Saturday, August 30, 2025

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देश शुरू कर रहा मिशन सुदर्शन चक्र दुश्मन को देंगे करारा जवाब: लाल किले से प्रधानमंत्री

लाल किले से कह रहा हूं कि आने वाले 10 साल में यानी 2035 तक राष्ट्र के सभी अहम स्थलों जिनमें सामरिक के साथ साथ सिविलियन क्षेत्र भी शामिल हैं।

नई दिल्ली, 15 अगस्त 2025 (यूटीएन)। भारत आज अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 12वीं बार लालकिले पर ध्वजारोहण किया। वे लालकिले की प्रचीर से देश को संबोधित कर रहे हैं। पीएम मोदी ने भाषण में ऑपरेशन सिंदूर, आत्मनिर्भर भारत, जीएसटी बदलाव समेत तमाम मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने भारतीय सेना के शौर्य को नमन किया। पीएम मोदी ने कहा कि आजादी का महापर्व संकल्प का महापर्व है। यह सामूहिक सिद्धियों का महापर्व है। देश एकता की भावना को मजबूती दे रहा है। 
*10 साल में सभी अहम स्थलों पूरी तरह सुरक्षा का कवच दिया जाएगा*
पीएम मोदी ने कहा कि मैंने एक संकल्प लिया है, इसके लिए मुझे देशवासियों का आशीर्वाद चाहिए। क्योंकि समृद्धि कितनी ही हो, लेकिन सुरक्षा के साथ न हो तो इसका महत्व नहीं होता। मैं लाल किले से कह रहा हूं कि आने वाले 10 साल में यानी 2035 तक राष्ट्र के सभी अहम स्थलों जिनमें सामरिक के साथ साथ सिविलियन क्षेत्र भी शामिल हैं। जैसे अस्पताल, रेलवे, आस्था के केंद्र हों, उन्हें तकनीक के नए प्लेटफॉर्म द्वारा पूरी तरह सुरक्षा का कवच दिया जाएगा। ये सुरक्षा का कवच लगातार विस्तृत होगा। देश का हर नागरिक सुरक्षित महसूस करे, किसी भी तरह की तकनीक आ जाए, हमारी तकनीक उसका मुकाबला करने में सक्षम हो। मैं 2035 तक इसके लिए राष्ट्रीय कवच को विस्तार देना चाहता हूं। भगवान श्रीकृष्ण का जो सुदर्शन चक्र था, हमने उस चक्र की राह को चुना है।
जब महाभारत की लड़ाई चल रही थी श्रीकृष्ण ने अपने सुदर्शन चक्र से सूर्य के प्रकाश को रोक दिया था और दिन में ही अंधेरा कर दिया था। तब अर्जुन ने जो शपथ ली थी जयद्रथ का वध करने की, उसे वे पूर्ण कर पाए थे, यह सुदर्शन चक्र की वजह से हुआ था। अब देश मिशन सुदर्शन चक्र लॉन्च करेगा। यह सुदर्शन चक्र एक ताकतवर वेपन सिस्टम दुश्मन के हमले को न्यूट्रलाइज तो करेगा ही बल्कि दुश्मन पर कई गुना तेज पलटवार भी करेगा। हमने मिशन सुदर्शन चक्र के लिए कुछ मूलभूत बातें भी तय की हैं, हम 10 साल में उसे पूरी तेजी से आगे बढाना चाहते हैं। उसकी मैन्युफैक्चरिंग से लेकर पूरी रिसर्च देश में देश के लोगों द्वारा ही हो। वॉरफेयर के हिसाब से उसका हिसाब-किताब लेकर हम इस पर प्लस वन की नीति से काम करेंगे। सुदर्शन चक्र की एक खासियत थी कि उसका जो निशाना होता था, वहीं तक जाता था, और फिर वापस आ जाता था। हम भी सुदर्शन चक्र की तरह टारगेट के आधार पर आगे बढ़ेंगे।
*ऑपरेशन सिंदूर में देखा कि आत्मनिर्भर भारत कितना सक्षम है*
पीएम मोदी ने कहा कि हमने ऑपरेशन सिंदूर में देखा कि आत्मनिर्भर भारत कितना सक्षम है। दुश्मन को पता भी नहीं चला कि कौन सा सामर्थ्य है जो उन्हें पल भर में खत्म कर रहा है। अगर हम आत्मनिर्भर न होते तो क्या हम इस तरह हो पाते। सप्लाई मिलेगा कि नहीं, कौन देगा कौन नहीं। लेकिन हमारे मेक इन इंडिया की बदौलत हमारी सेना पराक्रम करती रही। बीते 10 साल से हम मेक इन इंडिया को मिशन की तरह लेकर चले हैं। 21वीं सदी तकनीक की सदी है। जब तकनीक ड्रिवेन सदी है तो इतिहास गवाह है कि जिन देशों ने तकनीक में बढ़ोतरी हासिल की वो देश शिखर पर पहुंच गए। आर्थिक शक्ति के पैमाने पर पहुंचे हैं।
*राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 100 साल से राष्ट्र की सेवा*
 मोदी ने कहा कि आज मैं गर्व के साथ एक बात का जिक्र करना चाहता हूं। आज से 100 साल पहले एक संगठन का जन्म हुआ- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ। 100 साल से राष्ट्र की सेवा। व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के संकल्प को लेकर 100 साल तक मां भारती के कल्याण का लक्ष्य लेकर संघ के लोगों ने मातृभूमि के कल्याण के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। आरएसएस दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ है। 100 साल से उसका देश की यात्रा में अहम योगदान है।
*हमारी संस्कृति की ताकत विविधता है*
पीएम मोदी ने कहा कि हमारी संस्कृति की ताकत विविधता है, हम इस विविधता को सेलिब्रेट करने को आदत बनाना चाहते हैं। हमने प्रयागराज के महाकुंभ में देखा, विविधता को कैसे जीया जाता है। एक स्थान पर करोड़ों लोग, एक ही प्रण, एक ही प्रयास। महाकुंभ की वह सफलता भारत की सफलता की दुहाई देती है। हमारा देश भाषाओं की विविधता से पुलकित है। इसलिए मैंने मराठी, असमिया, बांग्ला, पाली, प्राकृत को क्लासिकल लैंग्वेज का दर्जा दिया। हमारा मत है कि भाषाएं जितनी विकसित होंगी, हमारे नॉलेज को उतना ही बल मिलने वाला है। जब डाटा का जमाना है तो यह भाषाएं दुनिया को भी ताकत दे सकती हैं। हमारी सभी भाषाओं के लिए हर किसी को काम करना चाहिए। इस बार हमने ज्ञान भारतम योजना के तहत जहां भी हस्तलिखित ग्रंथ, पांडुलिपियां हैं, पुराने दस्तावेज हैं, उन्हें सामने लाने के लिए तकनीक के आधार पर काम कर रहे हैं।
*सोची समझी साजिश के तहत देश की डेमोग्राफी को बदला जा रहा है*
पीएम मोदी ने कहा कि मैं आज देश के सामने एक चिंता और चुनौती के संबंध में आगाह करना चाहता हूं। षड़यंत्र के तहत, सोची समझी साजिश के तहत देश की डेमोग्राफी को बदला जा रहा है। एक नए संकट के बीज बोए जा रहे हैं। ये घुसपैठिए मेरे देश के नौजवानों की रोजी-रोटी छीन रहे हैं। ये घुसपैठिये मेरे देश की बहन-बेटियों को निशाना बना रहे हैं। ये घुसपैठिए आदिवासियों के घरों में घुसकर उनकी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। ये देश सहन नहीं करेगा। जब सीमावर्ती क्षेत्रों में डेमोग्राफी में बदलाव होता है तब देश की सुरक्षा पर संकट होता है। यह सामाजिक तनाव के बीज बो देता है। कोई देश अपना देेश दूसरों के हवाले नहीं कर सकता है। हमारे पूर्वजों ने त्याग औऱ बलिदान से आजादी पाई है। उन महापुरुषों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम ऐसा नहीं होने दें। मैं लालकिले की प्राचीर से कहना चाहता हूं कि हमने हाई पावर्ड डेमोग्राफी मिशन शुरू कर रहे हैं।
*मोटापा देश की बड़ी समस्या बनता जा रहा है*
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश के लोगों को चिंता करनी चाहिए कि मोटापा देश की बड़ी समस्या बनता जा रहा है। पंडित लोग कहते हैं कि हर घर में एक व्यक्ति मोटापे का शिकार है। हमें इस मोटापे से बचना है, ओबेसिटी से बचना है। परिवार तय करे कि जब खाने का तेल घर पर आएगा तो 10 फीसदी कम ही आएगा और मोटापे से जंग जीतने में हम अपना योगदान देंगे।
*नेशनल स्पोर्ट्स पॉलिसी- खेलो भारत नीति शुरू की*
पीएम मोदी ने कहा कि अगर बच्चे खेलकूद में आगे होते हैं तो मां-बाप गौरव से भर जाते हैं। इस खेल को बढ़ावा देने के लिए नेशनल स्पोर्ट्स पॉलिसी- खेलो भारत नीति को लेकर आए हैं। स्कूल से लेकर कॉलेज तक हम पूरा ईकोसिस्टम डेवलप करना चाहते हैं, ताकि स्पोर्ट्स से जुड़े हर तरह के साधन बनाए जा सकें। हम इन सुविधाओं को दूर-दराज तक पहुंचाना चाहते हैं।
*महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती मनाएंगे*
पीएम मोदी ने कहा कि बहुत ही निकट भविष्य में महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती आ रही है। हम उनकी जयंती के समारोह शुरू करने जा रहे हैं। उन्होंने जो मंत्र दिए उसमें हमारे लिए प्रेरणा है। पिछड़ों को प्राथमिकता। इसके जरिए हम परिवर्तन करना चाहते हैं। हम पिछड़ों को प्राथमिकता को हर पिछड़े के जीवन में उतारना चाहते हैं।
*एक नया मिडिल क्लास तैयार हुआ है*
पीएम मोदी ने कहा कि एक समय था जब हमारे दिव्यांग हों, विधवा माताएं हों या कमजोर वर्ग का कोई और। आज सरकार सभी लाभार्थियों के लिए उनके दरवाजे पर आती है। डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर एक बड़ा बदलाव हुआ है। देश सुनकर थक गया था और मान चुका था कि गरीबी हट नहीं सकती है। जब हम योजनाओं को गरीबों के घर तक ले जाते हैं, विश्वास को उनके मन में पैदा करते हैं तो हमारे 25 करोड़ लोग गरीबी के दायरे से निकलते हैं। एक नया मिडिल क्लास तैयार हुआ है। 
*सरकार फाइलों में नहीं लोगों की लाइफ में होनी चाहिए*
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार फाइलों में नहीं होनी चाहिए। सरकार लोगों की लाइफ में होनी चाहिए। कुछ लोगों को लगता है कि सरकार की योजनाएं तो पहले भी आती थीं, लेकिन हम सरकार की योजना को जमीन पर लाते हैं। कोई हकदार छूटे नहीं और सरकार उनके घर तक जाए, ऐसी हमारी कोशिश रहे। जनधन अकाउंट से आम व्यक्ति को यह विश्वास मिला था कि बैंक के दरवाजे हमारे लिए बंद नहीं हैं और मैं भी बैंक जा सकता हूं। आयुष्मान भारत के जरिए जब हम वरिष्ठ नागरिकों के आरोग्य की चिंता करते हैं। आज पीएम आवास के जरिए चार करोड़ लोगों को घर मिलना उनका सपना पूरा होने जैसा है। रेहड़ी-पटरी वालों के लिए पीएम स्वनिधि योजना हर व्यक्ति की चिंता की योजना है। जमीन से उतरी हुई योजनाएं देश के लोगों के जीवन में बदलाव लाने का सशक्त माध्यम बन जाती हैं। 
*पीएम धनधान्य कृषि योजना शुरू की*
पीएम मोदी ने कहा कि हम खेती के मामले में वे जिले जो दूसरों से पीछे रह गए, जहां खेती अपेक्षाकृत कम है। इसके लिए हमने पीएम धनधान्य कृषि योजना को आरंभ किया है। हमने ऐसे 100 जिलों की पहचान की है, जहां खेती कमजोर है। इस योजना के जरिए हम उन 100 जिलों में खेती को बेहतर कराने की कोशिश कर रहे हैं। भारत के मछुआरे, पशुपालकों से जुड़ी कोई भी अहितकारक नीति के आगे मोदी दीवार बनकर खड़ा है। भारत अपने किसानों अपने पशुपालकों और अपने मछुआरों के संबंध में कभी भी कोई समझौता स्वीकार नहीं करेगा।
*आज नारी शक्ति का लोहा हर कोई मान रहा है*
पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत में नारी शक्ति का लोहा हर कोई मान रहा है। हमारी नारी बढ़ती इकोनॉमी की लाभार्थी है। इसमें हमारी मातृ शक्ति का भी योगदान है। खेल के मैदान से लेकर स्टार्टअप तक हमारी बेटियां छाई हुई हैं। आज नारी देश की विकास यात्रा में कंधे से कंधा मिलाकर योगदान दे रही हैं। नमो ड्रोन दीदी नारी शक्ति में नई पहचान बनी है। हमने तीन करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का संकल्प लिया था, मुझे आज संतोष है कि हम समय से पहले तीन करोड़ का लक्ष्य पार कर लेंगे। देखते ही देखते दो करोड़ महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। आज कुछ लखपति दीदी हमारे सामने बैठी भी हैं। उनकी भागीदारी भारत की विकास यात्रा में बढ़ने वाली है।
*ग्लोबल रेटिंग एजेंसी भारत की अर्थव्यवस्था पर विश्वास कर रही है*
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे मैक्रो इंडिकेटर्स मजबूत हैं। ग्लोबल रेटिंग एजेंसी भारत की अर्थव्यवस्था पर विश्वास कर रही हैं। इसका लाभ मेरे देश के किसानों, नारी शक्ति, मध्यम वर्ग को मिले, इस दिशा में हम नए प्रयास कर रहे हैं। नए सेक्टरों में युवाओं के लिए मौके बन रहे हैं। देश के नौजवानों आज मैं आपके लिए भी एक खुशखबर लाया हूं। आज 15 अगस्त है, आज के ही दिन मेरे देश के युवाओं के लिए एक लाख करोड़ रुपये की योजना हम चालू कर रहे हैं, लागू कर रहे हैं। आज से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना लागू हो रही है। इस योजना के तहत निजी क्षेत्र में पहली नौकरी पाने वाले बेटे बेटी को 15 हजार रुपये सरकार की तरफ से दिए जाएंगे। कंपनियों को भी जो ज्यादा रोजगार जुटाएगा, उन्हें प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह योजना करीब 3.5 करोड़ नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर बनाएगी।
*दिवाली में हम बड़ा सुधार करने वाले हैं*
पीएम मोदी ने कहा कि इस दिवाली में मैं डबल दिवाली का काम करने वाला हूं। इस दिवाली में हम बड़ा सुधार करने वाले हैं। बीते आठ साल में हमने जीएसटी से टैक्स व्यवस्था को सरल किया है। आठ साल बाद समय की मांग है कि हम इसका रिव्यू करें। हमने इसकी समीक्षा की। राज्यों से बात की। हम नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स लेकर आ रहे हैं। बहुत बड़ी सुविधा बनेगी। हमारे उद्योगों को बड़ा लाभ मिलेगा। रोजमर्रा की चीजें सस्ती हो जाएंगे, जिससे अर्थव्यवस्था को बड़ा बल मिलेगा।
*अगली पीढ़ी के सुधार के लिए टास्क फोर्स गठित करेंगे*
पीएम मोदी ने कहा कि अगली पीढ़ी के सुधार के लिए हमने एक टास्क फोर्स गठित करने का निर्णय लिया है। वर्तमान नीतियां 21वीं सदी और वर्तमान वातावरण के अनुकूल तैयार हो। उसका समयबद्ध तरीके से काम हो इसके लिए हमने टास्क फोर्स का गठन किया है। हमारे लघु उद्योग हों, गृह उद्योग हों, व्यवस्था में बदलाव के कारण उन्हें बड़ी ताकत मिलेगी। टास्क फोर्स सभी तरह के उद्योगों के लिए काम आसान बनाएगी।
*देश को दिशा देने वाले संविधान निर्माताओं को नमन*
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के हर कोने से चाहे रेगिस्तान हो या हिमालयी को चोटी हर तरफ एक ही गूंज है, एक ही जयकारा है कि हमारी प्राण से भी प्यारी मातृभूमि का जयगान है। 1947 में अनंत संभावनाओं के साथ,कोटि-कोटि भुजाओं के सामर्थ्य के साथ हमारा देश आजाद हुआ। देश की आकांक्षाएं उड़ानें भर रही थीं, लेकिन चुनौतियां कहीं ज्यादा थीं। संविधान सभा के सदस्यों ने एक अहम दायित्व निभाया। भारत का संविधान 75 वर्ष से हमें मार्ग दिखा रहा है। भारत के संविधान निर्माता अनेक विद्द महापुरुष डॉ. राजेंद्र प्रसाद, बाबा साहेब आंबेडकर, पंडित नेहरू, वल्लभ भाई पटेल, राधाकृष्णनन और नारी शक्ति का योगदान कम नहीं था। आज किले की प्राचीर से देश का मार्गदर्शन करने वाले देश को दिशा देने वाले संविधान निर्माताओं को नमन करता हूं। 
पीएम मोदी ने कहा कि हम आज डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 129वीं जयंती मना रहे हैं। वे देश के संविधान के लिए बलिदान देने वाले पहले महापुरुष थे। एक देश एक संविधान जब साकार हुआ तो हमने उनको श्रद्धांजलि दी। लाल किले पर आज कई विशेष लोग उपस्थित हैं। मैं यहां लघु भारत के दर्शन कर रहा हूं। तकनीक के जरिये पूरा देश यहां से जुड़ा है। मैं सभी का अभिनंदन करता हूं। 
*प्रकृति हमारी परीक्षा ले रही है*
पीएम मोदी ने कहा कि प्रकृति हमारी परीक्षा ले रही है। प्राकृतिक आपदाएं हम झेल रहे हैं। पीड़ितों के साथ हमारी संवेदनाएं हैं। राज्य और केंद्र सरकार बचाव और राहत कार्य में जुटे हैं। 
*ऑपरेशन सिंदूर के वीर जांबाजों को सैल्यूट करने का अवसर मिला*
पीएम मोदी ने कहा कि आज मुझे लाल किले की प्राचीर से ऑपरेशन सिंदूर के वीर जांबाजों को सैल्यूट करने का अवसर मिला है। हमारे सैनिकों ने दुश्मनों को उनकी कल्पना से परे सजा दी है। 22 अप्रैल को पहलगाम में सीमा पार से आतंकियों ने जिस प्रकार का कत्ले आम किया। धर्म पूछकर लोगों को मारा। पूरा हिंदुस्तान आक्रोश से भरा हुआ था। पूरा विश्व इस संहार से चौंक गया था। ऑपरेशन सिंदूर उसी आक्रोश की अभिव्यक्ति है। हमने सेना को खुली छूट दी। हमारी सेना ने वो करके दिखाया, जो कई दशकों तक भुलाया नहीं जा सकता। सैकड़ों किमी दुश्मन की धरती में घुसकर आतंकियों को नेस्तनाबूद किया। पाकिस्तान की नींद अभी उड़ी है।
पाकिस्तान में हुई तबाही इतनी बड़ी है कि रोज नए खुलासे हो रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि अब हमने न्यू नॉर्मल स्थापित किया है। आतंक और आतंकियों को पालने पोसने वालों को अब हम अलग-अलग नहीं मानते। वे मानवता के समान दुश्मन हैं। अब भारत ने तय कर लिया है कि परमाणु धमकियों को हम नहीं सहेंगे। परमाणु ब्लैकमेल अब नहीं सहा जाएगा। आगे भी अगर दुश्मनों ने कोशिश जारी रखी तो हमारी सेना तय करेगी कि सेना की शर्तों पर सेना जो लक्ष्य तय करे उसे हम अमल में लाएंगे। भारत ने तय कर लिया है कि खून और पानी एक साथ नहीं बहेगा। 
*सिंधु का समझौता अन्यायपूर्ण और एकतरफा है*
पीएम मोदी ने कहा कि हम मुंहतोड़ जवाब देंगे। मेरे प्यारे देशवासियों। भारत ने तय कर लिया है। खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे। अब देशवासियों को भली-भांति पता चला है कि सिंधु का समझौता कितना अन्यायपूर्ण और एकतरफा है। भारत से निकलती नदियों का पानी दुश्मनों के खेतों को सींच रहा है और मेरे देश की धरती बिना पानी के प्यासी है। कैसा समझौता था, जिसने पिछले सात दशक से मेरे देश के किसानों का अकल्पनीय नुकसान किया है। हिंदुस्तान के हक का जो पानी है। उस पर अधिकार सिर्फ और सिर्फ हिंदुस्तान का है। हिंदुस्तान के किसानों का है। भारत कतई सिंधु समझौते को जिस स्वरूप में सहता रहा है, उसे नहीं सहेगा। किसान हित में और राष्ट्रहित में यह समझौता हमें मंजूर नहीं है।
*आजादी के लिए असंख्य लोगों ने बलिदान दिया*
पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के लिए असंख्य लोगों ने बलिदान दिया। अपनी जवानी खपा दी। जेलों में जिंदगी गुजार दी। कुछ लेने बनने के लिए नहीं, भारत के स्वाभिमान के लिए। कोटि-कोटि लोगों की आजादी के लिए। गुलामी की जंजीरों को तोड़ने के लिए। मन में एक ही भाव था स्वाभिमान। गुलामी ने हमें निर्धन बना दिया। गुलामी ने हमें निर्भर भी बना दिया और हमारी निर्भरता बढ़ती गई। हम सब जानते हैं कि आजादी के बाद कोटि-कोटि जनों के पेट भरना बड़ी चुनौती थी। यही मेरे देश के किसान है जिन्होंने खून-पसीना एक कर देश के भंडार भर दिया। देश को आत्मनिर्भर बना दिया। आजादी पर उतना ही बड़ा प्रश्नचिह्न भी लग जाता है। दुर्भाग्य तो तब है जब निर्भरता की आदत लग जाए। पता ही न चले हम कब आत्मनिर्भरता छोड़ रहे हैं और कब निर्भर हो जाएं। इसीलिए आत्मनिर्भर होने के लिए हर वक्त जागरूक होना पड़ता है। आत्मनिर्भरता का नाता सिर्फ आयाता और निर्यात, पैसे और डॉलर तक सीमित नहीं है। इसका नाता हमारे सामर्थ्य से जुडा हुआ है। जब आत्मनिर्भरता खत्म होने लगती है तो सामर्थ्य भी निरंतर क्षीण होता जाता है। इसलिए हमारे सामर्थ्य को बनाए रखने और बढ़ाने के लिए आत्मनिर्भर होना अनिवार्य है।
*लाल किले में किसी सरकार की आलोचना करने के लिए नहीं खड़ा हूं*
पीएम मोदी ने कहा कि हम जब तकनीक के अलग अलग आयामों की बात करते हैं। जैसे मैं बात करता हूं सेमीकंडक्टर की। मैं लाल किले में किसी सरकार की आलोचना करने के लिए नहीं खड़ा हूं। लेकिन देश की युवा पीढ़ी को जानकारी होना अहम है। हमारे देश में 50 साल पहले सेमीकंडक्टर के लिए फाइलें शुरू हुई। विचार शुरू हुए। लेकिन मेरे नौजवान हैरान हो जाएंगे कि 50-60 साल पहले वो विचार-फाइलें अटक गईं, लटक गईं। सेमीकंडक्टर के विचार की ही भ्रूण हत्या हो गई। हमारे बाद कई देश सेमीकंडक्टर में आज महारत हासिल कर दुनिया में अपनी ताकत को प्रस्थापित कर रहे हैं। आज हम मिशन मोड में सेमीकंडक्टर के लक्ष्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
हम छह सेमीकंडक्टर यूनिट्स की नींव रख चुके हैं। इस वर्ष के अंत तक मेड इन इंडिया यानी भारत में बनी हुई, भारत के लोगों द्वारा बनी हुई चिप्स बाजार में आ जाएंगी। पीएम मोदी ने कहा कि हम ऊर्जा जरूरतों के लिए कई देशों पर निर्भर है। हमें लाखों-करोड़ों खर्च कर के पेट्रोल-डीजल-गैस दूसरे देशों से लाना पड़ता है। हमने बीड़ा उठाया और 11 वर्षों में सोलर एनर्जी बढ़ चुकी है। हम नए-नए डैम बना रहे हैं, ताकि हाइड्रो पावर का विस्तार हो और क्लीन एनर्जी मिले। भारत मिशन ग्रीन हाइड्रोजन लेकर आज हजारों करोड़ निवेश कर रहे हैं। परमाणु ऊर्जा में 10 नए परमाणु रिएक्टर काम कर रहे हैं। 2047 तक हम परमाणु ऊर्जा क्षमता 10 गुना से आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ काम कर रहे हैं। हम परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव लाएंगे। हमने प्राइवेट सेक्टर के लिए परमाणु ऊर्जा के द्वार खोल दिए हैं। 
*2030 तक क्लीन एनर्जी लाएंगे*
पीएम मोदी ने कहा कि हमने तय किया था कि हम 2030 तक हम क्लीन एनर्जी लाएंगे। हमने जो संकल्प तय किया था वह हम 50 प्रतिशत पूरा कर चुके हैं। बजट का बड़ा हिस्सा पेट्रोल, गैस लाने में खर्च होता है। अगर हम ऊर्जा में निर्भर न होते तो वो धन देश के युवाओं, गरीबी दूर करने के लिए काम आता। अब हम आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बढ़ रहे हैं। हम अब समुद्र मंथन की ओर जा रहे हैं। हम समुद्र के भीतर तेल और गैस भंडार खोजने की दिशा में काम कर रहे हैं। भारत नया मिशन शुरू करने जा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया जब ग्लोबल वॉर्मिंग के लिए चिंता करती है तो मैं विश्व को यह बताना चाहता हूं कि हमने लक्ष्य रखा था कि 2030 तक हम स्वच्छ ऊर्जा के प्रयोग को 50 फीसदी तक पहुंचा देंगे। मेरे देशवासियों का संकल्प देखिए- हमने जो लक्ष्य 2030 के लिए रखा था, वो 50 प्रतिशत क्लीन एनर्जी का लक्ष्य, हमने 2025 में ही अचीव कर लिया।
क्योंकि प्रकृति के प्रति हम उतने ही जिम्मेदार लोग हैं। बजट का बड़ा हिस्सा पेट्रोल-डीजल को लाने के लिए खर्च होता है। अगर हम ऊर्जा पर निर्भर न होते तो वो धन हमारे युवाओं के लिए काम आता। हमारे किसानों के लिए काम आता। हमारे गांवों की किस्मत पलटने के काम आता। गरीबों को निर्धनता से बाहर लाने में काम आता। लेकिन अब देश को विकसित बनाने के लिए हम अलग से कोशिशें कर रहे हैं। 
*भारत एक डीप वॉटर एक्सप्लोरेशन मिशन शुरू कर रहा है*
पीएम मोदी ने कहा कि हम समुद्र के भीतर के तेल के भंडार को खोजने की दिशा में एक मिशन मोड में काम करना चाहते हैं। भारत एक डीप वॉटर एक्सप्लोरेशन मिशन शुरू करने जा रहा है। यह ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए हमारी अहम घोषणा है। आज दुनिया क्रिटिकल मिनरल को लेकर सतर्क हो गया है। हमारे लिए भी क्रिटिकल मिनरल्स में आत्मनिर्भरता अनिवार्य है। रक्षा, तकनीक, आदि क्षेत्रों में क्रिटिकल मिनरल्स की काफी बड़ी भूमिका है। इसलिए नेशनल क्रिटिकल मिशन हमने लॉन्च किया है। 1200 से अधिक स्थानों पर खोज का अभियान चल रहा है। हम क्रिटिकल मिनरल्स की दिशा में भी आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहा है।
*मिशन गगनयान पर तेजी से काम हो रहा है*
पीएम मोदी ने कहा कि शुभांशु शुक्ला कुछ दिनों में भारत आ रहे हैं। हम मिशन गगनयान पर तेजी से काम कर रहे हैं। हम अपने स्पेस स्टेशन को बनाने की दिशा में भी काम कर रहे हैं। मेरे देश के 300 से ज्यादा स्टार्टअप्स सिर्फ स्पेस के सेक्टर में काम कर रहे हैं। ये है देश के नौजवानों की ताकत और देश का उन पर विश्वास। 2047 में जब आजादी के 100 साल होंगे तब विकसित भारत के संकल्प को परिपूर्ण के लिए हम तेजी से जुटे हैं। भारत इस संकल्प को पूरा करने के लिए आधुनिक ईकोसिस्टम तैयार कर रहा है। हर क्षेत्र में यह ईकोसिस्टम देश को आत्मनिर्भर बनाएगा।
आज मेरा देश के युवा वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, और सरकार के सभी विभागों से आह्वान है कि क्या हमारा अपना मेड इन इंडिया फाइटर जेट्स के लिए जेट इंजन हमारा होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि वैक्सीन और फार्मा में हम नए-नए मानक स्थापित करते हैं, लेकिन क्या समय की मांग नहीं है कि हम रिसर्च और डेवलपमेंट में और मेहनत लगाएं। हमने इससे जुड़ी नीति भी बनाई है। हमें देश का भाग्य बदलने के लिए आपका सहयोग चाहिए।
*हमने दुनिया को यूपीआई का सामर्थ्य दिखा दिया*
पीएम मोदी ने कहा कि आज आईटी का युग है। डाटा की ताकत है, क्या समय की मांग नहीं है कि साइबर सुरक्षा से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक सभी चीजें हमारी अपनी हों। इसमें हमारे लोगों का ही सामर्थ्य जुटा हो। आज दुनिया में सोशल मीडिया हो या बाकी प्लेटफॉर्म्स हों, हम दुनिया के प्लेटफॉर्म्स पर काम कर रहे हैं। हमने दुनिया को यूपीआई का सामर्थ्य दिखा दिया है। डिजिटल ट्रांजेक्शन में अकेले भारत 50 फीसदी योगदान दे रहा है। मेरे देश के नौजवानों मैं चुनौती देता हूं कि क्यों न इसी तरह हमारे अपने पेटेंट हों, क्यों हम दूसरे देशों पर निर्भर हों। 
*युवा अपने आइडियाज को कभी मरने  न दें*
पीएम मोदी ने कहा कि मैं देश के युवाओं से कहता हूं कि अपने आइडियाज को कभी मरने मत देना। मैं आपके साथ खड़ा हूं। आपका साथी बनने के काम करने के लिए तैयार हूं। जो युवा मैन्युफैक्चरिंग के बारे में सोचते हैं वो अगर सरकार के नियमों में बदलाव चाहते हैं तो मुझे बताइए। हम एक भी पल अब गंवाना नहीं चाहते। जब सरकार और मैं स्वयं आपके साथ हूं तो हम नया इतिहास बना सकते हैं। साथियों आज नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन पर तेजी से काम हो रहा है। हमारे एमएसएमई का लोहा पूरी दुनिया मानती है। हमारे एमएसएमई के औजार पूरी दुनिया में जाते हैं। इसलिए उनकी शक्ति बढ़े। आज कहना चाहता हूं कि हमें विश्व बाजार में अपने सामर्थ्य का लोहा मनवाना है तो हमें क्वालिटी बनाए रखनी है। हम सभी जो उत्पादन के क्षेत्र में लगे हैं उनका मंत्र होना चाहिए- दाम कम पर दम ज्यादा।
*वोकल फॉर लोकल को सभी भारतीयों का मंत्र बनाएं*
पीएम मोदी ने कहा कि मैं सभी राजनीतिक दलों और नेताओं को कहना चाहता हूं कि ये किसी राजनीतिक दल का एजेंडा नहीं है। भारत सभी का है। हम वोकल फॉर लोकल को सभी भारतीयों का मंत्र बनाएं। भारत के लोगों के पसीने से बनी भारत की चीजें, जिनमें हमारे लोगों की मेहनत की महक हो, हम वही चीजें खरीदें। देश देखते ही देखते बदल जाएगा।
पीएम मोदी ने कहा कि मैं देश के व्यापारियों से कहना चाहता हूं कि हम स्वदेशी का मजबूरी में नहीं मजबूती के साथ उपयोग करेंगे और मजबूती के लिए उपयोग करेंगे। जरूरत पड़ी तो दूसरों को मजबूर करने के लिए उपयोग करेंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि मैं अपने देश के लिए कर रहा हूं, अपने लिए नहीं कर रहा हूं। किसी का बुरा करने के लिए नहीं कर रहा हूं। हमारे राजनीतिक दलों के साथी, प्रतिद्वंद्वी साथ आएं। 
पीएम मोदी ने कहा कि हमारी जिम्मेदारी है कि हम किसी की लकीर को छोटी करने में अपनी ताकत बर्बाद न करें। हमें पूरी ऊर्जा के साथ अपनी लकीर बड़ी करनी है। हम अगर अपनी लकीर लंबी करते हैं तो दुनिया हमारा लोहा मानेगी। आज जब वैश्विक परिस्थितियों में आर्थिक स्वार्थ दिनों दिन बढ़ रहा है तब समय की मांग है कि हम उन संकटों के लिए रोते न बैठें, हम हिम्मत के साथ अपनी लकीर लंबी करें। अगर हमने यह रास्ता चुन लिया तो फिर कोई स्वार्थ हमें अपनी चंगुल में नहीं फंसा सकता है।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

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देश शुरू कर रहा मिशन सुदर्शन चक्र दुश्मन को देंगे करारा जवाब: लाल किले से प्रधानमंत्री

लाल किले से कह रहा हूं कि आने वाले 10 साल में यानी 2035 तक राष्ट्र के सभी अहम स्थलों जिनमें सामरिक के साथ साथ सिविलियन क्षेत्र भी शामिल हैं।

नई दिल्ली, 15 अगस्त 2025 (यूटीएन)। भारत आज अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 12वीं बार लालकिले पर ध्वजारोहण किया। वे लालकिले की प्रचीर से देश को संबोधित कर रहे हैं। पीएम मोदी ने भाषण में ऑपरेशन सिंदूर, आत्मनिर्भर भारत, जीएसटी बदलाव समेत तमाम मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने भारतीय सेना के शौर्य को नमन किया। पीएम मोदी ने कहा कि आजादी का महापर्व संकल्प का महापर्व है। यह सामूहिक सिद्धियों का महापर्व है। देश एकता की भावना को मजबूती दे रहा है। 
*10 साल में सभी अहम स्थलों पूरी तरह सुरक्षा का कवच दिया जाएगा*
पीएम मोदी ने कहा कि मैंने एक संकल्प लिया है, इसके लिए मुझे देशवासियों का आशीर्वाद चाहिए। क्योंकि समृद्धि कितनी ही हो, लेकिन सुरक्षा के साथ न हो तो इसका महत्व नहीं होता। मैं लाल किले से कह रहा हूं कि आने वाले 10 साल में यानी 2035 तक राष्ट्र के सभी अहम स्थलों जिनमें सामरिक के साथ साथ सिविलियन क्षेत्र भी शामिल हैं। जैसे अस्पताल, रेलवे, आस्था के केंद्र हों, उन्हें तकनीक के नए प्लेटफॉर्म द्वारा पूरी तरह सुरक्षा का कवच दिया जाएगा। ये सुरक्षा का कवच लगातार विस्तृत होगा। देश का हर नागरिक सुरक्षित महसूस करे, किसी भी तरह की तकनीक आ जाए, हमारी तकनीक उसका मुकाबला करने में सक्षम हो। मैं 2035 तक इसके लिए राष्ट्रीय कवच को विस्तार देना चाहता हूं। भगवान श्रीकृष्ण का जो सुदर्शन चक्र था, हमने उस चक्र की राह को चुना है।
जब महाभारत की लड़ाई चल रही थी श्रीकृष्ण ने अपने सुदर्शन चक्र से सूर्य के प्रकाश को रोक दिया था और दिन में ही अंधेरा कर दिया था। तब अर्जुन ने जो शपथ ली थी जयद्रथ का वध करने की, उसे वे पूर्ण कर पाए थे, यह सुदर्शन चक्र की वजह से हुआ था। अब देश मिशन सुदर्शन चक्र लॉन्च करेगा। यह सुदर्शन चक्र एक ताकतवर वेपन सिस्टम दुश्मन के हमले को न्यूट्रलाइज तो करेगा ही बल्कि दुश्मन पर कई गुना तेज पलटवार भी करेगा। हमने मिशन सुदर्शन चक्र के लिए कुछ मूलभूत बातें भी तय की हैं, हम 10 साल में उसे पूरी तेजी से आगे बढाना चाहते हैं। उसकी मैन्युफैक्चरिंग से लेकर पूरी रिसर्च देश में देश के लोगों द्वारा ही हो। वॉरफेयर के हिसाब से उसका हिसाब-किताब लेकर हम इस पर प्लस वन की नीति से काम करेंगे। सुदर्शन चक्र की एक खासियत थी कि उसका जो निशाना होता था, वहीं तक जाता था, और फिर वापस आ जाता था। हम भी सुदर्शन चक्र की तरह टारगेट के आधार पर आगे बढ़ेंगे।
*ऑपरेशन सिंदूर में देखा कि आत्मनिर्भर भारत कितना सक्षम है*
पीएम मोदी ने कहा कि हमने ऑपरेशन सिंदूर में देखा कि आत्मनिर्भर भारत कितना सक्षम है। दुश्मन को पता भी नहीं चला कि कौन सा सामर्थ्य है जो उन्हें पल भर में खत्म कर रहा है। अगर हम आत्मनिर्भर न होते तो क्या हम इस तरह हो पाते। सप्लाई मिलेगा कि नहीं, कौन देगा कौन नहीं। लेकिन हमारे मेक इन इंडिया की बदौलत हमारी सेना पराक्रम करती रही। बीते 10 साल से हम मेक इन इंडिया को मिशन की तरह लेकर चले हैं। 21वीं सदी तकनीक की सदी है। जब तकनीक ड्रिवेन सदी है तो इतिहास गवाह है कि जिन देशों ने तकनीक में बढ़ोतरी हासिल की वो देश शिखर पर पहुंच गए। आर्थिक शक्ति के पैमाने पर पहुंचे हैं।
*राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 100 साल से राष्ट्र की सेवा*
 मोदी ने कहा कि आज मैं गर्व के साथ एक बात का जिक्र करना चाहता हूं। आज से 100 साल पहले एक संगठन का जन्म हुआ- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ। 100 साल से राष्ट्र की सेवा। व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के संकल्प को लेकर 100 साल तक मां भारती के कल्याण का लक्ष्य लेकर संघ के लोगों ने मातृभूमि के कल्याण के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। आरएसएस दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ है। 100 साल से उसका देश की यात्रा में अहम योगदान है।
*हमारी संस्कृति की ताकत विविधता है*
पीएम मोदी ने कहा कि हमारी संस्कृति की ताकत विविधता है, हम इस विविधता को सेलिब्रेट करने को आदत बनाना चाहते हैं। हमने प्रयागराज के महाकुंभ में देखा, विविधता को कैसे जीया जाता है। एक स्थान पर करोड़ों लोग, एक ही प्रण, एक ही प्रयास। महाकुंभ की वह सफलता भारत की सफलता की दुहाई देती है। हमारा देश भाषाओं की विविधता से पुलकित है। इसलिए मैंने मराठी, असमिया, बांग्ला, पाली, प्राकृत को क्लासिकल लैंग्वेज का दर्जा दिया। हमारा मत है कि भाषाएं जितनी विकसित होंगी, हमारे नॉलेज को उतना ही बल मिलने वाला है। जब डाटा का जमाना है तो यह भाषाएं दुनिया को भी ताकत दे सकती हैं। हमारी सभी भाषाओं के लिए हर किसी को काम करना चाहिए। इस बार हमने ज्ञान भारतम योजना के तहत जहां भी हस्तलिखित ग्रंथ, पांडुलिपियां हैं, पुराने दस्तावेज हैं, उन्हें सामने लाने के लिए तकनीक के आधार पर काम कर रहे हैं।
*सोची समझी साजिश के तहत देश की डेमोग्राफी को बदला जा रहा है*
पीएम मोदी ने कहा कि मैं आज देश के सामने एक चिंता और चुनौती के संबंध में आगाह करना चाहता हूं। षड़यंत्र के तहत, सोची समझी साजिश के तहत देश की डेमोग्राफी को बदला जा रहा है। एक नए संकट के बीज बोए जा रहे हैं। ये घुसपैठिए मेरे देश के नौजवानों की रोजी-रोटी छीन रहे हैं। ये घुसपैठिये मेरे देश की बहन-बेटियों को निशाना बना रहे हैं। ये घुसपैठिए आदिवासियों के घरों में घुसकर उनकी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। ये देश सहन नहीं करेगा। जब सीमावर्ती क्षेत्रों में डेमोग्राफी में बदलाव होता है तब देश की सुरक्षा पर संकट होता है। यह सामाजिक तनाव के बीज बो देता है। कोई देश अपना देेश दूसरों के हवाले नहीं कर सकता है। हमारे पूर्वजों ने त्याग औऱ बलिदान से आजादी पाई है। उन महापुरुषों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम ऐसा नहीं होने दें। मैं लालकिले की प्राचीर से कहना चाहता हूं कि हमने हाई पावर्ड डेमोग्राफी मिशन शुरू कर रहे हैं।
*मोटापा देश की बड़ी समस्या बनता जा रहा है*
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश के लोगों को चिंता करनी चाहिए कि मोटापा देश की बड़ी समस्या बनता जा रहा है। पंडित लोग कहते हैं कि हर घर में एक व्यक्ति मोटापे का शिकार है। हमें इस मोटापे से बचना है, ओबेसिटी से बचना है। परिवार तय करे कि जब खाने का तेल घर पर आएगा तो 10 फीसदी कम ही आएगा और मोटापे से जंग जीतने में हम अपना योगदान देंगे।
*नेशनल स्पोर्ट्स पॉलिसी- खेलो भारत नीति शुरू की*
पीएम मोदी ने कहा कि अगर बच्चे खेलकूद में आगे होते हैं तो मां-बाप गौरव से भर जाते हैं। इस खेल को बढ़ावा देने के लिए नेशनल स्पोर्ट्स पॉलिसी- खेलो भारत नीति को लेकर आए हैं। स्कूल से लेकर कॉलेज तक हम पूरा ईकोसिस्टम डेवलप करना चाहते हैं, ताकि स्पोर्ट्स से जुड़े हर तरह के साधन बनाए जा सकें। हम इन सुविधाओं को दूर-दराज तक पहुंचाना चाहते हैं।
*महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती मनाएंगे*
पीएम मोदी ने कहा कि बहुत ही निकट भविष्य में महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती आ रही है। हम उनकी जयंती के समारोह शुरू करने जा रहे हैं। उन्होंने जो मंत्र दिए उसमें हमारे लिए प्रेरणा है। पिछड़ों को प्राथमिकता। इसके जरिए हम परिवर्तन करना चाहते हैं। हम पिछड़ों को प्राथमिकता को हर पिछड़े के जीवन में उतारना चाहते हैं।
*एक नया मिडिल क्लास तैयार हुआ है*
पीएम मोदी ने कहा कि एक समय था जब हमारे दिव्यांग हों, विधवा माताएं हों या कमजोर वर्ग का कोई और। आज सरकार सभी लाभार्थियों के लिए उनके दरवाजे पर आती है। डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर एक बड़ा बदलाव हुआ है। देश सुनकर थक गया था और मान चुका था कि गरीबी हट नहीं सकती है। जब हम योजनाओं को गरीबों के घर तक ले जाते हैं, विश्वास को उनके मन में पैदा करते हैं तो हमारे 25 करोड़ लोग गरीबी के दायरे से निकलते हैं। एक नया मिडिल क्लास तैयार हुआ है। 
*सरकार फाइलों में नहीं लोगों की लाइफ में होनी चाहिए*
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार फाइलों में नहीं होनी चाहिए। सरकार लोगों की लाइफ में होनी चाहिए। कुछ लोगों को लगता है कि सरकार की योजनाएं तो पहले भी आती थीं, लेकिन हम सरकार की योजना को जमीन पर लाते हैं। कोई हकदार छूटे नहीं और सरकार उनके घर तक जाए, ऐसी हमारी कोशिश रहे। जनधन अकाउंट से आम व्यक्ति को यह विश्वास मिला था कि बैंक के दरवाजे हमारे लिए बंद नहीं हैं और मैं भी बैंक जा सकता हूं। आयुष्मान भारत के जरिए जब हम वरिष्ठ नागरिकों के आरोग्य की चिंता करते हैं। आज पीएम आवास के जरिए चार करोड़ लोगों को घर मिलना उनका सपना पूरा होने जैसा है। रेहड़ी-पटरी वालों के लिए पीएम स्वनिधि योजना हर व्यक्ति की चिंता की योजना है। जमीन से उतरी हुई योजनाएं देश के लोगों के जीवन में बदलाव लाने का सशक्त माध्यम बन जाती हैं। 
*पीएम धनधान्य कृषि योजना शुरू की*
पीएम मोदी ने कहा कि हम खेती के मामले में वे जिले जो दूसरों से पीछे रह गए, जहां खेती अपेक्षाकृत कम है। इसके लिए हमने पीएम धनधान्य कृषि योजना को आरंभ किया है। हमने ऐसे 100 जिलों की पहचान की है, जहां खेती कमजोर है। इस योजना के जरिए हम उन 100 जिलों में खेती को बेहतर कराने की कोशिश कर रहे हैं। भारत के मछुआरे, पशुपालकों से जुड़ी कोई भी अहितकारक नीति के आगे मोदी दीवार बनकर खड़ा है। भारत अपने किसानों अपने पशुपालकों और अपने मछुआरों के संबंध में कभी भी कोई समझौता स्वीकार नहीं करेगा।
*आज नारी शक्ति का लोहा हर कोई मान रहा है*
पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत में नारी शक्ति का लोहा हर कोई मान रहा है। हमारी नारी बढ़ती इकोनॉमी की लाभार्थी है। इसमें हमारी मातृ शक्ति का भी योगदान है। खेल के मैदान से लेकर स्टार्टअप तक हमारी बेटियां छाई हुई हैं। आज नारी देश की विकास यात्रा में कंधे से कंधा मिलाकर योगदान दे रही हैं। नमो ड्रोन दीदी नारी शक्ति में नई पहचान बनी है। हमने तीन करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का संकल्प लिया था, मुझे आज संतोष है कि हम समय से पहले तीन करोड़ का लक्ष्य पार कर लेंगे। देखते ही देखते दो करोड़ महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। आज कुछ लखपति दीदी हमारे सामने बैठी भी हैं। उनकी भागीदारी भारत की विकास यात्रा में बढ़ने वाली है।
*ग्लोबल रेटिंग एजेंसी भारत की अर्थव्यवस्था पर विश्वास कर रही है*
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे मैक्रो इंडिकेटर्स मजबूत हैं। ग्लोबल रेटिंग एजेंसी भारत की अर्थव्यवस्था पर विश्वास कर रही हैं। इसका लाभ मेरे देश के किसानों, नारी शक्ति, मध्यम वर्ग को मिले, इस दिशा में हम नए प्रयास कर रहे हैं। नए सेक्टरों में युवाओं के लिए मौके बन रहे हैं। देश के नौजवानों आज मैं आपके लिए भी एक खुशखबर लाया हूं। आज 15 अगस्त है, आज के ही दिन मेरे देश के युवाओं के लिए एक लाख करोड़ रुपये की योजना हम चालू कर रहे हैं, लागू कर रहे हैं। आज से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना लागू हो रही है। इस योजना के तहत निजी क्षेत्र में पहली नौकरी पाने वाले बेटे बेटी को 15 हजार रुपये सरकार की तरफ से दिए जाएंगे। कंपनियों को भी जो ज्यादा रोजगार जुटाएगा, उन्हें प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह योजना करीब 3.5 करोड़ नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर बनाएगी।
*दिवाली में हम बड़ा सुधार करने वाले हैं*
पीएम मोदी ने कहा कि इस दिवाली में मैं डबल दिवाली का काम करने वाला हूं। इस दिवाली में हम बड़ा सुधार करने वाले हैं। बीते आठ साल में हमने जीएसटी से टैक्स व्यवस्था को सरल किया है। आठ साल बाद समय की मांग है कि हम इसका रिव्यू करें। हमने इसकी समीक्षा की। राज्यों से बात की। हम नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स लेकर आ रहे हैं। बहुत बड़ी सुविधा बनेगी। हमारे उद्योगों को बड़ा लाभ मिलेगा। रोजमर्रा की चीजें सस्ती हो जाएंगे, जिससे अर्थव्यवस्था को बड़ा बल मिलेगा।
*अगली पीढ़ी के सुधार के लिए टास्क फोर्स गठित करेंगे*
पीएम मोदी ने कहा कि अगली पीढ़ी के सुधार के लिए हमने एक टास्क फोर्स गठित करने का निर्णय लिया है। वर्तमान नीतियां 21वीं सदी और वर्तमान वातावरण के अनुकूल तैयार हो। उसका समयबद्ध तरीके से काम हो इसके लिए हमने टास्क फोर्स का गठन किया है। हमारे लघु उद्योग हों, गृह उद्योग हों, व्यवस्था में बदलाव के कारण उन्हें बड़ी ताकत मिलेगी। टास्क फोर्स सभी तरह के उद्योगों के लिए काम आसान बनाएगी।
*देश को दिशा देने वाले संविधान निर्माताओं को नमन*
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के हर कोने से चाहे रेगिस्तान हो या हिमालयी को चोटी हर तरफ एक ही गूंज है, एक ही जयकारा है कि हमारी प्राण से भी प्यारी मातृभूमि का जयगान है। 1947 में अनंत संभावनाओं के साथ,कोटि-कोटि भुजाओं के सामर्थ्य के साथ हमारा देश आजाद हुआ। देश की आकांक्षाएं उड़ानें भर रही थीं, लेकिन चुनौतियां कहीं ज्यादा थीं। संविधान सभा के सदस्यों ने एक अहम दायित्व निभाया। भारत का संविधान 75 वर्ष से हमें मार्ग दिखा रहा है। भारत के संविधान निर्माता अनेक विद्द महापुरुष डॉ. राजेंद्र प्रसाद, बाबा साहेब आंबेडकर, पंडित नेहरू, वल्लभ भाई पटेल, राधाकृष्णनन और नारी शक्ति का योगदान कम नहीं था। आज किले की प्राचीर से देश का मार्गदर्शन करने वाले देश को दिशा देने वाले संविधान निर्माताओं को नमन करता हूं। 
पीएम मोदी ने कहा कि हम आज डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 129वीं जयंती मना रहे हैं। वे देश के संविधान के लिए बलिदान देने वाले पहले महापुरुष थे। एक देश एक संविधान जब साकार हुआ तो हमने उनको श्रद्धांजलि दी। लाल किले पर आज कई विशेष लोग उपस्थित हैं। मैं यहां लघु भारत के दर्शन कर रहा हूं। तकनीक के जरिये पूरा देश यहां से जुड़ा है। मैं सभी का अभिनंदन करता हूं। 
*प्रकृति हमारी परीक्षा ले रही है*
पीएम मोदी ने कहा कि प्रकृति हमारी परीक्षा ले रही है। प्राकृतिक आपदाएं हम झेल रहे हैं। पीड़ितों के साथ हमारी संवेदनाएं हैं। राज्य और केंद्र सरकार बचाव और राहत कार्य में जुटे हैं। 
*ऑपरेशन सिंदूर के वीर जांबाजों को सैल्यूट करने का अवसर मिला*
पीएम मोदी ने कहा कि आज मुझे लाल किले की प्राचीर से ऑपरेशन सिंदूर के वीर जांबाजों को सैल्यूट करने का अवसर मिला है। हमारे सैनिकों ने दुश्मनों को उनकी कल्पना से परे सजा दी है। 22 अप्रैल को पहलगाम में सीमा पार से आतंकियों ने जिस प्रकार का कत्ले आम किया। धर्म पूछकर लोगों को मारा। पूरा हिंदुस्तान आक्रोश से भरा हुआ था। पूरा विश्व इस संहार से चौंक गया था। ऑपरेशन सिंदूर उसी आक्रोश की अभिव्यक्ति है। हमने सेना को खुली छूट दी। हमारी सेना ने वो करके दिखाया, जो कई दशकों तक भुलाया नहीं जा सकता। सैकड़ों किमी दुश्मन की धरती में घुसकर आतंकियों को नेस्तनाबूद किया। पाकिस्तान की नींद अभी उड़ी है।
पाकिस्तान में हुई तबाही इतनी बड़ी है कि रोज नए खुलासे हो रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि अब हमने न्यू नॉर्मल स्थापित किया है। आतंक और आतंकियों को पालने पोसने वालों को अब हम अलग-अलग नहीं मानते। वे मानवता के समान दुश्मन हैं। अब भारत ने तय कर लिया है कि परमाणु धमकियों को हम नहीं सहेंगे। परमाणु ब्लैकमेल अब नहीं सहा जाएगा। आगे भी अगर दुश्मनों ने कोशिश जारी रखी तो हमारी सेना तय करेगी कि सेना की शर्तों पर सेना जो लक्ष्य तय करे उसे हम अमल में लाएंगे। भारत ने तय कर लिया है कि खून और पानी एक साथ नहीं बहेगा। 
*सिंधु का समझौता अन्यायपूर्ण और एकतरफा है*
पीएम मोदी ने कहा कि हम मुंहतोड़ जवाब देंगे। मेरे प्यारे देशवासियों। भारत ने तय कर लिया है। खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे। अब देशवासियों को भली-भांति पता चला है कि सिंधु का समझौता कितना अन्यायपूर्ण और एकतरफा है। भारत से निकलती नदियों का पानी दुश्मनों के खेतों को सींच रहा है और मेरे देश की धरती बिना पानी के प्यासी है। कैसा समझौता था, जिसने पिछले सात दशक से मेरे देश के किसानों का अकल्पनीय नुकसान किया है। हिंदुस्तान के हक का जो पानी है। उस पर अधिकार सिर्फ और सिर्फ हिंदुस्तान का है। हिंदुस्तान के किसानों का है। भारत कतई सिंधु समझौते को जिस स्वरूप में सहता रहा है, उसे नहीं सहेगा। किसान हित में और राष्ट्रहित में यह समझौता हमें मंजूर नहीं है।
*आजादी के लिए असंख्य लोगों ने बलिदान दिया*
पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के लिए असंख्य लोगों ने बलिदान दिया। अपनी जवानी खपा दी। जेलों में जिंदगी गुजार दी। कुछ लेने बनने के लिए नहीं, भारत के स्वाभिमान के लिए। कोटि-कोटि लोगों की आजादी के लिए। गुलामी की जंजीरों को तोड़ने के लिए। मन में एक ही भाव था स्वाभिमान। गुलामी ने हमें निर्धन बना दिया। गुलामी ने हमें निर्भर भी बना दिया और हमारी निर्भरता बढ़ती गई। हम सब जानते हैं कि आजादी के बाद कोटि-कोटि जनों के पेट भरना बड़ी चुनौती थी। यही मेरे देश के किसान है जिन्होंने खून-पसीना एक कर देश के भंडार भर दिया। देश को आत्मनिर्भर बना दिया। आजादी पर उतना ही बड़ा प्रश्नचिह्न भी लग जाता है। दुर्भाग्य तो तब है जब निर्भरता की आदत लग जाए। पता ही न चले हम कब आत्मनिर्भरता छोड़ रहे हैं और कब निर्भर हो जाएं। इसीलिए आत्मनिर्भर होने के लिए हर वक्त जागरूक होना पड़ता है। आत्मनिर्भरता का नाता सिर्फ आयाता और निर्यात, पैसे और डॉलर तक सीमित नहीं है। इसका नाता हमारे सामर्थ्य से जुडा हुआ है। जब आत्मनिर्भरता खत्म होने लगती है तो सामर्थ्य भी निरंतर क्षीण होता जाता है। इसलिए हमारे सामर्थ्य को बनाए रखने और बढ़ाने के लिए आत्मनिर्भर होना अनिवार्य है।
*लाल किले में किसी सरकार की आलोचना करने के लिए नहीं खड़ा हूं*
पीएम मोदी ने कहा कि हम जब तकनीक के अलग अलग आयामों की बात करते हैं। जैसे मैं बात करता हूं सेमीकंडक्टर की। मैं लाल किले में किसी सरकार की आलोचना करने के लिए नहीं खड़ा हूं। लेकिन देश की युवा पीढ़ी को जानकारी होना अहम है। हमारे देश में 50 साल पहले सेमीकंडक्टर के लिए फाइलें शुरू हुई। विचार शुरू हुए। लेकिन मेरे नौजवान हैरान हो जाएंगे कि 50-60 साल पहले वो विचार-फाइलें अटक गईं, लटक गईं। सेमीकंडक्टर के विचार की ही भ्रूण हत्या हो गई। हमारे बाद कई देश सेमीकंडक्टर में आज महारत हासिल कर दुनिया में अपनी ताकत को प्रस्थापित कर रहे हैं। आज हम मिशन मोड में सेमीकंडक्टर के लक्ष्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
हम छह सेमीकंडक्टर यूनिट्स की नींव रख चुके हैं। इस वर्ष के अंत तक मेड इन इंडिया यानी भारत में बनी हुई, भारत के लोगों द्वारा बनी हुई चिप्स बाजार में आ जाएंगी। पीएम मोदी ने कहा कि हम ऊर्जा जरूरतों के लिए कई देशों पर निर्भर है। हमें लाखों-करोड़ों खर्च कर के पेट्रोल-डीजल-गैस दूसरे देशों से लाना पड़ता है। हमने बीड़ा उठाया और 11 वर्षों में सोलर एनर्जी बढ़ चुकी है। हम नए-नए डैम बना रहे हैं, ताकि हाइड्रो पावर का विस्तार हो और क्लीन एनर्जी मिले। भारत मिशन ग्रीन हाइड्रोजन लेकर आज हजारों करोड़ निवेश कर रहे हैं। परमाणु ऊर्जा में 10 नए परमाणु रिएक्टर काम कर रहे हैं। 2047 तक हम परमाणु ऊर्जा क्षमता 10 गुना से आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ काम कर रहे हैं। हम परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव लाएंगे। हमने प्राइवेट सेक्टर के लिए परमाणु ऊर्जा के द्वार खोल दिए हैं। 
*2030 तक क्लीन एनर्जी लाएंगे*
पीएम मोदी ने कहा कि हमने तय किया था कि हम 2030 तक हम क्लीन एनर्जी लाएंगे। हमने जो संकल्प तय किया था वह हम 50 प्रतिशत पूरा कर चुके हैं। बजट का बड़ा हिस्सा पेट्रोल, गैस लाने में खर्च होता है। अगर हम ऊर्जा में निर्भर न होते तो वो धन देश के युवाओं, गरीबी दूर करने के लिए काम आता। अब हम आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बढ़ रहे हैं। हम अब समुद्र मंथन की ओर जा रहे हैं। हम समुद्र के भीतर तेल और गैस भंडार खोजने की दिशा में काम कर रहे हैं। भारत नया मिशन शुरू करने जा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया जब ग्लोबल वॉर्मिंग के लिए चिंता करती है तो मैं विश्व को यह बताना चाहता हूं कि हमने लक्ष्य रखा था कि 2030 तक हम स्वच्छ ऊर्जा के प्रयोग को 50 फीसदी तक पहुंचा देंगे। मेरे देशवासियों का संकल्प देखिए- हमने जो लक्ष्य 2030 के लिए रखा था, वो 50 प्रतिशत क्लीन एनर्जी का लक्ष्य, हमने 2025 में ही अचीव कर लिया।
क्योंकि प्रकृति के प्रति हम उतने ही जिम्मेदार लोग हैं। बजट का बड़ा हिस्सा पेट्रोल-डीजल को लाने के लिए खर्च होता है। अगर हम ऊर्जा पर निर्भर न होते तो वो धन हमारे युवाओं के लिए काम आता। हमारे किसानों के लिए काम आता। हमारे गांवों की किस्मत पलटने के काम आता। गरीबों को निर्धनता से बाहर लाने में काम आता। लेकिन अब देश को विकसित बनाने के लिए हम अलग से कोशिशें कर रहे हैं। 
*भारत एक डीप वॉटर एक्सप्लोरेशन मिशन शुरू कर रहा है*
पीएम मोदी ने कहा कि हम समुद्र के भीतर के तेल के भंडार को खोजने की दिशा में एक मिशन मोड में काम करना चाहते हैं। भारत एक डीप वॉटर एक्सप्लोरेशन मिशन शुरू करने जा रहा है। यह ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए हमारी अहम घोषणा है। आज दुनिया क्रिटिकल मिनरल को लेकर सतर्क हो गया है। हमारे लिए भी क्रिटिकल मिनरल्स में आत्मनिर्भरता अनिवार्य है। रक्षा, तकनीक, आदि क्षेत्रों में क्रिटिकल मिनरल्स की काफी बड़ी भूमिका है। इसलिए नेशनल क्रिटिकल मिशन हमने लॉन्च किया है। 1200 से अधिक स्थानों पर खोज का अभियान चल रहा है। हम क्रिटिकल मिनरल्स की दिशा में भी आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहा है।
*मिशन गगनयान पर तेजी से काम हो रहा है*
पीएम मोदी ने कहा कि शुभांशु शुक्ला कुछ दिनों में भारत आ रहे हैं। हम मिशन गगनयान पर तेजी से काम कर रहे हैं। हम अपने स्पेस स्टेशन को बनाने की दिशा में भी काम कर रहे हैं। मेरे देश के 300 से ज्यादा स्टार्टअप्स सिर्फ स्पेस के सेक्टर में काम कर रहे हैं। ये है देश के नौजवानों की ताकत और देश का उन पर विश्वास। 2047 में जब आजादी के 100 साल होंगे तब विकसित भारत के संकल्प को परिपूर्ण के लिए हम तेजी से जुटे हैं। भारत इस संकल्प को पूरा करने के लिए आधुनिक ईकोसिस्टम तैयार कर रहा है। हर क्षेत्र में यह ईकोसिस्टम देश को आत्मनिर्भर बनाएगा।
आज मेरा देश के युवा वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, और सरकार के सभी विभागों से आह्वान है कि क्या हमारा अपना मेड इन इंडिया फाइटर जेट्स के लिए जेट इंजन हमारा होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि वैक्सीन और फार्मा में हम नए-नए मानक स्थापित करते हैं, लेकिन क्या समय की मांग नहीं है कि हम रिसर्च और डेवलपमेंट में और मेहनत लगाएं। हमने इससे जुड़ी नीति भी बनाई है। हमें देश का भाग्य बदलने के लिए आपका सहयोग चाहिए।
*हमने दुनिया को यूपीआई का सामर्थ्य दिखा दिया*
पीएम मोदी ने कहा कि आज आईटी का युग है। डाटा की ताकत है, क्या समय की मांग नहीं है कि साइबर सुरक्षा से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक सभी चीजें हमारी अपनी हों। इसमें हमारे लोगों का ही सामर्थ्य जुटा हो। आज दुनिया में सोशल मीडिया हो या बाकी प्लेटफॉर्म्स हों, हम दुनिया के प्लेटफॉर्म्स पर काम कर रहे हैं। हमने दुनिया को यूपीआई का सामर्थ्य दिखा दिया है। डिजिटल ट्रांजेक्शन में अकेले भारत 50 फीसदी योगदान दे रहा है। मेरे देश के नौजवानों मैं चुनौती देता हूं कि क्यों न इसी तरह हमारे अपने पेटेंट हों, क्यों हम दूसरे देशों पर निर्भर हों। 
*युवा अपने आइडियाज को कभी मरने  न दें*
पीएम मोदी ने कहा कि मैं देश के युवाओं से कहता हूं कि अपने आइडियाज को कभी मरने मत देना। मैं आपके साथ खड़ा हूं। आपका साथी बनने के काम करने के लिए तैयार हूं। जो युवा मैन्युफैक्चरिंग के बारे में सोचते हैं वो अगर सरकार के नियमों में बदलाव चाहते हैं तो मुझे बताइए। हम एक भी पल अब गंवाना नहीं चाहते। जब सरकार और मैं स्वयं आपके साथ हूं तो हम नया इतिहास बना सकते हैं। साथियों आज नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन पर तेजी से काम हो रहा है। हमारे एमएसएमई का लोहा पूरी दुनिया मानती है। हमारे एमएसएमई के औजार पूरी दुनिया में जाते हैं। इसलिए उनकी शक्ति बढ़े। आज कहना चाहता हूं कि हमें विश्व बाजार में अपने सामर्थ्य का लोहा मनवाना है तो हमें क्वालिटी बनाए रखनी है। हम सभी जो उत्पादन के क्षेत्र में लगे हैं उनका मंत्र होना चाहिए- दाम कम पर दम ज्यादा।
*वोकल फॉर लोकल को सभी भारतीयों का मंत्र बनाएं*
पीएम मोदी ने कहा कि मैं सभी राजनीतिक दलों और नेताओं को कहना चाहता हूं कि ये किसी राजनीतिक दल का एजेंडा नहीं है। भारत सभी का है। हम वोकल फॉर लोकल को सभी भारतीयों का मंत्र बनाएं। भारत के लोगों के पसीने से बनी भारत की चीजें, जिनमें हमारे लोगों की मेहनत की महक हो, हम वही चीजें खरीदें। देश देखते ही देखते बदल जाएगा।
पीएम मोदी ने कहा कि मैं देश के व्यापारियों से कहना चाहता हूं कि हम स्वदेशी का मजबूरी में नहीं मजबूती के साथ उपयोग करेंगे और मजबूती के लिए उपयोग करेंगे। जरूरत पड़ी तो दूसरों को मजबूर करने के लिए उपयोग करेंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि मैं अपने देश के लिए कर रहा हूं, अपने लिए नहीं कर रहा हूं। किसी का बुरा करने के लिए नहीं कर रहा हूं। हमारे राजनीतिक दलों के साथी, प्रतिद्वंद्वी साथ आएं। 
पीएम मोदी ने कहा कि हमारी जिम्मेदारी है कि हम किसी की लकीर को छोटी करने में अपनी ताकत बर्बाद न करें। हमें पूरी ऊर्जा के साथ अपनी लकीर बड़ी करनी है। हम अगर अपनी लकीर लंबी करते हैं तो दुनिया हमारा लोहा मानेगी। आज जब वैश्विक परिस्थितियों में आर्थिक स्वार्थ दिनों दिन बढ़ रहा है तब समय की मांग है कि हम उन संकटों के लिए रोते न बैठें, हम हिम्मत के साथ अपनी लकीर लंबी करें। अगर हमने यह रास्ता चुन लिया तो फिर कोई स्वार्थ हमें अपनी चंगुल में नहीं फंसा सकता है।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

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