Sunday, August 31, 2025

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हमें केवल मेक इन इंडिया पर ही नहीं, बल्कि मेक फॉर द वर्ल्ड पर भी ध्यान देना चाहिए: अन्नपूर्णा देवी

भारत का यूपीआई अब दुनिया का पहला रीयल-टाइम भुगतान सिस्टम बन गया है और 7 देश इसे अपना चुके हैं, उन्होंने कहा कि सरकार अगली पीढ़ी के सुधारों पर काम कर रही है।

नई दिल्ली, 20 अगस्त  2025  (यूटीएन)। केंद्रीय महिला विकास एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने आज कहा कि हम विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से विभिन्न सरकारी नीतियों और पहलों के माध्यम से भारतीय अर्थव्यवस्था में वृद्धि देख रहे हैं। इसमें मोबाइल से लेकर ऑटोमोबाइल, जहाज़ से लेकर सेमीकंडक्टर चिप्स तक शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा, “अब हमारा लक्ष्य केवल मेक इन इंडिया पर नहीं, बल्कि मेक फॉर द वर्ल्ड पर भी है। फिक्की मासमेराइज़ 2025 को संबोधित करते हुए अन्नपूर्णा देवी ने डिजिटल नवाचार पर बोलते हुए कहा कि आईएमएफ की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का यूपीआई अब दुनिया का पहला रीयल-टाइम भुगतान सिस्टम बन गया है और 7 देश इसे अपना चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अगली पीढ़ी के सुधारों पर काम कर रही है।
जिससे जीवन और व्यापार में आसानी होगी। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा महिलाओं को समावेशी विकास के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक माना है। मंत्री ने कहा, “अगर भारत को आगे बढ़ना है, तो हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी महिला या बच्चा पीछे न छूटे। अन्नपूर्णा देवी ने ज़ोर देकर कहा कि एफएमसीजी, खुदरा और ई-कॉमर्स के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों के लिए नए रास्ते खुल रहे हैं जो कल्पनाशीलता, नवाचार और सृजन के माध्यम से रोज़गार के नए अवसर पैदा कर रहे हैं जो भारत के भविष्य को आकार दे रहे हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता पर काम करने की आवश्यकता है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमने उद्योग जगत से अपने सीएसआर पहलों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में समावेशी विकास और नवाचार को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया ताकि कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व सामूहिक सामाजिक उत्तरदायित्व बन सके। फिक्की एफएमसीजी समिति के अध्यक्ष कुमार वेंकटसुब्रमण्यन ने कहा कि भारत ने नीति और प्रभाव दोनों के क्षेत्र में परिवर्तनकारी प्रगति देखी है।
केंद्रीय बजट 2025-26 में महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए लगभग 37 प्रतिशत अधिक धनराशि आवंटित की गई है – जो भविष्य की पीढ़ियों में राष्ट्रीय इरादे और निवेश का एक स्पष्ट संकेत है। फिक्की की महानिदेशक  ज्योति विज ने कहा कि फिक्की महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक और निजी क्षेत्र महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं। इस कार्यक्रम के दौरान फिक्की-डेलॉयट रिपोर्ट – ‘भारत के प्रमुख नवाचार क्षण की पहचान’ जारी की गई।
*रिपोर्ट की मुख्य विशेषताएँ:*
भारत का 1.06 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का खुदरा क्षेत्र 2030 तक 1.93 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है।
• भारत में ऑनलाइन खुदरा व्यापार 2024 के 75 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2030 तक 260 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो जाएगा, जिससे कुल खुदरा व्यापार में इसकी हिस्सेदारी 7 प्रतिशत से बढ़कर 14 प्रतिशत हो जाएगी।
• 2025 में भारत की कुल खपत में जनरेशन Z का योगदान 43 प्रतिशत होगा, जिसकी प्रत्यक्ष व्यय क्षमता 250 बिलियन अमेरिकी डॉलर होगी।
• भारत में सभी ई-कॉमर्स लेनदेन में अब टियर II और III शहरों का योगदान 60 प्रतिशत से अधिक है।
• भारत में क्विक कॉमर्स, जो पहले से ही 80 से अधिक शहरों में संचालित हो रहा है, 70-80 प्रतिशत चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ रहा है, जो दुनिया में सबसे तेज़ है।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

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हमें केवल मेक इन इंडिया पर ही नहीं, बल्कि मेक फॉर द वर्ल्ड पर भी ध्यान देना चाहिए: अन्नपूर्णा देवी

भारत का यूपीआई अब दुनिया का पहला रीयल-टाइम भुगतान सिस्टम बन गया है और 7 देश इसे अपना चुके हैं, उन्होंने कहा कि सरकार अगली पीढ़ी के सुधारों पर काम कर रही है।

नई दिल्ली, 20 अगस्त  2025  (यूटीएन)। केंद्रीय महिला विकास एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने आज कहा कि हम विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से विभिन्न सरकारी नीतियों और पहलों के माध्यम से भारतीय अर्थव्यवस्था में वृद्धि देख रहे हैं। इसमें मोबाइल से लेकर ऑटोमोबाइल, जहाज़ से लेकर सेमीकंडक्टर चिप्स तक शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा, “अब हमारा लक्ष्य केवल मेक इन इंडिया पर नहीं, बल्कि मेक फॉर द वर्ल्ड पर भी है। फिक्की मासमेराइज़ 2025 को संबोधित करते हुए अन्नपूर्णा देवी ने डिजिटल नवाचार पर बोलते हुए कहा कि आईएमएफ की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का यूपीआई अब दुनिया का पहला रीयल-टाइम भुगतान सिस्टम बन गया है और 7 देश इसे अपना चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अगली पीढ़ी के सुधारों पर काम कर रही है।
जिससे जीवन और व्यापार में आसानी होगी। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा महिलाओं को समावेशी विकास के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक माना है। मंत्री ने कहा, “अगर भारत को आगे बढ़ना है, तो हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी महिला या बच्चा पीछे न छूटे। अन्नपूर्णा देवी ने ज़ोर देकर कहा कि एफएमसीजी, खुदरा और ई-कॉमर्स के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों के लिए नए रास्ते खुल रहे हैं जो कल्पनाशीलता, नवाचार और सृजन के माध्यम से रोज़गार के नए अवसर पैदा कर रहे हैं जो भारत के भविष्य को आकार दे रहे हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता पर काम करने की आवश्यकता है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमने उद्योग जगत से अपने सीएसआर पहलों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में समावेशी विकास और नवाचार को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया ताकि कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व सामूहिक सामाजिक उत्तरदायित्व बन सके। फिक्की एफएमसीजी समिति के अध्यक्ष कुमार वेंकटसुब्रमण्यन ने कहा कि भारत ने नीति और प्रभाव दोनों के क्षेत्र में परिवर्तनकारी प्रगति देखी है।
केंद्रीय बजट 2025-26 में महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए लगभग 37 प्रतिशत अधिक धनराशि आवंटित की गई है – जो भविष्य की पीढ़ियों में राष्ट्रीय इरादे और निवेश का एक स्पष्ट संकेत है। फिक्की की महानिदेशक  ज्योति विज ने कहा कि फिक्की महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक और निजी क्षेत्र महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं। इस कार्यक्रम के दौरान फिक्की-डेलॉयट रिपोर्ट – ‘भारत के प्रमुख नवाचार क्षण की पहचान’ जारी की गई।
*रिपोर्ट की मुख्य विशेषताएँ:*
भारत का 1.06 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का खुदरा क्षेत्र 2030 तक 1.93 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है।
• भारत में ऑनलाइन खुदरा व्यापार 2024 के 75 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2030 तक 260 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो जाएगा, जिससे कुल खुदरा व्यापार में इसकी हिस्सेदारी 7 प्रतिशत से बढ़कर 14 प्रतिशत हो जाएगी।
• 2025 में भारत की कुल खपत में जनरेशन Z का योगदान 43 प्रतिशत होगा, जिसकी प्रत्यक्ष व्यय क्षमता 250 बिलियन अमेरिकी डॉलर होगी।
• भारत में सभी ई-कॉमर्स लेनदेन में अब टियर II और III शहरों का योगदान 60 प्रतिशत से अधिक है।
• भारत में क्विक कॉमर्स, जो पहले से ही 80 से अधिक शहरों में संचालित हो रहा है, 70-80 प्रतिशत चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ रहा है, जो दुनिया में सबसे तेज़ है।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

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