Saturday, August 30, 2025

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निर्यातकों-कामगारों को राहत पैकेज के लिए नए विकल्प तलाश रही सरकार

अमेरिकी टैरिफ से निपटने के लिए भारत अमेरिका के समक्ष झुकने की जगह नए रास्ते की तलाश में है, पीएम मोदी इसी महीने चीन और जापान की यात्रा करेंगे, इनका मकसद भारतीय उत्पादाें के लिए नया बाजार उपलब्ध कराना होगा।

नई दिल्ली, 27 अगस्त 2025 (यूटीएन)। अमेरिका के मनमाने टैरिफ से निपटने के लिए भारत ने रणनीति तैयार कर ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों और वित्त एवं वाणिज्य विभाग के अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक की। इसमें निर्यातकों व कामगारों के लिए राहत पैकेज का रोडमैप तैयार किया गया। इसमें  आपातकालीन ऋण, निर्यातकों को एकमुश्त राहत और कामगारों को सुरक्षा देना शामिल है। सूत्रों का कहना है कि सरकार टैरिफ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों से जुड़े उद्यमियों, निर्यातकों व कामगारों के लिए कम से कम छह महीने के राहत पैकेज की घोषणा बुधवार को या इसी हफ्ते कर सकती है। बैठक में अमेरिकी टैरिफ से कपड़ा, चमड़ा, खिलौना, रसायन, प्लास्टिक और खिलौना जैसे उत्पादों के निर्यात पर होने वाले असर की समीक्षा की गई।
इसमें तय किया गया कि इन क्षेत्रों को नया बाजार उपलब्ध कराने तक राहत पैकेज दिया जाए। सरकार के रणनीतिकारों का मानना है कि अमेरिकी टैरिफ का विकल्प ढूंढ़ लिया गया तो यह संकट अधिकतम छह महीने तक रहेगा। ऐसे में टैरिफ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों को कम से कम इतने समय तक राहत दी जाएगी।
*नए विकल्प तलाश रहा भारत, पीएम मोदी की चीन व जापान यात्रा अहम*
अमेरिकी टैरिफ से निपटने के लिए भारत अमेरिका के समक्ष झुकने की जगह नए रास्ते की तलाश में है। पीएम मोदी इसी महीने चीन और जापान की यात्रा करेंगे। इनका मकसद भारतीय उत्पादाें के लिए नया बाजार उपलब्ध कराना होगा। चीन से कई स्तर पर बातचीत जारी है, जबकि जापान ने भारत में बड़े निवेश की इच्छा जताई है। जापानी कंपनी सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन ने तो मंगलवार को भारत में 70 हजार करोड़ के निवेश की घोषणा भी की है। इसके अलावा, अगले कुछ महीने में रूसी राष्ट्रपति पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की भारत आने वाले हैं। इस दौरान निर्यात में अमेरिका पर निर्भरता कम करने पर चर्चा होगी।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

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निर्यातकों-कामगारों को राहत पैकेज के लिए नए विकल्प तलाश रही सरकार

अमेरिकी टैरिफ से निपटने के लिए भारत अमेरिका के समक्ष झुकने की जगह नए रास्ते की तलाश में है, पीएम मोदी इसी महीने चीन और जापान की यात्रा करेंगे, इनका मकसद भारतीय उत्पादाें के लिए नया बाजार उपलब्ध कराना होगा।

नई दिल्ली, 27 अगस्त 2025 (यूटीएन)। अमेरिका के मनमाने टैरिफ से निपटने के लिए भारत ने रणनीति तैयार कर ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों और वित्त एवं वाणिज्य विभाग के अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक की। इसमें निर्यातकों व कामगारों के लिए राहत पैकेज का रोडमैप तैयार किया गया। इसमें  आपातकालीन ऋण, निर्यातकों को एकमुश्त राहत और कामगारों को सुरक्षा देना शामिल है। सूत्रों का कहना है कि सरकार टैरिफ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों से जुड़े उद्यमियों, निर्यातकों व कामगारों के लिए कम से कम छह महीने के राहत पैकेज की घोषणा बुधवार को या इसी हफ्ते कर सकती है। बैठक में अमेरिकी टैरिफ से कपड़ा, चमड़ा, खिलौना, रसायन, प्लास्टिक और खिलौना जैसे उत्पादों के निर्यात पर होने वाले असर की समीक्षा की गई।
इसमें तय किया गया कि इन क्षेत्रों को नया बाजार उपलब्ध कराने तक राहत पैकेज दिया जाए। सरकार के रणनीतिकारों का मानना है कि अमेरिकी टैरिफ का विकल्प ढूंढ़ लिया गया तो यह संकट अधिकतम छह महीने तक रहेगा। ऐसे में टैरिफ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों को कम से कम इतने समय तक राहत दी जाएगी।
*नए विकल्प तलाश रहा भारत, पीएम मोदी की चीन व जापान यात्रा अहम*
अमेरिकी टैरिफ से निपटने के लिए भारत अमेरिका के समक्ष झुकने की जगह नए रास्ते की तलाश में है। पीएम मोदी इसी महीने चीन और जापान की यात्रा करेंगे। इनका मकसद भारतीय उत्पादाें के लिए नया बाजार उपलब्ध कराना होगा। चीन से कई स्तर पर बातचीत जारी है, जबकि जापान ने भारत में बड़े निवेश की इच्छा जताई है। जापानी कंपनी सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन ने तो मंगलवार को भारत में 70 हजार करोड़ के निवेश की घोषणा भी की है। इसके अलावा, अगले कुछ महीने में रूसी राष्ट्रपति पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की भारत आने वाले हैं। इस दौरान निर्यात में अमेरिका पर निर्भरता कम करने पर चर्चा होगी।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

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