Sunday, August 31, 2025

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डिजिटल भारत के लिए जबलपुर बनेगा उन्नत प्रशिक्षण का केंद्र: ज्योतिरादित्य सिंधिया

भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के भारत रत्न भीमराव अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेलीकॉम ट्रेनिंग और विश्व की चार अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनियों एरिक्सन, क्वालकॉम टेक्नोलॉजी, सिस्को एवं नोकिया के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

नई दिल्ली, 11 अगस्त 2025 (यूटीएन)। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की अध्यक्षता में, मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री राकेश सिंह, जबलपुर के सांसद आशीष दुबे और टेलीकॉम सचिव नीरज मित्तल की उपस्थिति में आज नई दिल्ली में भारत के युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की गई। इस अवसर पर भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के भारत रत्न भीमराव अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेलीकॉम ट्रेनिंग और विश्व की चार अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनियों एरिक्सन, क्वालकॉम टेक्नोलॉजी, सिस्को एवं नोकिया के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
यह सहयोग भारत के डिजिटल परिवर्तन को तेज करेगा और 5जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस/मशीन लर्निंग, नेटवर्किंग सहित अन्य उभरती तकनीकों में अत्याधुनिक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करेगा। ये सभी प्रशिक्षण मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित बीएसएनएल के सर्वोच्च प्रशिक्षण संस्थान भारत रत्न भीमराव अंबेडकर दूरसंचार प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित होंगे, जिससे जबलपुर देश का प्रमुख टेक-स्किलिंग हब बनकर उभरेगा।
*युवाओं के लिए उच्च स्तरीय प्रशिक्षण की ऐतिहासिक पहल*
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि तेजी से बदलती डिजिटल अर्थव्यवस्था में उद्योग की जरूरतों के अनुरूप उन्नत प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी न केवल भारत के युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करेगी, बल्कि भारत को वैश्विक डिजिटल क्रांति की अग्रिम पंक्ति में स्थापित करेगी।
*मध्यप्रदेश को मिलेगा सीधा लाभ*
केंद्रीय मंत्री के प्रयासों और बीएसएनएल की इस पहल से मध्यप्रदेश के युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। इस एमओयू्य में रोजगार के नए अवसर और तकनीकी उद्यमिता को नई दिशा मिलेगी। जबलपुर के भारत रत्न भीमराव अंबेडकर दूरसंचार प्रशिक्षण संस्थान से प्रशिक्षित युवा न केवल देशभर में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बनाएंगे।
सभी चारों कंपनियों ने यह भी पुनः पुष्टि की है कि प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सीधे संबंधित कंपनियों में रोजगार का अवसर प्रदान किया जाएगा। यह एमओयू उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण, रोजगार क्षमता में वृद्धि और राष्ट्र को डिजिटल रूप से सशक्त एवं भविष्य की ओर अग्रसर करने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
*बीएसएनएल और चार कंपनियों की साझेदारी*
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि बीएसएनएल के प्रशिक्षण संस्थान और चार कंपनियों के बीच हुआ यह सहयोग केवल एक प्रारंभिक कदम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में टीसीएस, सी-डॉट और तेजस नेटवर्क्स जैसे तकनीकी अग्रणी संगठनों के साथ और भी व्यापक एवं सार्थक साझेदारियां देखने को मिलेंगी। सिंधिया ने भागीदार कंपनियों के लिए पाँच प्रमुख कार्यबिंदु रेखांकित किए। पहला, उच्चस्तरीय तकनीकी पाठ्यक्रमों का निर्माण, जिसमें विशेषीकृत (वर्टिकल) प्रशिक्षण और टीम निर्माण (हॉरिजॉन्टल) कौशल हेतु कैप्सूल मॉड्यूल शामिल हों।
दूसरा, प्रतिभाशाली छात्रों की नियुक्ति पर विचार, यह मानते हुए कि मानव संसाधन बौद्धिक संपदा जितना ही मूल्यवान है। तीसरा, प्रशिक्षित प्रतिभाओं के नाम कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रदर्शित करना। चौथा, देशभर के कॉलेजों में सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए कंपनियों की शैक्षणिक पहुँच का विस्तार। और पाँचवां, 6जी, आईओटी, मशीन लर्निंग, क्वांटम तकनीक और अन्य उभरते क्षेत्रों में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने हेतु आधुनिकीकरण और अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना है ।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

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डिजिटल भारत के लिए जबलपुर बनेगा उन्नत प्रशिक्षण का केंद्र: ज्योतिरादित्य सिंधिया

भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के भारत रत्न भीमराव अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेलीकॉम ट्रेनिंग और विश्व की चार अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनियों एरिक्सन, क्वालकॉम टेक्नोलॉजी, सिस्को एवं नोकिया के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

नई दिल्ली, 11 अगस्त 2025 (यूटीएन)। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की अध्यक्षता में, मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री राकेश सिंह, जबलपुर के सांसद आशीष दुबे और टेलीकॉम सचिव नीरज मित्तल की उपस्थिति में आज नई दिल्ली में भारत के युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की गई। इस अवसर पर भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के भारत रत्न भीमराव अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेलीकॉम ट्रेनिंग और विश्व की चार अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनियों एरिक्सन, क्वालकॉम टेक्नोलॉजी, सिस्को एवं नोकिया के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
यह सहयोग भारत के डिजिटल परिवर्तन को तेज करेगा और 5जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस/मशीन लर्निंग, नेटवर्किंग सहित अन्य उभरती तकनीकों में अत्याधुनिक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करेगा। ये सभी प्रशिक्षण मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित बीएसएनएल के सर्वोच्च प्रशिक्षण संस्थान भारत रत्न भीमराव अंबेडकर दूरसंचार प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित होंगे, जिससे जबलपुर देश का प्रमुख टेक-स्किलिंग हब बनकर उभरेगा।
*युवाओं के लिए उच्च स्तरीय प्रशिक्षण की ऐतिहासिक पहल*
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि तेजी से बदलती डिजिटल अर्थव्यवस्था में उद्योग की जरूरतों के अनुरूप उन्नत प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी न केवल भारत के युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करेगी, बल्कि भारत को वैश्विक डिजिटल क्रांति की अग्रिम पंक्ति में स्थापित करेगी।
*मध्यप्रदेश को मिलेगा सीधा लाभ*
केंद्रीय मंत्री के प्रयासों और बीएसएनएल की इस पहल से मध्यप्रदेश के युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। इस एमओयू्य में रोजगार के नए अवसर और तकनीकी उद्यमिता को नई दिशा मिलेगी। जबलपुर के भारत रत्न भीमराव अंबेडकर दूरसंचार प्रशिक्षण संस्थान से प्रशिक्षित युवा न केवल देशभर में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बनाएंगे।
सभी चारों कंपनियों ने यह भी पुनः पुष्टि की है कि प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सीधे संबंधित कंपनियों में रोजगार का अवसर प्रदान किया जाएगा। यह एमओयू उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण, रोजगार क्षमता में वृद्धि और राष्ट्र को डिजिटल रूप से सशक्त एवं भविष्य की ओर अग्रसर करने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
*बीएसएनएल और चार कंपनियों की साझेदारी*
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि बीएसएनएल के प्रशिक्षण संस्थान और चार कंपनियों के बीच हुआ यह सहयोग केवल एक प्रारंभिक कदम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में टीसीएस, सी-डॉट और तेजस नेटवर्क्स जैसे तकनीकी अग्रणी संगठनों के साथ और भी व्यापक एवं सार्थक साझेदारियां देखने को मिलेंगी। सिंधिया ने भागीदार कंपनियों के लिए पाँच प्रमुख कार्यबिंदु रेखांकित किए। पहला, उच्चस्तरीय तकनीकी पाठ्यक्रमों का निर्माण, जिसमें विशेषीकृत (वर्टिकल) प्रशिक्षण और टीम निर्माण (हॉरिजॉन्टल) कौशल हेतु कैप्सूल मॉड्यूल शामिल हों।
दूसरा, प्रतिभाशाली छात्रों की नियुक्ति पर विचार, यह मानते हुए कि मानव संसाधन बौद्धिक संपदा जितना ही मूल्यवान है। तीसरा, प्रशिक्षित प्रतिभाओं के नाम कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रदर्शित करना। चौथा, देशभर के कॉलेजों में सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए कंपनियों की शैक्षणिक पहुँच का विस्तार। और पाँचवां, 6जी, आईओटी, मशीन लर्निंग, क्वांटम तकनीक और अन्य उभरते क्षेत्रों में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने हेतु आधुनिकीकरण और अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना है ।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

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