नई दिल्ली, 03 अगस्त 2025 (यूटीएन)। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार द्वारा तैयार की जा रही नई खनन नीति से उद्योग जगत को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस यानी व्यवसाय करने में आसानी मिलेगी। इस नीति के तहत सभी जरूरी अनुमोदन तीन महीने के भीतर दिए जाएंगे और चौथे महीने से खनन कार्य शुरू हो सकेगा।
गडकरी ने एक कार्यक्रम में कहा कि यह प्रस्तावित नीति हाल ही में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में चर्चा के लिए आई थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे। इसके बाद गडकरी ने कुछ सुझाव दिए, जिस पर पीएम ने कैबिनेट सचिव को गडकरी के साथ बैठकर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया।
*पर्यावरण मंजूरी एक महीने में*
गडकरी ने कहा कि उन्होंने सुझाव दिया कि पर्यावरण संबंधी मंजूरी अधिकतम एक महीने में मिलनी चाहिए। इसके साथ ही केंद्र और राज्य सरकार से संबंधित सभी जरूरी स्वीकृतियां भी निर्धारित समय में दी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी योजना के अनुसार तीन महीने के अंदर सभी क्लीयरेंस पूरे कर दिए जाएं और चौथे महीने से खनन उत्पादन शुरू हो जाए।
*बिजनेस में रुकावटें होंगी खत्म*
गडकरी ने भरोसा जताया कि यह नई नीति सभी तरह की अड़चनों को खत्म करेगी और उद्योगों को बिना रुकावट संचालन की सुविधा मिलेगी। इससे न केवल व्यवसाय में गति आएगी बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे, विशेष रूप से विदर्भ जैसे क्षेत्रों में।
*गांधी-नेहरू के विचारों को बताया प्रेरणा*
गडकरी ने रोजगार के मुद्दे पर बोलते हुए महात्मा गांधी और पंडित जवाहरलाल नेहरू का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नेहरू जी अधिकतम उत्पादन की बात करते थे जबकि गांधी जी चाहते थे कि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी हो। उन्होंने कहा कि नई खनन नीति इन्हीं विचारों से प्रेरित होकर क्षेत्रीय विकास और व्यापक जनभागीदारी की दिशा में एक मजबूत कदम होगी।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।