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’कमिटेड डिलीवर्ड’ राजस्थान के भविष्य को आकार देने के लिए 10 ट्रिलियन रुपए का निवेश

जयपुर, 04 अगस्त 2022 (यूटीएन)। राजस्थान औद्योगीकरण के नए युग की ओर एक बड़ी छलांग लगाने के लिए तैयार है, ‘इन्वेस्ट राजस्थान समिट 2022’ से पहले ही 10 ट्रिलियन रुपए से अधिक के प्रस्ताव तैयार हैं। राज्य सरकार की नीतियों के लाभों के चलते भूमि, संसाधन, बुनियादी ढांचे सहित सभी क्षेत्रों से निवेश प्रस्ताव आए हैं। राजस्थान सरकार अब अपने मेगा निवेश शिखर सम्मेलन के आदर्श वाक्य ’कमिटेडः डिलीवर्ड’ के अनुरूप प्रस्तावों को हकीकत में बदलने का लक्ष्य लेकर चल रही है। उद्योग मंत्री श्रीमती शकुंतला रावत ने बताया, ‘7 और 8 अक्टूबर, 2022 को राजस्थान सरकार जयपुर में ‘इन्वेस्ट राजस्थान समिट 2022’ की मेजबानी करेगी।

यह स्टार्ट-अप, कृषि और कृषि प्रसंस्करण, भविष्य के लिए तैयार क्षेत्र, पर्यटन, एमएसएमई पर सम्मेलनों-सत्रों के दौरान विभिन्न उद्योगों-क्षेत्रों के 3000 प्रतिनिधि विभिन्न क्षेत्रों पर विचार-विमर्श करंेगे। शिखर सम्मेलन राजस्थान में प्राप्त निवेश प्रस्तावों के फलीभूत होने की लिए होगा। शिखर सम्मेलन से पहले, रिलायंस, रिन्यू पावर सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग, रिन्यू पावर ग्रीन हाइड्रोजन, लेंसकार्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, ओकाया ईवी प्राइवेट लिमिटेड, सेंट गोबेन ग्लास इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, अदानी ग्रुप, असाही ग्लास, आरएसडब्ल्यूएम लिमिटेड, सुदिवा स्पिनर्स, बोरोसिल लिमिटेड, विप्रो हाइड्रोलिक्स प्राइवेट लिमिटेड ई-पैक ड्यूरेबल प्राइवेट लिमिटेड, आनंद  ट्रस्ट, सहस्रा सेमी-कंडस्टर प्राइवेट लिमिटेड के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई है।

कई मल्टीनेशनल और भारतीय निवेशकों के साथ आयोजित हो रहे शिखर सम्मेलन ने राज्य में उद्योगों के लिए एक अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र के विकास का आश्वासन देते हुए स्थानीय उद्यमियों के प्रस्तावों को भी आकर्षित किया है। इन्वेस्ट राजस्थान की दिशा में अग्रिम रूप से, भारत और विदेशों में विभिन्न रोड शो और निवेशक कनेक्ट कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। हाल ही में, स्टार्ट-अप कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया था जहां 4,192 समझौता ज्ञापन और आशय पत्र प्राप्त हुए थे। हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन मुख्य रूप से खान और खनिज, कृषि और कृषि प्रसंस्करण, पर्यटन, कपड़ा, इंजीनियरिंग, रसायन और पेट्रोकेमिकल, स्वास्थ्य और चिकित्सा, रसद, ऊर्जा और हस्तशिल्प में हैं।

4192 एमओयू/एलओआई में से 39फीसदी पहले ही लागू हो चुके हैं या राज्य में अपने उद्यम स्थापित करने के अग्रिम चरण में हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य शिखर सम्मेलन से पहले अधिकांश एमओयू/एलओआई को हकीकत में लाना है।राजस्थान सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव वीनू गुप्ता ने कहा, ‘सम्मेलन में पर्यटन, अक्षय ऊर्जा, एमएसएमई, कृषि, स्टार्ट-अप से संबंधित न्यू एज के एजेंडे को संबोधित करने वाले विषयों पर ब्रेकअवे सत्र होंगे। एमओयू और एलओआई के लिए सरकार मंजूरी और अनुमति प्रदान करने के लिए काफी प्रयास कर रही है ताकि इन्हें समय पर शुरू किया जासके।’निवेशकों की भारी दिलचस्पी राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के राजस्थान के औद्योगिक विकास के विजन में भरोसे की बानगी है।

निवेशकों को मानव पूंजी, तेजी से बुनियादी ढांचे के विकास, उत्कृष्ट बाजार पहुंच, भारत के सबसे बड़े औद्योगिक भूमि-बैंक और आकर्षक निवेश प्रोत्साहन के लाभों से आकर्षित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में राज्य सरकार ने समयबद्ध निवेश की स्थापना की सुविधा के लिए वन स्टॉप शॉप जैसी अनुकरणीय सुविधाओं की स्थापना की है। राजस्थान औद्योगिक विकास नीति (2019) सहित नीतियों का एक पूरा बंडल काम कर रहा है। राजस्थान सौर ऊर्जा नीति (2019); पवन और संकर ऊर्जा नीति (2019); राजस्थान कृषि-प्रसंस्करण, कृषि व्यापार और कृषि निर्यात संवर्धन नीति (2019), राजस्थान पर्यटन नीति (2020) और अन्य क्षेत्रों के लिए समर्थन बढ़ा रही है। वहीं, राजस्थान निवेश संवर्धन योजना (आरआईपीएस-2019) निवेशकों को राजस्थान में नए उद्यम स्थापित करने में मदद कर रही है।

जयपुर-रिपोर्टर,(नरेंद्र आर्य) |

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