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एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट अहमदाबाद की इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल की क्षेत्रीय बैठक का आयोजन

नई दिल्ली, 22 अगस्त 2022 (यूटीएन)। एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (ईडीआईआई), अहमदाबाद ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल और एआईसीटीई के सहयोग से ईडीआईआई परिसर में 14वीं क्षेत्रीय बैठक का आयोजन किया।  बैठक का उद्देश्य छात्रों के बीच एंटरप्रेन्योरशिप और इनोवेशन की भावना को बढ़ावा देना था। गुजरात के उच्च और तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. कुबेरभाई एम डिंडोर इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए, जबकि गुजरात के उच्च शिक्षा आयुक्त एम नागराजन आईएएस आयोजन के विशिष्ट अतिथि बने।

समारोह में शामिल अन्य सम्मानित अतिथियों में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल और एआईसीटीई के असिस्टेंट इनोवेशन डायरेक्टर दीपन साहू, एआईसीटीई भोपाल के सीआरओ डॉ. सी.एस. वर्मा, आईहब के सीईओ हिरणमय महंत, ईडीआईआई के डायरेक्टर जनरल डॉ. सुनील शुक्ला और ईडीआईआई के उद्यमिता शिक्षा विभाग के डायरेक्टर डॉ. सत्य रंजन आचार्य के नाम प्रमुख हैं। एक दिवसीय कार्यक्रम में गुजरात और उसके आसपास के 185 संस्थानों के 400 से अधिक लोगों ने भाग लिया और 75 से अधिक स्टार्टअप ने अपने अभिनव स्टार्टअप विचारों का प्रदर्शन किया।

बैठक में आईआईसी मॉडल पर क्वालिटी एचईआई भागीदारी के प्रभाव, नीति जागरूकता और एमआईसी और एआईसीटीई की आई एंड ई पहल के से संबंधित चर्चा पर ध्यान केंद्रित किया गया। प्रतिभागियों को युक्ति-नेशनल इनोवेशन रिपोजिटरी (एनआईआर) से अवगत कराया गया, जो संस्थान में छात्रों, पूर्व छात्रों/हाल के स्नातकों, संकाय सदस्यों, कर्मचारियों, इनक्यूबेट किए गए उद्यमियों में से विचारों, नवाचारों और स्टार्ट-अप की पहचान करके संस्थानों में इनोवेशन रिपोजिटरी क्रिएशन की एक प्रक्रिया है। कार्यक्रम में सम्मानित गणमान्य लोगों और मेहमानों को बधाई देते हुए।

ईडीआईआई के डायरेक्टर जनरल डॉ. सुनील शुक्ला ने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि हमने एक समाज के रूप में उद्यमिता को अन्य करियर विकल्पों के समान स्थान पर रखने की दिशा में केंद्रित प्रयास शुरू कर दिए हैं। आज, उद्यमिता को एक प्राकृतिक करियर विकल्प के रूप में अपना हक मिल रहा है और छात्र उद्यमिता को करियर के रूप में चुनने के विकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। मुझे खुशी है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में उद्यमिता को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। दरअसल उच्च शिक्षण संस्थानों की भूमिका उद्यमिता की गहरी जड़ें जमाने में अत्यधिक महत्वपूर्ण है।

खासकर युवा पीढ़ी के बीच। गुजरात के उच्च और तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. कुबेरभाई एम डिंडोर ने मुख्य अतिथि के तौर पर अपने संबोधन में कहा, ‘‘हम सभी जानते हैं कि एक उद्यमी राष्ट्र क्या कर सकता है, और हम इस देश के लिए सबसे महत्वपूर्ण उद्यमी कहलाने के लिए तत्पर हैं। भारत और गुजरात में भी संस्थानों, नीतियों और निवेशकों का अद्भुत मेल है। राज्य सरकार युवा पीढ़ी को अपने अनूठे विचारों के साथ आगे आने के लिए प्रोत्साहित करती है। सरकार हमेशा उन लोगों को प्रोत्साहित करती है, जो लीक से हटकर सोचते हैं और यह यूनिकॉर्न की बढ़ती संख्या और देश के बढ़े हुए।

स्टार्टअप अनुपात में स्पष्ट रूप से नजर भी आता है।’’गुजरात के उच्च शिक्षा आयुक्त एम नागराजन आईएएस ने कहा, ‘‘लक्ष्य बहुत बड़ा है और संस्थानों, नीति निर्माताओं, नियामक निकायों और बड़े पैमाने पर समाज को स्थायी परिणाम देखने के लिए मजबूत प्रयास करने की आवश्यकता है। उद्यमिता देश के लिए एक विकास इंजन के समान काम करती है, और इसे हर तरह से बढ़ावा दिया जाना चाहिए। आज की युवा पीढ़ी इनोवेटिव है और विचारों से भरपूर भी। उन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिए और उनके विचारों को संरक्षण प्रदान करने का प्रयास किया जाना चाहिए।

मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि गुजरात इन आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।’ केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल और एआईसीटीई के असिस्टेंट इनोवेशन डायरेक्टर दीपन साहू ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि आईआईसी की क्षेत्रीय बैठकें महत्वपूर्ण विचारों को आगे बढ़ाने का काम कर रही हैं और इस तरह एंटरप्रेन्योरशिप के लिए एक अनुकूल इकोसिस्टम बनाने की दिशा में बेहद मददगार साबित हो रही हैं। आईआईसी एक ऐसी संस्था है जो नवाचारों और उद्यमिता के क्षेत्र में एक प्रवर्तक है।

और हम एक मजबूत इकोसिस्टम के निर्माण में अखिल भारतीय संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। मैं देश में उद्यमियों की संख्या में बड़े पैमाने पर उछाल की उम्मीद लगाता हूं, साथ ही मुझे यह भी उम्मीद है कि अधिक से अधिक युवा अपने नवीन विचारों के साथ आएंगे। आईहब के सीईओ हिरणमय महंत ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, मैंने गुजरात में शुरू हुए इनोवेशन और स्टार्टअप के लिए नीति निर्माण की प्रक्रिया को बेहद करीब से देखा है और इसलिए इस धरती पर खड़ा होना आज मुझे बहुत खुशी देता है। पिछले 6- 7 वर्षों में जबरदस्त विकास हुआ है।

और मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि गुजरात सर्वाेत्तम उपायों और प्रथाओं के साथ स्टार्टअप इकोसिस्टम का नेतृत्व कर रहा है। हाल के दौर में अपने आसपास जो विकास हुआ है, वह हमें खुशी देता है, फिर भी हम और अधिक रचनात्मकता और बेहतर परिणामों के लिए मुख्यधारा की शिक्षा में इनोवेशन को समाहित होते हुए देखना चाहता हूं। एआईसीटीई भोपाल के सीआरओ डॉ. सी.एस. वर्मा ने इस अवसर पर कहा, ‘‘आईआईसी संस्थानों, शिक्षाविदों, उद्यमियों और समाज को एक सूत्र में जोड़ने में मदद करते हैं ताकि उद्यमशीलता से संबंधित इकोसिस्टम को मजबूत किया जासके।

हम कार्यकारी निकायों के साथ, जमीनी स्तर पर इनोवेशन और क्रिएटिविटी पर ध्यान केंद्रित करने का प्रयास करते हैं। नवाचार की अधिक घटनाओं से रोजगार सृजन होगा, जो वर्तमान दौर की आवश्यकता भी है। क्षेत्रीय बैठक के एक भाग के रूप में एक कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की गई। इस कॉन्फ्रेंस में चार तकनीकी विचार-विमर्श सत्र आयोजित किए गए और आई और ई इकोसिस्टम का निर्माण और उसे बनाए रखने, एचईआई में आई एंड ई इकोसिस्टम के लिए कार्य योजनाओं की कल्पना और विकास; बेंचमार्किंग, एचईआई में आई एंड ई इकोसिस्टम को मापना और प्रभाव निर्माण और आईपी और टैक्नोलॉजी ट्रांसफर जैसे विषयों पर चर्चा की गई।

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