बागपत,07 अगस्त 2025 (यूटीएन)। जनपद में शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक और परिवर्तनकारी पहल की शुरुआत हुई है। केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री एवं शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने आज वर्चुअल माध्यम से उच्च प्राथमिक विद्यालय (कंपोजिट), अहैड़ा में आधुनिक पुस्तकालय का लोकार्पण किया और अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की। यह पुस्तकालय आनंदया फाउंडेशन की ओर से स्थापित किया गया है, जो जिले के कुल 25 चयनित विद्यालयों में इसी तरह के पुस्तकालयों की स्थापना कर रहा है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने विद्यालय परिसर में पहुंचकर फीता काटकर पुस्तकालय भवन का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने बच्चों से संवाद कर उनका मनोबल बढ़ाया और पुस्तकालय का अवलोकन करते हुए इसे “नई शिक्षा संस्कृति की मजबूत नींव” करार दिया।
आधुनिक लाइब्रेरी की यह अवधारणा छात्रों में 21वीं सदी के कौशल जैसे समस्या समाधान, आलोचनात्मक चिंतन और रचनात्मकता को भी प्रोत्साहित करेगी और इससे कम आयु में ही पढ़ने की आदत का विकास होगा। वहीं उद्घाटन समारोह के उपरांत जिलाधिकारी ने उपस्थित विद्यार्थियों एवं खिलाड़ियों से संवाद कर उनका मनोबल बढ़ाया। संवाद के दौरान भावनात्मक क्षण भी देखने को मिले। जब कुछ बच्चे अपनी बात रखते हुए भावुक हो गए, तो जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने उन्हें स्नेहपूर्वक दुलारा। इस दौरान उपस्थित एक नन्हीं बालिका द्वारा राखी बाँधने की इच्छा प्रकट करने पर जिलाधिकारी ने उससे राखी बंधवाकर वातावरण को स्नेहमयी और पारिवारिक बना दिया।
यह पुस्तकालय सिर्फ किताबों की अलमारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों की कल्पनाशक्ति को पंख देने वाला जीवंत, प्रेरणादायक और समावेशी सीखने का केंद्र है। दीवारों पर रचनात्मक चित्र, भारत का नक्शा, उम्रानुकूल पुस्तकें, स्टडी टेबल और शांत अध्ययन का वातावरण; यह सब मिलकर एक ऐसा माहौल बनाते हैं जहाँ बच्चे न सिर्फ पढ़ते हैं, बल्कि सोचते हैं, समझते हैं और आत्मविश्वास से भरते हैं।
पुस्तकालय हेतु चयनित पुस्तकों में जीवन मूल्यों, प्रेरक कहानियों और बाल मनोविज्ञान आधारित साहित्य को प्राथमिकता दी गई है, जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और निपुण भारत मिशन के विज़न को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। इन नीतियों में जहां शिक्षा को केवल परीक्षा केंद्रित न रखकर पढ़ने की रुचि, समझ और आनंद को प्राथमिकता दी गई है, वहीं इस तरह के पुस्तकालय बच्चों में ज्ञान के प्रति स्वाभाविक आकर्षण पैदा करते हैं।
आनंदया फाउंडेशन की संस्थापक एवं सीईओ जयश्री गोयल एवं चेयरपर्सन संजय कृष्ण गोयल ने बताया कि “प्रोजेक्ट पुस्तकालय, आनंदया फाउंडेशन की प्रमुख नवाचारी पहल है जो बच्चों की बुनियादी साक्षरता को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। जनपद बागपत के 25 प्राथमिक विद्यालयों में समावेशी और बाल-अनुकूल पुस्तकालय स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें रंगीन और आकर्षक डिज़ाइन, विचारपूर्वक चयनित पुस्तकें, शोध आधारित ‘लर्न-टू-रीड’ कार्यक्रम, शिक्षकों का नियमित प्रशिक्षण और स्थानीय समुदाय की भागीदारी जैसे तत्व शामिल हैं।
कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी नीरज कुमार श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी पंकज वर्मा, बेसिक शिक्षा अधिकारी गीता चौधरी आदि अधिकारी मौजूद रहे।
स्टेट ब्यूरो,( डॉ योगेश कौशिक ) |