Thursday, January 1, 2026

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हिंदू हृदय सम्राट शिवम द्विवेदी ने आंग्ल नववर्ष न मनाने की अपील

ऐसे में अंग्रेजो की दासता से मुक्ति मिलने के बाद अंग्रेजों की परम्परा व उनके त्योहार मनाया जाना बहुत ही दुखद व दुर्भाग्यपूर्ण है, सनातन धर्म व संस्कृति को इन आक्रान्ताओ ने भारी नुकसान पहुंचाया है।

हरदोई, 28 दिसंबर 2025 (यूटीएन)। जिले के युवा समाजसेवी व प्रहलाद नगरी जन कल्याण समिति के संस्थापक/अध्यक्ष हिंदू हृदय सम्राट शिवम द्विवेदी ने सनातन धर्म के अनुयायियों सहित समस्त भारत वासियों से आंग्ल नव वर्ष न मनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हमारा देश सनातन परंपरा का देश है। सनातन के शिवा कोई परम्परा स्वीकार्य नहीं है।

ऐसे में अंग्रेजो की दासता से मुक्ति मिलने के बाद अंग्रेजों की परम्परा व उनके त्योहार मनाया जाना बहुत ही दुखद व दुर्भाग्यपूर्ण है। सनातन धर्म व संस्कृति को इन आक्रान्ताओ ने भारी नुकसान पहुंचाया है। ऐसे में सनातन धर्म व संस्कृति की पुनः स्थापना व मजबूती के लिए पूरे देश के नागरिकों को आंग्ल नव वर्ष का बहिष्कार किया जाना चाहिए। वैदिक व्यवस्था के आधार पर हमारा नव वर्ष चैत्र प्रतिपदा से शुरू होता है।

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हिंदू हृदय सम्राट शिवम द्विवेदी ने आंग्ल नववर्ष न मनाने की अपील

ऐसे में अंग्रेजो की दासता से मुक्ति मिलने के बाद अंग्रेजों की परम्परा व उनके त्योहार मनाया जाना बहुत ही दुखद व दुर्भाग्यपूर्ण है, सनातन धर्म व संस्कृति को इन आक्रान्ताओ ने भारी नुकसान पहुंचाया है।

हरदोई, 28 दिसंबर 2025 (यूटीएन)। जिले के युवा समाजसेवी व प्रहलाद नगरी जन कल्याण समिति के संस्थापक/अध्यक्ष हिंदू हृदय सम्राट शिवम द्विवेदी ने सनातन धर्म के अनुयायियों सहित समस्त भारत वासियों से आंग्ल नव वर्ष न मनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हमारा देश सनातन परंपरा का देश है। सनातन के शिवा कोई परम्परा स्वीकार्य नहीं है।

ऐसे में अंग्रेजो की दासता से मुक्ति मिलने के बाद अंग्रेजों की परम्परा व उनके त्योहार मनाया जाना बहुत ही दुखद व दुर्भाग्यपूर्ण है। सनातन धर्म व संस्कृति को इन आक्रान्ताओ ने भारी नुकसान पहुंचाया है। ऐसे में सनातन धर्म व संस्कृति की पुनः स्थापना व मजबूती के लिए पूरे देश के नागरिकों को आंग्ल नव वर्ष का बहिष्कार किया जाना चाहिए। वैदिक व्यवस्था के आधार पर हमारा नव वर्ष चैत्र प्रतिपदा से शुरू होता है।

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