Saturday, August 30, 2025

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कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया: राजीव प्रताप रूडी के ‘किले’ को भेद नहीं पाए संजीव बालियान

जीत के बाद रूडी ने कहा, “कई बातें गलत कही गई हैं, जिन पर मैं बाद में बोलूंगा, लेकिन फिलहाल इतना कह सकता हूं कि हमारी टीम ने बड़ी जीत हासिल की है.

नई दिल्ली, 13 अगस्त  2025  (यूटीएन)। दिल्ली में कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के चुनावों में इस बार भी बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी ने अपना दबदबा बरकरार रखा है. 25 साल से लगातार इस पद पर काबिज रूडी ने एक बार फिर अपने ही पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान को हराकर सचिव (प्रशासन) का चुनाव जीत लिया. कड़े मुकाबले, जोरदार कैंपेनिंग और बीजेपी बनाम बीजेपी के इस दिलचस्प चुनाव ने राजनीतिक गलियारों में खूब सुर्खियां बटोरीं.
*रूडी की बड़ी जीत*
चुनाव में कुल 707 वोट पड़े, जिनमें से लगभग 679 वैध वोट थे और 38 बैलेट दर्ज हुए. करीब 60% मतदान के साथ यह क्लब चुनावों में अब तक का सबसे ज्यादा मतदान रहा. रूडी ने 102 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की. जीत के बाद रूडी ने कहा, “कई बातें गलत कही गई हैं, जिन पर मैं बाद में बोलूंगा, लेकिन फिलहाल इतना कह सकता हूं कि हमारी टीम ने बड़ी जीत हासिल की है.
*बीजेपी बनाम बीजेपी का दिलचस्प मुकाबला*
इस चुनाव की चर्चा इसलिए भी ज्यादा रही क्योंकि मुकाबला बीजेपी के ही दो दिग्गज नेताओं के बीच था. पांच बार के सांसद, पायलट और पूर्व केंद्रीय मंत्री रूडी पिछले दो दशकों से सीसीआई के सचिव (प्रशासन) पद पर हैं. उनके कार्यकाल में क्लब को जीर्ण-शीर्ण स्थिति से बाहर निकालने और सक्रिय बनाने का श्रेय उन्हें दिया जाता है. हालांकि, आलोचकों का कहना था कि अब एक नई टीम को मौका मिलना चाहिए. दूसरी ओर, उनके प्रतिद्वंद्वी संजीव बालियान पेशे से वेटरनरी डॉक्टर और पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं.
*अन्य पदों पर निर्विरोध जीत*
लगभग 80 साल पुराने इस क्लब में वर्तमान और पूर्व सांसद सदस्य होते हैं. सचिव (प्रशासन) के अलावा अन्य अहम पदों पर निर्विरोध चुनाव हुए. डीएमके सांसद पी. विल्सन सचिव (कोषाध्यक्ष) बने, कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला को सचिव (खेल) और डीएमके सांसद तिरुचि शिवा को सचिव (संस्कृति) चुना गया. चुनावी माहौल में पहली बार सांसद बनी कंगना रनौत ने भी दिलचस्प टिप्पणी करते हुए कहा, “पहली बार बीजेपी बनाम बीजेपी का मुकाबला देख रही हूं, तो यह थोड़ा कन्फ्यूजिंग है.
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

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कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया: राजीव प्रताप रूडी के ‘किले’ को भेद नहीं पाए संजीव बालियान

जीत के बाद रूडी ने कहा, “कई बातें गलत कही गई हैं, जिन पर मैं बाद में बोलूंगा, लेकिन फिलहाल इतना कह सकता हूं कि हमारी टीम ने बड़ी जीत हासिल की है.

नई दिल्ली, 13 अगस्त  2025  (यूटीएन)। दिल्ली में कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के चुनावों में इस बार भी बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी ने अपना दबदबा बरकरार रखा है. 25 साल से लगातार इस पद पर काबिज रूडी ने एक बार फिर अपने ही पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान को हराकर सचिव (प्रशासन) का चुनाव जीत लिया. कड़े मुकाबले, जोरदार कैंपेनिंग और बीजेपी बनाम बीजेपी के इस दिलचस्प चुनाव ने राजनीतिक गलियारों में खूब सुर्खियां बटोरीं.
*रूडी की बड़ी जीत*
चुनाव में कुल 707 वोट पड़े, जिनमें से लगभग 679 वैध वोट थे और 38 बैलेट दर्ज हुए. करीब 60% मतदान के साथ यह क्लब चुनावों में अब तक का सबसे ज्यादा मतदान रहा. रूडी ने 102 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की. जीत के बाद रूडी ने कहा, “कई बातें गलत कही गई हैं, जिन पर मैं बाद में बोलूंगा, लेकिन फिलहाल इतना कह सकता हूं कि हमारी टीम ने बड़ी जीत हासिल की है.
*बीजेपी बनाम बीजेपी का दिलचस्प मुकाबला*
इस चुनाव की चर्चा इसलिए भी ज्यादा रही क्योंकि मुकाबला बीजेपी के ही दो दिग्गज नेताओं के बीच था. पांच बार के सांसद, पायलट और पूर्व केंद्रीय मंत्री रूडी पिछले दो दशकों से सीसीआई के सचिव (प्रशासन) पद पर हैं. उनके कार्यकाल में क्लब को जीर्ण-शीर्ण स्थिति से बाहर निकालने और सक्रिय बनाने का श्रेय उन्हें दिया जाता है. हालांकि, आलोचकों का कहना था कि अब एक नई टीम को मौका मिलना चाहिए. दूसरी ओर, उनके प्रतिद्वंद्वी संजीव बालियान पेशे से वेटरनरी डॉक्टर और पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं.
*अन्य पदों पर निर्विरोध जीत*
लगभग 80 साल पुराने इस क्लब में वर्तमान और पूर्व सांसद सदस्य होते हैं. सचिव (प्रशासन) के अलावा अन्य अहम पदों पर निर्विरोध चुनाव हुए. डीएमके सांसद पी. विल्सन सचिव (कोषाध्यक्ष) बने, कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला को सचिव (खेल) और डीएमके सांसद तिरुचि शिवा को सचिव (संस्कृति) चुना गया. चुनावी माहौल में पहली बार सांसद बनी कंगना रनौत ने भी दिलचस्प टिप्पणी करते हुए कहा, “पहली बार बीजेपी बनाम बीजेपी का मुकाबला देख रही हूं, तो यह थोड़ा कन्फ्यूजिंग है.
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

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