बागपत,31 जुलाई 2025 (यूटीएन)। विकास भवन में गुरुवार को कुछ ऐसा हुआ कि कंप्यूटर की खटर-पटर अचानक चीख-पुकार में बदल गई। परियोजना निदेशक कार्यालय में एक “अघोषित अतिथि” – सांप – की एंट्री ने अफसरों और कर्मचारियों की रुटीन मीटिंग को मिनी भगदड़ में तब्दील कर दिया।
कंप्यूटर ऑपरेटर ललित गांधी ने बताया कि, वे जैसे ही सिस्टम ऑन करने बैठे, नीचे ज़मीन पर कुछ फुर्तीली हरकत दिखी। नज़र घुमाई तो देखा कि, एक सांप बड़े ठाठ से ऑफिस में घूम रहा था और वो भी सीधा सीडीओ कार्यालय की ओर से रेंगता हुआ आ रहा था । फिर क्या था, जो जहां था, वहीं से उछल पड़ा। फाइलें छूट गईं, चाय गिर गई, कुर्सियां खाली हो गईं और कुछ जूते व जरूरी फाइल तो ऑफिस में ही छूट गए।
इसबीच वन विभाग को फोन किया गया और कुछ ही देर में ‘सांप रेस्क्यू यूनिट’ मौके पर पहुंची। करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद सांप को काबू में किया गया और उसे जंगल की राह दिखाई गई। सांप का ऑफिस विजिट तो खत्म हो गया, लेकिन कर्मचारियों की धड़कनें अब भी अनियंत्रित हैं।
कई लोगों ने हल्के अंदाज़ में कहा, “लगता है सांप भी अब सरकारी योजनाओं में दिलचस्पी लेने लगे हैं!” अब कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि, हर बारिश में इस तरह की ‘विकास यात्रा’ ना हो, इसके लिए कार्यालय में नियमित फॉगिंग और घास की कटाई हो।
स्टेट ब्यूरो,( डॉ योगेश कौशिक ) |