Saturday, August 30, 2025

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7 अगस्त को राहुल गांधी के घर अहम मुद्दों पर मंथन करेगा विपक्ष

प्रधानमंत्री बहुत मामूली बहुमत से जीते हैं और यदि 15 सीटें भी सही तरीके से हुई होतीं, तो वो प्रधानमंत्री नहीं बन पाते। इसके साथ ही, बैठक में कई मुद्दे उठाए जा सकते हैं।

नई दिल्ली, 03 अगस्त 2025 (यूटीएन)। विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया की अगली बैठक 7 अगस्त को कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास पर होगी। सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक डिनर के दौरान होगी और इसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
*क्या है बैठक का मकसद?*
राहुल गांधी ने हाल ही में आरोप लगाया था कि 2024 के लोकसभा चुनावों में करीब 70-80 सीटों पर धांधली हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बहुत मामूली बहुमत से जीते हैं और यदि 15 सीटें भी सही तरीके से हुई होतीं, तो वो प्रधानमंत्री नहीं बन पाते। इसके साथ ही, बैठक में कई मुद्दे उठाए जा सकते हैं। जिसमें बिहार में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया, महाराष्ट्र में फर्जी वोटर जोड़ने का आरोप, ऑपरेशन सिंदूर, भारत-अमेरिका व्यापार समझौता और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से संभावित टैरिफ (शुल्क) धमकी शामिल है।
*कौन-कौन नेता होंगे शामिल?*
पिछली बैठक 19 जुलाई को वर्चुअल हुई थी, जिसमें 24 से ज्यादा दलों के नेता शामिल हुए थे, जिसमें एनसीपी-एसपी प्रमुख शरद पवार, आरजेडी नेता और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, जम्मू-कश्मीर के मौजूदा मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन और शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे शामिल थे। इस बार फारूक अब्दुल्ला (नेशनल कॉन्फ्रेंस) ने भी पुष्टि की है कि वे बैठक में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि वे बिहार की एसआईआर प्रक्रिया पर चर्चा करेंगे, जिसे भाजपा-जेडीयू गठबंधन की जीत सुनिश्चित करने के लिए उपयोग किया जा रहा है।
*क्या कह रही हैं विपक्षी पार्टियां?*
शिवसेना (यूबीसी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि, ‘चाहे वह पहलगाम आतंकवादी हमला हो या ऑपरेशन सिंदूर, सरकार कोई जवाबदेही नहीं दिखा रही है। प्रधानमंत्री ने खुद कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है, लेकिन वहीं दूसरी ओर सेना और सरकार के लोग क्रिकेट खेल रहे हैं – यह शहीदों का अपमान है।’ उन्होंने महाराष्ट्र में 45 लाख नए वोटरों के जुड़ने और 70 लाख वोटों के अंतिम समय में डाले जाने पर सवाल उठाया। बिहार में 60 से ज्यादा वोटरों के नाम हटाए जाने पर भी चिंता जताई, जिससे प्रवासी मजदूरों का वोट अधिकार छिन गया है।
*राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर आरोप*
राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, ‘भारत का चुनावी सिस्टम मर चुका है। हमारे पास सबूत हैं कि लोकसभा चुनावों में धांधली हुई। करीब 1.5 लाख फर्जी वोटर मिले हैं। चुनाव आयोग अब अस्तित्व में ही नहीं है।’ उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने पिछले छह महीनों में गहन जांच की, जिससे यह तथ्य सामने आया। हालांकि, चुनाव आयोग ने 12 जून को राहुल गांधी को इस मुद्दे पर बातचीत के लिए बुलाया था, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।
*सीपीआई महासचिव डी राजा का बयान*
वहीं इसे लेकर कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) के महासचिव डी राजा ने कहा कि राहुल गांधी व्यक्तिगत रूप से नेताओं को फोन कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी कोई ठोस एजेंडा तय नहीं हुआ है।
*चुनाव आयोग से निष्पक्षता की उम्मीद थी*
वहीं इस मामले में बोलते हुए कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा- 7 अगस्त को दिल्ली में एक बैठक होगी। भारत गठबंधन के नेता वहां मौजूद रहेंगे। उन्होंने आगे कहा- हम संसद के अंदर और बाहर एसआईआर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। चुनाव आयोग इस देश के लोकतांत्रिक मूल्यों को सुनियोजित तरीके से निशाना बना रहा है। हमें चुनाव आयोग से निष्पक्षता की उम्मीद थी, लेकिन वे ऐसा नहीं कर रहे हैं। बिहार में कई मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। ऐसे में निष्पक्ष लोकतंत्र कैसे चल सकता है? … हम 5 अगस्त को बंगलूरू में चुनाव आयोग की गंभीर गड़बड़ियों का खुलासा करने जा रहे हैं।
*भाजपा ने बैठक को लेकर कसा तंज*
इसे लेकर पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने 7 अगस्त को दिल्ली में होने वाली इंडिया ब्लॉक नेताओं की बैठक पर कहा, ‘उनके दो एजेंडे हैं: एक एजेंडा यह है कि चुनाव के बाद वे कहेंगे कि इस हार का कारण ईवीएम है, और दूसरा, सांप्रदायिक भावनाओं के कारण लोग बाहर नहीं निकल पाए, इसलिए वे हार गए। उनकी चर्चा इन्हीं दो मुद्दों पर होगी।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

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7 अगस्त को राहुल गांधी के घर अहम मुद्दों पर मंथन करेगा विपक्ष

प्रधानमंत्री बहुत मामूली बहुमत से जीते हैं और यदि 15 सीटें भी सही तरीके से हुई होतीं, तो वो प्रधानमंत्री नहीं बन पाते। इसके साथ ही, बैठक में कई मुद्दे उठाए जा सकते हैं।

नई दिल्ली, 03 अगस्त 2025 (यूटीएन)। विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया की अगली बैठक 7 अगस्त को कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास पर होगी। सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक डिनर के दौरान होगी और इसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
*क्या है बैठक का मकसद?*
राहुल गांधी ने हाल ही में आरोप लगाया था कि 2024 के लोकसभा चुनावों में करीब 70-80 सीटों पर धांधली हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बहुत मामूली बहुमत से जीते हैं और यदि 15 सीटें भी सही तरीके से हुई होतीं, तो वो प्रधानमंत्री नहीं बन पाते। इसके साथ ही, बैठक में कई मुद्दे उठाए जा सकते हैं। जिसमें बिहार में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया, महाराष्ट्र में फर्जी वोटर जोड़ने का आरोप, ऑपरेशन सिंदूर, भारत-अमेरिका व्यापार समझौता और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से संभावित टैरिफ (शुल्क) धमकी शामिल है।
*कौन-कौन नेता होंगे शामिल?*
पिछली बैठक 19 जुलाई को वर्चुअल हुई थी, जिसमें 24 से ज्यादा दलों के नेता शामिल हुए थे, जिसमें एनसीपी-एसपी प्रमुख शरद पवार, आरजेडी नेता और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, जम्मू-कश्मीर के मौजूदा मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन और शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे शामिल थे। इस बार फारूक अब्दुल्ला (नेशनल कॉन्फ्रेंस) ने भी पुष्टि की है कि वे बैठक में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि वे बिहार की एसआईआर प्रक्रिया पर चर्चा करेंगे, जिसे भाजपा-जेडीयू गठबंधन की जीत सुनिश्चित करने के लिए उपयोग किया जा रहा है।
*क्या कह रही हैं विपक्षी पार्टियां?*
शिवसेना (यूबीसी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि, ‘चाहे वह पहलगाम आतंकवादी हमला हो या ऑपरेशन सिंदूर, सरकार कोई जवाबदेही नहीं दिखा रही है। प्रधानमंत्री ने खुद कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है, लेकिन वहीं दूसरी ओर सेना और सरकार के लोग क्रिकेट खेल रहे हैं – यह शहीदों का अपमान है।’ उन्होंने महाराष्ट्र में 45 लाख नए वोटरों के जुड़ने और 70 लाख वोटों के अंतिम समय में डाले जाने पर सवाल उठाया। बिहार में 60 से ज्यादा वोटरों के नाम हटाए जाने पर भी चिंता जताई, जिससे प्रवासी मजदूरों का वोट अधिकार छिन गया है।
*राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर आरोप*
राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, ‘भारत का चुनावी सिस्टम मर चुका है। हमारे पास सबूत हैं कि लोकसभा चुनावों में धांधली हुई। करीब 1.5 लाख फर्जी वोटर मिले हैं। चुनाव आयोग अब अस्तित्व में ही नहीं है।’ उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने पिछले छह महीनों में गहन जांच की, जिससे यह तथ्य सामने आया। हालांकि, चुनाव आयोग ने 12 जून को राहुल गांधी को इस मुद्दे पर बातचीत के लिए बुलाया था, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।
*सीपीआई महासचिव डी राजा का बयान*
वहीं इसे लेकर कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) के महासचिव डी राजा ने कहा कि राहुल गांधी व्यक्तिगत रूप से नेताओं को फोन कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी कोई ठोस एजेंडा तय नहीं हुआ है।
*चुनाव आयोग से निष्पक्षता की उम्मीद थी*
वहीं इस मामले में बोलते हुए कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा- 7 अगस्त को दिल्ली में एक बैठक होगी। भारत गठबंधन के नेता वहां मौजूद रहेंगे। उन्होंने आगे कहा- हम संसद के अंदर और बाहर एसआईआर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। चुनाव आयोग इस देश के लोकतांत्रिक मूल्यों को सुनियोजित तरीके से निशाना बना रहा है। हमें चुनाव आयोग से निष्पक्षता की उम्मीद थी, लेकिन वे ऐसा नहीं कर रहे हैं। बिहार में कई मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। ऐसे में निष्पक्ष लोकतंत्र कैसे चल सकता है? … हम 5 अगस्त को बंगलूरू में चुनाव आयोग की गंभीर गड़बड़ियों का खुलासा करने जा रहे हैं।
*भाजपा ने बैठक को लेकर कसा तंज*
इसे लेकर पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने 7 अगस्त को दिल्ली में होने वाली इंडिया ब्लॉक नेताओं की बैठक पर कहा, ‘उनके दो एजेंडे हैं: एक एजेंडा यह है कि चुनाव के बाद वे कहेंगे कि इस हार का कारण ईवीएम है, और दूसरा, सांप्रदायिक भावनाओं के कारण लोग बाहर नहीं निकल पाए, इसलिए वे हार गए। उनकी चर्चा इन्हीं दो मुद्दों पर होगी।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

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