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5 जी लॉन्च : मेरे ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विचार पर कुछ लोग हंसे थे, लेकिन ऐसा हो चुका है – प्रधानमंत्री

नई दिल्ली, 01 अक्टूबर 2022 (यूटीएन)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 5जी टेलीफोनी सेवाओं की शुरुआत कर दी. इसके साथ ही भारत में मोबाइल फोन पर अल्ट्रा हाई-स्पीड इंटरनेट के नए युग का आगाज हुआ है. दिल्ली में आयोजित इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2022 कार्यक्रम के मंच से पीएम ने इस सेवा की शुरुआत देश के 13 चुनिंदा शहरों में की. अगले कुछ वर्षों में पूरे भारत में 5जी इंटरनेट सेवाओं का विस्तार होगा. भारत में 5G सेवाओं पर खर्च होने वाली राशि के 2035 तक 450 बिलियन अमरीकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है. अल्ट्रा-हाई-स्पीड इंटरनेट का समर्थन करने में सक्षम, पांचवीं पीढ़ी या 5जी सेवा से भारतीय समाज एक परिवर्तनकारी शक्ति के रूप में नए आर्थिक अवसरों और सामाजिक लाभों को प्राप्त करेगा, ऐसी उम्मीद है.
उन्होंने 21वीं सदी में 1 अक्टूबर, 2022 को भारत के लिए ऐतिहासिक दिन बताया. पीएम ने कहा कि 5जी तकनीक दूरसंचार क्षेत्र में क्रांति लाएगी.
भारत में 5जी तकनीक की क्षमता दिखाने के लिए देश के 3 प्रमुख टेलीकॉम ऑपरेटर्स ने एक-एक कर प्रधानमंत्री के सामने डेमो दिया. रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड  के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो ने मुंबई के एक स्कूल के शिक्षक को महाराष्ट्र, गुजरात और ओडिशा में तीन अलग-अलग स्थानों के छात्रों से जोड़ा. इससे प्रदर्शित हुआ कि कैसे 5जी शिक्षकों को छात्रों के करीब लाकर, उनके बीच की शारीरिक दूरी को मिटाकर शिक्षा की सुविधा प्रदान करेगा. जियो के डेमा ने स्क्रीन पर ऑगमेंटेड रियलिटी की शक्ति को प्रदर्शित किया और बताया कि इसका उपयोग देश भर के बच्चों को एआर डिवाइस की आवश्यकता के बिना, दूरस्थ रूप से सिखाने के लिए कैसे किया जा सकता है.
एयरटेल के डेमो में, उत्तर प्रदेश की एक लड़की ने वर्चुअल रियलटी और ऑगमेंटेड रियलिटी की मदद से सोलर सिस्टम के बारे में जानने के लिए एक जीवंत अनुभव का आनंद लिया. उसने होलोग्राम के माध्यम से मंच पर उपस्थित होकर प्रधानमंत्री के साथ सीखने के अपने अनुभव को साझा किया. वोडाफोन-आइडिया ने डेमो में दिल्ली मेट्रो की एक निर्माणाधीन सुरंग में कामगारों की सुरक्षा को मंच पर सुरंग के ‘डिजिटल ट्विन’ के निर्माण के माध्यम से प्रदर्शित किया. डिजिटल ट्विन दूरस्थ स्थान से वास्तविक समय में श्रमिकों को सुरक्षा अलर्ट देने में मदद करेगा. प्रधानमंत्री मोदी ने वीआर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके वास्तविक समय में काम की निगरानी के लिए मंच से लाइव डेमो देखा.
प्रधानमंत्री ने कहा, आज हमारे छोटे व्यापारी हों, छोटे उद्यमी हों, लोकल कलाकार और कारीगर हों, डिजिटल इंडिया ने सबको मंच दिया है, बाजार दिया है.
आज आप किसी लोकल मार्केट में या सब्जी मंडी में जाकर देखिए रेहड़ी-पटरी वाला छोटा दुकानदार भी आपसे कहेगा, कैश नहीं यूपीआई कर दीजिए. यह बदलाव बताता है कि जब सुविधा सुलभ होती है तो सोच किस तरह सशक्त हो जाती है. साथियों, आज टेलीकॉम सेक्टर में जो क्रांति देश देख रहा है, वह इस बात का सबूत है. अगर सरकार सही नीयत से काम करे तो नागरिकों के नीयत बदलने में दे नहीं लगती है.
मोदी ने कहा, एक वक्त था, जब इलीट क्लास के कुछ मुट्ठी भर लोग गरीब लोगों की क्षमता पर संदेह करते थे. उन्हें शक था कि गरीब लोग डिजिटल का मतलब भी नहीं समझ पाएंगे. लेकिन मुझे देश के सामान्य मानवी की समझ पर, उसके विवेक पर, उसके जिज्ञासु मन पर हमेशा भरोसा रहा है. सरकार ने खुद आगे बढ़कर डिजिटल पेमेंट का रास्ता आसान बनाया. सरकार ने खुद ऐप के जरिए नागरिक केंद्रीत डिलीवरी सर्विस को बढ़ावा दिया. बात चाहे किसानों की हो, या छोटे दुकानदारों की, हमने उन्हें ऐप के जरिए रोज की जरूरतें पूरी करने का रास्ता दिया. हमारे देश की जो ताकत है, इस ताकत को हम नजरअंदाज नहीं कर सकते.नरेंद्र मोदी ने कहा- मेरे ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनने के विचार पर लोग हंसे, लेकिन ऐसा हो चुका है. यह इलेक्ट्रॉनिक लागत कम कर रहा है. 2014 में, भारत में केवल 2 मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग सुविधाएं थीं, आज यह संख्या बढ़कर 200 से अधिक पहुंच गई है.
प्रधानमंत्री ने देश में 5जी सर्विस की लॉन्चिंग के मौके पर कहा, डिजिटल इंडिया ने हर नागरिक को एक जगह दी है. यहां तक ​​कि छोटे से छोटे रेहड़ी वाले भी यूपीआई की सुविधा का उपयोग कर रहे हैं. सरकार बिना बिचौलियों के नागरिकों तक पहुंची है. इसका लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचा है. प्रौद्योगिकी और दूरसंचार में विकास के साथ, भारत चौथी औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व करेगा. यह भारत का दशक नहीं, भारत की शताब्दी होगी. मोदी ने कहा कि ​पहले 1GB डेटा की कीमत लगभग 300 रुपये थी, जो अब घटकर 10 रुपये प्रति जीबी हो गई है. औसतन, भारत में एक व्यक्ति प्रति माह 14GB की खपत करता है. इसकी लागत 2014 में लगभग 4200 रुपये प्रति माह होती थी, लेकिन अब यह लागत 125-150 रुपये है. यह हमारी सरकार के प्रयासों के कारण हुआ है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे सरकार ने घर-घर बिजली पहुंचाने की मुहिम शुरू की, जैसे हर घर जल अभियान के जरिए हर किसी तक साफ पानी पहुंचाने के मिशन पर काम किया, जैसे उज्ज्वला योजना के जरिए गरीब से गरीब आदमी के घर में भी गैस सिलेंडर पहुंचाया, वैसे ही हमारी सरकार  सभी के लिए इंटरनेट के लक्ष्य पर काम कर रही है. मैंने देखा है कि देश के गरीब भी हमेशा नई तकनीकों को अपनाने के लिए आगे आते हैं…प्रौद्योगिकी सही मायने में लोकतांत्रिक हो गई है.
 मोदी ने कहा, डिजिटल इंडिया की सफलता 4 स्तंभों पर आधारित है, जो हैं डिवाइस की लागत, डिजिटल कनेक्टिविटी, डेटा लागत और डिजिटल फर्स्ट का विजन. हमने इन सभी पर काम किया. 2014 में शून्य मोबाइल फोन के निर्यात से लेकर अब तक, जब हम हजारों करोड़ रुपये के फोन निर्यात कर चुके है इन प्रयासों से डिवाइस की लागत पर असर पड़ा है. अब हमें कम कीमत में ज्यादा सुविधाएं मिलने लगी हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा, 5जी के साथ भारत पहली बार टेलीकॉम टेक्नॉलजी में ग्लोबल स्टैंडर्ड तय कर रहा है. भारत लीड कर रहा है. आज इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाला हर व्यक्ति इस बात को समझ रहा है कि 5जी इंटरनेट का पूरा आर्टिटेक्चर बदल कर रख देगा. डिजिटल इंडिया की बात करते हैं तो कुछ लोग समझते हैं ये सिर्फ एक सरकारी योजना है. लेकिन डिजिटल इंडिया सिर्फ एक नाम नहीं है, ये देश के विकास का बहुत बड़ा सपना है. इस सपने का लक्ष्य है उस तकनीकी को आम लोगों तक पहुंचाना, जो लोगों के लिए काम करे, लोगों के साथ जुड़कर काम करें.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- आज 21वीं सदी के विकसित होते भारत के सामर्थ्य का, उस सामर्थ्य को देखने का एक विशेष दिवस है. नया भारत, टेक्नोलॉजी का सिर्फ उपभोक्ता बनकर नहीं रहेगा, बल्कि भारत उस टेक्नोलॉजी के विकास में, उसके कार्यान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएगा. भविष्य की वायरलेस टेक्नोलॉजी को डिजाइन करने में, उस से जुड़ी मैन्युफैक्चरिंग में भारत की बड़ी भूमिका होगी. भारत 2जी, 3जी, 4जी के समय टेक्नोलॉजी के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहा. लेकिन 5जी के साथ भारत ने नया इतिहास रच दिया है. मोदी ने कहा, आज देश की ओर से, देश की टेलीकॉम इंडस्ट्री की ओर से, 130 करोड़ भारतवासियों को 5जी के तौर पर एक शानदार उपहार मिल रहा है. 5जी देश के द्वार पर नए दौर की दस्तक है. 5जी, अवसरों के अनंत आकाश की शुरुआत है.
मैं प्रत्येक भारतवासी को इसके लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं. जियो ने भारत में 5G तकनीक की क्षमता दिखाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के सामने यूज केस प्रदर्शित किया. दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि दूरसंचार के इतिहास में आज का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज होगा. टेलीकॉम गेटवे है, डिजिटल इंडिया की नींव है. यह हर व्यक्ति तक डिजिटल सेवाएं पहुंचाने का माध्यम है. रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा, 5जी कनेक्टिविटी सिर्फ तकनीक की अगली पीढ़ी की तुलना में कहीं बहुत अधिक है. मेरे विचार से, यह मूलभूत तकनीक है जो 21वीं सदी की अन्य तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, रोबोटिक्स, ब्लॉकचैन और मेटावर्स की पूरी क्षमता को अनलॉक करती है.
उन्होंने कहा कि हमने जो दिखाया है उस पर बहुत गर्व है. सीओएआई (सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) और डीओटी (दूरसंचार विभाग) के लिए, मैं कह सकता हूं कि हम नेतृत्व लेने के लिए तैयार हैं और भारतीय मोबाइल कांग्रेस को अब एशियन मोबाइल कांग्रेस और ग्लोबल मोबाइल कांग्रेस बनना चाहिए.
भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक-अध्यक्ष  सुनील भारती मित्तल ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण दिन है. एक नए युग की शुरुआत होने वाली है. यह शुरुआत आजादी के 75वें वर्ष में हो रही है और देश में एक नई जागरूकता, ऊर्जा की शुरुआत करेगी. यह लोगों के लिए कई नए अवसर खोलेगा आदित्य बिड़ला समूह के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि दूरसंचार उद्योग 1.3 अरब भारतीयों और हजारों उद्यमों के डिजिटल सपनों को और प्रज्वलित करेगा. यह देश के लिए अगले 3 वर्षों में एक ट्रिलियन डॉलर के योगदान के साथ 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लिए मंच तैयार करेगा. रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी ने जल्द ही लॉन्च होने वाली 5जी सेवाओं के बारे में प्रधानमंत्री को जानकारी दी.रिलायंस जिओ ने 5जी से कनेक्टेड एक खास एम्बुलेंस लॉन्च किया. इसकी खासियत य​ह होगी कि एम्बुलेंस में मरीज को अटेंड कर रहे पैरामेडिकल स्टाफ के साथ डॉक्टर 5जी के जरिए जुड़े रहेंगे और लगातार निर्देश देते रहेंगे.यानी किसी भी मरीज के गोल्डेन ऑवर में यह एम्बुलेंस काफी कारगर साबित होगी. आने वाले दिनों में महाराष्ट्र में 50 ऐसी ही एम्बुलेंस लॉन्च की जाएंगी और अगर सफल रहीं तो देश के और भी हिस्सों में भी शुरू की जाएंगी.
दिल्ली- रिपोर्टर, प्रदीप जैन |

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