Sunday, August 31, 2025

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पूर्वोत्तर को हथकरघा और हस्तशिल्प में अपनी समृद्ध विरासत का लाभ उठाना चाहिए: ज्योतिरादित्य सिंधिया

केंद्रीय मंत्री ने भारत की स्थायी फैशन क्रांति का नेतृत्व करने में पूर्वोत्तर की अपार क्षमता पर प्रकाश डाला, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'पर्यावरण और सशक्तिकरण के लिए फैशन' के दृष्टिकोण को प्रतिध्वनित करता है।

नई दिल्ली, 23 जुलाई 2025 (यूटीएन)। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने  पूर्वोत्तर में हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्र को मज़बूत करने पर केंद्रित एक उच्च-स्तरीय टास्क फोर्स बैठक में भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने की, जिसमें केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह, मिज़ोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा, असम के हथकरघा एवं वस्त्र मंत्री उरखाओ ग्वारा ब्रह्मा, डोनर मंत्रालय के अधिकारी, और मणिपुर सरकार एवं भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री ने भारत की स्थायी फैशन क्रांति का नेतृत्व करने में पूर्वोत्तर की अपार क्षमता पर प्रकाश डाला, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘पर्यावरण और सशक्तिकरण के लिए फैशन’ के दृष्टिकोण को प्रतिध्वनित करता है।
पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं, कारीगरी विशेषज्ञता और असाधारण शिल्प कौशल की अपनी समृद्ध विरासत के साथ, यह क्षेत्र वैश्विक स्तर पर हरित, समावेशी फैशन की ओर बदलाव का नेतृत्व करने के लिए अद्वितीय स्थिति में है। सिंधिया ने कहा, “पूर्वोत्तर को आजीविका उत्पन्न करने, नवाचार को बढ़ावा देने और भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर स्थापित करने के लिए हथकरघा और हस्तशिल्प में अपनी समृद्ध विरासत का लाभ उठाना चाहिए।
बैठक में बेहतर बाज़ार पहुंच, प्रौद्योगिकी के उपयोग, क्षमता निर्माण और सतत आजीविका सृजन जैसे लक्षित हस्तक्षेपों के माध्यम से हस्तशिल्प और हथकरघा पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। टास्क फोर्स का उद्देश्य क्षेत्र में सतत विकास और समावेशी प्रगति की आधारशिला के रूप में हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम करना है।
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने इस क्षेत्र के लिए एक परिवर्तनकारी योजना का अनावरण किया, जिसमें बुनियादी ढांचे के उन्नयन, डिजिटल और डिज़ाइन एकीकरण, और कौशल विकास के माध्यम से आधुनिकीकरण पर ज़ोर दिया गया। प्रमुख पहलों में कारीगर समूहों की स्थापना, सामान्य सुविधा केंद्रों की स्थापना और राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार के लिए पूरे क्षेत्र में प्रमुख उत्पादों की पहचान शामिल है। रोडमैप में स्वयं सहायता समूहों को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालकर और एक बॉटम-अप मूल्य श्रृंखला विकसित करके बाज़ार की तैयारी पर ज़ोर दिया गया, जिसका उद्देश्य स्थानीय शिल्पों को घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फलने-फूलने के लिए सशक्त बनाना है।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

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पूर्वोत्तर को हथकरघा और हस्तशिल्प में अपनी समृद्ध विरासत का लाभ उठाना चाहिए: ज्योतिरादित्य सिंधिया

केंद्रीय मंत्री ने भारत की स्थायी फैशन क्रांति का नेतृत्व करने में पूर्वोत्तर की अपार क्षमता पर प्रकाश डाला, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'पर्यावरण और सशक्तिकरण के लिए फैशन' के दृष्टिकोण को प्रतिध्वनित करता है।

नई दिल्ली, 23 जुलाई 2025 (यूटीएन)। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने  पूर्वोत्तर में हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्र को मज़बूत करने पर केंद्रित एक उच्च-स्तरीय टास्क फोर्स बैठक में भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने की, जिसमें केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह, मिज़ोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा, असम के हथकरघा एवं वस्त्र मंत्री उरखाओ ग्वारा ब्रह्मा, डोनर मंत्रालय के अधिकारी, और मणिपुर सरकार एवं भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री ने भारत की स्थायी फैशन क्रांति का नेतृत्व करने में पूर्वोत्तर की अपार क्षमता पर प्रकाश डाला, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘पर्यावरण और सशक्तिकरण के लिए फैशन’ के दृष्टिकोण को प्रतिध्वनित करता है।
पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं, कारीगरी विशेषज्ञता और असाधारण शिल्प कौशल की अपनी समृद्ध विरासत के साथ, यह क्षेत्र वैश्विक स्तर पर हरित, समावेशी फैशन की ओर बदलाव का नेतृत्व करने के लिए अद्वितीय स्थिति में है। सिंधिया ने कहा, “पूर्वोत्तर को आजीविका उत्पन्न करने, नवाचार को बढ़ावा देने और भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर स्थापित करने के लिए हथकरघा और हस्तशिल्प में अपनी समृद्ध विरासत का लाभ उठाना चाहिए।
बैठक में बेहतर बाज़ार पहुंच, प्रौद्योगिकी के उपयोग, क्षमता निर्माण और सतत आजीविका सृजन जैसे लक्षित हस्तक्षेपों के माध्यम से हस्तशिल्प और हथकरघा पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। टास्क फोर्स का उद्देश्य क्षेत्र में सतत विकास और समावेशी प्रगति की आधारशिला के रूप में हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम करना है।
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने इस क्षेत्र के लिए एक परिवर्तनकारी योजना का अनावरण किया, जिसमें बुनियादी ढांचे के उन्नयन, डिजिटल और डिज़ाइन एकीकरण, और कौशल विकास के माध्यम से आधुनिकीकरण पर ज़ोर दिया गया। प्रमुख पहलों में कारीगर समूहों की स्थापना, सामान्य सुविधा केंद्रों की स्थापना और राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार के लिए पूरे क्षेत्र में प्रमुख उत्पादों की पहचान शामिल है। रोडमैप में स्वयं सहायता समूहों को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालकर और एक बॉटम-अप मूल्य श्रृंखला विकसित करके बाज़ार की तैयारी पर ज़ोर दिया गया, जिसका उद्देश्य स्थानीय शिल्पों को घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फलने-फूलने के लिए सशक्त बनाना है।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

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