना नागरिकों के बीच बहुत आशा और आत्मविश्वास जगाती है। अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने कोर की प्रशंसा की और कहा कि एनसीसी एक बार फिर युवा विकास और राष्ट्र की प्रगति के एक नए युग में प्रवेश कर रहा है।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

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