Sunday, August 31, 2025

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क्यों न चरमराए सफाई व्यवस्था , जब अधिकारियों की छत्र छाया में रहते हैं नगर पालिकाओं के सफाईकर्मी!

कर्मचारी दिन रात नगर पालिका में ड्यूटी देने के बजाय तहसीलों में चाय बनाने, वाहन चलाने, फूल लाने और निजी सहायक जैसे कार्यों में लगे हुए हैं।

बागपत,31 जुलाई 2025 (यूटीएन)। जनपद की नगरपालिकाओं में सफाई कर्मियों की कमी के कारण जहां गंदगी फैली रहती है, वही दर्जनों सफाई कर्मी बडे अधिकारियों की सेवा में लगे हैं। आमजन ने उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप कर ऐसे कर्मियों को उनके मूल कार्य की तैनाती पर भेजने की मांग की है। दरअसल, जनपद की नगर पंचायतों व पालिकाओं में सफाई व्यवस्था पहले ही बदहाल है, लेकिन अब इसका एक बड़ा कारण सामने आया है। नगर पालिकाओं में तैनात दर्जनों सफाई कर्मचारी, जिनका वेतन नगरपालिका से निकलता है, लेकिन वे तहसीलों व सरकारी अधिकारियों के निजी कार्यों में कार्यरत हैं। ये कर्मचारी दिन रात नगर पालिका में ड्यूटी देने के बजाय तहसीलों में चाय बनाने, वाहन चलाने, फूल लाने और निजी सहायक जैसे कार्यों में लगे हुए हैं।

सूत्रों की मानें तो , एडीएम बागपत से लेकर तहसीलदार बड़ौत तक, कई अधिकारी नगर पालिका के सफाई कर्मियों की सेवाएं निजी कार्यों में ले रहे हैं। इससे नगर पालिकाओं में सफाईकर्मियों की भारी कमी हो गई है, जिसका असर शहरों की स्वच्छता पर साफ नजर आता हैं।

लोगों का कहना है कि,खेकड़ा तहसील में तो बायकायदा एसडीएम चालक की नियुक्ति है। इसके बावजूद एसडीएम की गाड़ी को एक प्राइवेट आदमी चला रहा है, जो शासनादेश का उल्लंघन हैं। जबकि यहाँ ड्यूटी पर तैनात चालक ऑफिस के बाहर ही बैंच पर बैठकर अपनी ड्यूटी पूरी कर घर लौट जाता है।

शासन द्वारा स्पष्ट आदेश है कि किसी भी सरकारी वाहन को निजी चालक नहीं चला सकता और सफाई कर्मियों का उपयोग सिर्फ स्वच्छता संबंधित कार्यों में ही होना चाहिए ,लेकिन हकीकत यह है कि, कई अधिकारियों ने इन आदेशों को ताक पर रख दिया है।इस संबंध में लोगों ने आधा दर्जन से अधिक कर्मियों के मूल पद सहित वर्तमान में किन अधिकारियों के यहां कार्यरत हैं, यह सूची भी तैयार कर मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को अग्रिम कार्यवाही के लिए भेजने की बात कही है। साथ ही कहा कि, इस मुद्दे को अब तहसील सम्पूर्ण समाधान दिवस में भी रखा जाएगा।

स्टेट ब्यूरो,( डॉ योगेश कौशिक ) |

International

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क्यों न चरमराए सफाई व्यवस्था , जब अधिकारियों की छत्र छाया में रहते हैं नगर पालिकाओं के सफाईकर्मी!

कर्मचारी दिन रात नगर पालिका में ड्यूटी देने के बजाय तहसीलों में चाय बनाने, वाहन चलाने, फूल लाने और निजी सहायक जैसे कार्यों में लगे हुए हैं।

बागपत,31 जुलाई 2025 (यूटीएन)। जनपद की नगरपालिकाओं में सफाई कर्मियों की कमी के कारण जहां गंदगी फैली रहती है, वही दर्जनों सफाई कर्मी बडे अधिकारियों की सेवा में लगे हैं। आमजन ने उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप कर ऐसे कर्मियों को उनके मूल कार्य की तैनाती पर भेजने की मांग की है। दरअसल, जनपद की नगर पंचायतों व पालिकाओं में सफाई व्यवस्था पहले ही बदहाल है, लेकिन अब इसका एक बड़ा कारण सामने आया है। नगर पालिकाओं में तैनात दर्जनों सफाई कर्मचारी, जिनका वेतन नगरपालिका से निकलता है, लेकिन वे तहसीलों व सरकारी अधिकारियों के निजी कार्यों में कार्यरत हैं। ये कर्मचारी दिन रात नगर पालिका में ड्यूटी देने के बजाय तहसीलों में चाय बनाने, वाहन चलाने, फूल लाने और निजी सहायक जैसे कार्यों में लगे हुए हैं।

सूत्रों की मानें तो , एडीएम बागपत से लेकर तहसीलदार बड़ौत तक, कई अधिकारी नगर पालिका के सफाई कर्मियों की सेवाएं निजी कार्यों में ले रहे हैं। इससे नगर पालिकाओं में सफाईकर्मियों की भारी कमी हो गई है, जिसका असर शहरों की स्वच्छता पर साफ नजर आता हैं।

लोगों का कहना है कि,खेकड़ा तहसील में तो बायकायदा एसडीएम चालक की नियुक्ति है। इसके बावजूद एसडीएम की गाड़ी को एक प्राइवेट आदमी चला रहा है, जो शासनादेश का उल्लंघन हैं। जबकि यहाँ ड्यूटी पर तैनात चालक ऑफिस के बाहर ही बैंच पर बैठकर अपनी ड्यूटी पूरी कर घर लौट जाता है।

शासन द्वारा स्पष्ट आदेश है कि किसी भी सरकारी वाहन को निजी चालक नहीं चला सकता और सफाई कर्मियों का उपयोग सिर्फ स्वच्छता संबंधित कार्यों में ही होना चाहिए ,लेकिन हकीकत यह है कि, कई अधिकारियों ने इन आदेशों को ताक पर रख दिया है।इस संबंध में लोगों ने आधा दर्जन से अधिक कर्मियों के मूल पद सहित वर्तमान में किन अधिकारियों के यहां कार्यरत हैं, यह सूची भी तैयार कर मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को अग्रिम कार्यवाही के लिए भेजने की बात कही है। साथ ही कहा कि, इस मुद्दे को अब तहसील सम्पूर्ण समाधान दिवस में भी रखा जाएगा।

स्टेट ब्यूरो,( डॉ योगेश कौशिक ) |

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