Thursday, January 1, 2026

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भारतीय किसान यूनियन का अनिश्चितकालीन धरना, वन विभाग के नोटिसों के खिलाफ उबाल

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वन विभाग द्वारा भेजे गए नोटिस पूरी तरह से अन्यायपूर्ण हैं और इससे ग्रामीणों में भय और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

शामली,29 दिसंबर 2025 (यूटीएन)। जनपद की कैराना तहसील में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले सैकड़ों किसान, कार्यकर्ता एवं ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया। यह धरना वन विभाग द्वारा 32 गांवों के ग्रामीणों को जारी किए गए नोटिसों के विरोध में आयोजित किया गया।

सुबह से ही कैराना तहसील कार्यालय परिसर में किसानों का जुटान शुरू हो गया। देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में किसान और ग्रामीण वहां पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वन विभाग द्वारा भेजे गए नोटिस पूरी तरह से अन्यायपूर्ण हैं और इससे ग्रामीणों में भय और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि जिन जमीनों पर ग्रामीण वर्षों से काबिज हैं और जिन पर उनकी आजीविका निर्भर है, उन्हें वन भूमि बताकर नोटिस देना सरासर गलत है। यूनियन ने चेतावनी दी कि जब तक नोटिस वापस नहीं लिए जाते और किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।

धरना स्थल पर किसानों ने सरकार और वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि किसान पहले ही महंगाई, बिजली, खाद और फसल के दामों की मार झेल रहा है, ऐसे में इस प्रकार की कार्रवाई से किसानों की परेशानी और बढ़ गई है।

धरने में शामिल ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द मामले का समाधान किया जाए, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरना-प्रदर्शन के चलते तहसील परिसर में दिनभर गहमा-गहमी का माहौल बना रहा।

International

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भारतीय किसान यूनियन का अनिश्चितकालीन धरना, वन विभाग के नोटिसों के खिलाफ उबाल

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वन विभाग द्वारा भेजे गए नोटिस पूरी तरह से अन्यायपूर्ण हैं और इससे ग्रामीणों में भय और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

शामली,29 दिसंबर 2025 (यूटीएन)। जनपद की कैराना तहसील में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले सैकड़ों किसान, कार्यकर्ता एवं ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया। यह धरना वन विभाग द्वारा 32 गांवों के ग्रामीणों को जारी किए गए नोटिसों के विरोध में आयोजित किया गया।

सुबह से ही कैराना तहसील कार्यालय परिसर में किसानों का जुटान शुरू हो गया। देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में किसान और ग्रामीण वहां पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वन विभाग द्वारा भेजे गए नोटिस पूरी तरह से अन्यायपूर्ण हैं और इससे ग्रामीणों में भय और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि जिन जमीनों पर ग्रामीण वर्षों से काबिज हैं और जिन पर उनकी आजीविका निर्भर है, उन्हें वन भूमि बताकर नोटिस देना सरासर गलत है। यूनियन ने चेतावनी दी कि जब तक नोटिस वापस नहीं लिए जाते और किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।

धरना स्थल पर किसानों ने सरकार और वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि किसान पहले ही महंगाई, बिजली, खाद और फसल के दामों की मार झेल रहा है, ऐसे में इस प्रकार की कार्रवाई से किसानों की परेशानी और बढ़ गई है।

धरने में शामिल ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द मामले का समाधान किया जाए, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरना-प्रदर्शन के चलते तहसील परिसर में दिनभर गहमा-गहमी का माहौल बना रहा।

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