Sunday, August 31, 2025

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यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पीएम मोदी से कई अहम मुद्दों पर चर्चा की

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने आगे कहा कि उन्होंने पीएम मोदी को रूस के हमलों के बारे में विस्तार से अवगत कराया, उन्होंने बताया कि किस तरह रूसी सेना यूक्रेन के शहरों और गांवों को निशाना बना रही है।

नई दिल्ली, 11 अगस्त 2025 (यूटीएन)। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ लंबी और विस्तृत बातचीत की। जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि इस वार्ता में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों और मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हालात पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को यूक्रेनी जनता के प्रति उनके गर्मजोशी भरे समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।
*जेलेंस्की ने पीएम मोदी को रूस के हमलों से कराया अवगत*
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने आगे कहा कि उन्होंने पीएम मोदी को रूस के हमलों के बारे में विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि किस तरह रूसी सेना यूक्रेन के शहरों और गांवों को निशाना बना रही है। विशेष रूप से उन्होंने जापोरिजिया के बस स्टेशन पर हुए एक दिन पहले हुए हमले का जिक्र किया, जिसमें दर्जनों लोग घायल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला जानबूझकर एक सामान्य शहरी ढांचे पर किया गया, जबकि इस समय युद्ध समाप्त करने के लिए कूटनीतिक संभावना मौजूद है। जेलेंस्की के अनुसार, रूस युद्धविराम की इच्छा दिखाने के बजाय कब्जा और हत्याएं जारी रखने का संकेत दे रहा है। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत उनकी शांति बहाल करने की कोशिशों का समर्थन करता है और यह मानता है कि यूक्रेन से जुड़े सभी मुद्दों का समाधान केवल यूक्रेन की भागीदारी के साथ होना चाहिए।
उन्होंने अन्य वार्ताकार प्रारूपों को अप्रभावी बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास परिणाम नहीं देंगे। इस बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों पर भी चर्चा की। जेलेंस्की ने कहा कि रूसी ऊर्जा, विशेष रूप से तेल, के निर्यात को सीमित करना जरूरी है ताकि रूस की आर्थिक क्षमता घटाई जा सके और वह युद्ध जारी रखने के लिए वित्तपोषण न कर सके। उन्होंने कहा कि हर वह नेता, जिसके पास रूस पर प्रभाव डालने का अवसर है, उसे मास्को को सही संदेश भेजना चाहिए। दोनों नेताओं ने सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान व्यक्तिगत मुलाकात करने और परस्पर दौरों की योजना पर भी सहमति जताई।
*द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने जताई प्रतिबद्धता*
वहीं पीएम मोदी ने भी इस बातचीत को लेकर जानकारी देते हुए एक्स पर एक पोस्ट में लिखा- राष्ट्रपति जेलेंस्की से बात करके और हाल के घटनाक्रमों पर उनके विचार जानकर मुझे खुशी हुई। मैंने संघर्ष के शीघ्र और शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता पर भारत की दृढ़ स्थिति से उन्हें अवगत कराया। भारत इस संबंध में हर संभव योगदान देने के साथ-साथ यूक्रेन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
*ट्रंप और पुतिन की मुलाकात से पहले चर्चा*
बता दें कि दोनों नेताओं के बीच ये बातचीत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की 15 अगस्त को अलास्का में होने वाली मुलाकात से पहले हुई है। दरअसल एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि व्हाइट हाउस यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को अलास्का आमंत्रित करने पर विचार कर रहा है। वहीं इससे पहले यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने शनिवार को चेतावनी दी थी कि यूक्रेन अपनी जमीन को नहीं छोड़ेगा। उनका यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि रूस के साथ शांति समझौते में कुछ इलाकों की अदला-बदली शामिल हो सकती है।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

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यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पीएम मोदी से कई अहम मुद्दों पर चर्चा की

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने आगे कहा कि उन्होंने पीएम मोदी को रूस के हमलों के बारे में विस्तार से अवगत कराया, उन्होंने बताया कि किस तरह रूसी सेना यूक्रेन के शहरों और गांवों को निशाना बना रही है।

नई दिल्ली, 11 अगस्त 2025 (यूटीएन)। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ लंबी और विस्तृत बातचीत की। जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि इस वार्ता में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों और मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हालात पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को यूक्रेनी जनता के प्रति उनके गर्मजोशी भरे समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।
*जेलेंस्की ने पीएम मोदी को रूस के हमलों से कराया अवगत*
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने आगे कहा कि उन्होंने पीएम मोदी को रूस के हमलों के बारे में विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि किस तरह रूसी सेना यूक्रेन के शहरों और गांवों को निशाना बना रही है। विशेष रूप से उन्होंने जापोरिजिया के बस स्टेशन पर हुए एक दिन पहले हुए हमले का जिक्र किया, जिसमें दर्जनों लोग घायल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला जानबूझकर एक सामान्य शहरी ढांचे पर किया गया, जबकि इस समय युद्ध समाप्त करने के लिए कूटनीतिक संभावना मौजूद है। जेलेंस्की के अनुसार, रूस युद्धविराम की इच्छा दिखाने के बजाय कब्जा और हत्याएं जारी रखने का संकेत दे रहा है। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत उनकी शांति बहाल करने की कोशिशों का समर्थन करता है और यह मानता है कि यूक्रेन से जुड़े सभी मुद्दों का समाधान केवल यूक्रेन की भागीदारी के साथ होना चाहिए।
उन्होंने अन्य वार्ताकार प्रारूपों को अप्रभावी बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास परिणाम नहीं देंगे। इस बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों पर भी चर्चा की। जेलेंस्की ने कहा कि रूसी ऊर्जा, विशेष रूप से तेल, के निर्यात को सीमित करना जरूरी है ताकि रूस की आर्थिक क्षमता घटाई जा सके और वह युद्ध जारी रखने के लिए वित्तपोषण न कर सके। उन्होंने कहा कि हर वह नेता, जिसके पास रूस पर प्रभाव डालने का अवसर है, उसे मास्को को सही संदेश भेजना चाहिए। दोनों नेताओं ने सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान व्यक्तिगत मुलाकात करने और परस्पर दौरों की योजना पर भी सहमति जताई।
*द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने जताई प्रतिबद्धता*
वहीं पीएम मोदी ने भी इस बातचीत को लेकर जानकारी देते हुए एक्स पर एक पोस्ट में लिखा- राष्ट्रपति जेलेंस्की से बात करके और हाल के घटनाक्रमों पर उनके विचार जानकर मुझे खुशी हुई। मैंने संघर्ष के शीघ्र और शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता पर भारत की दृढ़ स्थिति से उन्हें अवगत कराया। भारत इस संबंध में हर संभव योगदान देने के साथ-साथ यूक्रेन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
*ट्रंप और पुतिन की मुलाकात से पहले चर्चा*
बता दें कि दोनों नेताओं के बीच ये बातचीत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की 15 अगस्त को अलास्का में होने वाली मुलाकात से पहले हुई है। दरअसल एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि व्हाइट हाउस यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को अलास्का आमंत्रित करने पर विचार कर रहा है। वहीं इससे पहले यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने शनिवार को चेतावनी दी थी कि यूक्रेन अपनी जमीन को नहीं छोड़ेगा। उनका यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि रूस के साथ शांति समझौते में कुछ इलाकों की अदला-बदली शामिल हो सकती है।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

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