मथुरा,06 दिसंबर 2025 (यूटीएन)। गहन होती शरद ऋतु के बीच भगवान श्रीनाथजी को ठंड से बचाने की सदियों पुरानी परंपरा का निर्वाह गुरुवार को विशेष श्रद्धाभाव के साथ किया गया। श्री वैदिक कृष्णार्पण संस्थान (रजि.) मथुरा द्वारा रामलीला मैदान स्थित महादेव मंदिर परिसर में भव्य छप्पन भोग महोत्सव और भजन-कीर्तन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत गुरुवार सुबह 10:00 शोभा यात्रा के साथ हुई दोपहर में ठाकुर श्रीनाथजी के विशेष श्रंगार के साथ हुई। बड़ी संख्या में पहुंचे भक्तों ने मीठे-मीठे भजन सुनाकर ठाकुर जी को रिझाया। इसी दौरान जैसे ही भजन गूंजे, भक्तों ने परंपरा के अनुसार श्रीनाथजी को शरद ऋतु की ठंड से बचाने हेतु विशेष उदय रजाई ओढ़ाई। संस्थान के पदाधिकारियों ने बताया कि मौसम परिवर्तन के साथ हर वर्ष शरद ऋतु शुरू होते ही यह परंपरा निभाई जाती है।
आयोजन समिति ने बताया कि पिछले 25 वर्षों से संस्था द्वारा यह धार्मिक आयोजन लगातार किया जा रहा है। आस्था के इस पर्व में ठाकुर जी को छप्पन भोग का अर्पण किया गया, जिसमें विविध प्रकार के मिष्ठान, फल, सूखे मेवे और पारंपरिक व्यंजन शामिल थे। भोग के पश्चात भक्तों में प्रसादी वितरण किया गया।
गुरुवार शाम 4:00 बजे
संस्थान के संचालको ने बताया कि शरद ऋतु में बढ़ती ठंड से ठाकुर जी की सेवा में विशेष सावधानी बरती जाती है। परंपरा के अनुसार ठाकुर जी को 40 दिनों के लिए रजाई ओढ़ाई जाती है, ताकि उन्हें ठंड से कोई कष्ट न हो। भक्त मानते हैं कि सेवा-श्रृंगार और भोग अर्पण का यह समय अत्यंत शुभ माना जाता है और इससे जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।
भजन-कीर्तन के दौरान ‘ठंड बढ़ी श्रीनाथजी, रजाई धरो जल्दी…’ जैसे भक्तिमय गीतों ने वातावरण को भक्ति रस से सरोबार कर दिया। कार्यक्रम में महिलाओं, बुजुर्गों और युवा भक्तों की विशेष उपस्थिति रही।
श्री वैदिक कृष्णार्पण संस्थान द्वारा आयोजित यह वार्षिक धार्मिक समारोह भक्तों की आस्था का अनूठा उदाहरण है, जो परंपरा, सेवा और भक्ति के माध्यम से ठाकुर श्रीनाथजी के प्रति समर्पण का दिव्य संदेश देता है।
मथुरा-रिपोटर,(चंद्र मोहन दीक्षित)।


