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एण्डटीवी के शोज में इस हफ्ते किरदार चुनौतियों और झटकों का सामना करेंगे

मुंबई, 23 जून 2022 (यूटीएन)। एण्डटीवी के शोज में इस हफ्ते किरदार चुनौतियों और झटकों का सामना करेंगे, जिससे ‘बाल शिव‘, ‘और भई क्या चल रहा है। हप्पू की उलटन पलटन‘ और ‘भाबीजी घर पर हैं‘ में दर्शकों को ड्रामा का हाई डोज देखने को मिलेगा। एण्डटीवी के ‘बाल शिव‘ की कहानी के बारे में बताते हुये देवी कात्यायनी ने कहा, ‘‘ऋषि कात्यायन (मनोज खोलातकर) देवी कात्यायनी (तृषा आशीष सरदा) को बाल शिव (आन तिवारी) के प्रभाव से बचाने के लिये उसके कमरे के सामने एक दीवार निर्मित कर देते हैं। जिससे देवी कात्यायनी की आंखों में आंसूओं का सैलाब उमड़ पड़ता है। बाल शिव उसकी मदद करने के लिये आते हैं। लेकिन दण्डपाणि देवी कात्यायनी के कमरे को जला देता है। और इसका इल्जाम बाल शिव पर लगा देता है।
बाल शिव देवी कात्यायनी को अपने साथ ले जाने के लिये आग में प्रवेश करते हैं, लेकिन उससे पहले वह उसे ऋषि कात्यायन से अनुमति लेने के लिये कहते हैं। ऋषि कात्यायन के अनुमति देने से इनकार करने के बाद, नंदी (दानिश अख्तर सैफी) शिव कथा सुनाना शुरू करता है। देवी कात्यायनी के लापता होने का पता चलने के बाद ऋषि कात्यायन बाल शिव के खिलाफ एक सेना बनाते हैं। ऋषि कात्यायन बाल शिव के निवास स्थान पर पहुंचते हैं और उनके खिलाफ एक सेना खड़ी करते हैं। वापसी के रास्ते में अनुसुइया को एक आदमी के रोने की अवाज आती है और उसे विधाधर की समस्या का पता चलता है। वह विधाधर से उसकी समस्या का समाधान करने और उसकी बेटी सुमति की शादी कराने का वादा करती हैं। इस बीच कात्यायनी चुपके से महासती अनुसुइया के बक्से में छिप जाती है।
अपनी बेटी को ढूंढने और उसे वापस लाने के लिये ऋषि कात्यायन किस हद तक जायेंगे।‘‘ एण्डटीवी के ‘और भई क्या चल रहा है?‘ में कहानी के बारे में बताते हुये शांति मिश्रा ने कहा, ‘‘बिट्टु (अन्नु अवस्थी) खुद के नया नगर अध्यक्ष बनने की घोषणा करता है और अपने लिये एक महिला प्रमुख ढूंढ़ रहा है। मिर्जा (पवन सिंह) और मिश्रा (अंबरीश बाॅबी) सुझाव देते हैं कि उनकी बीवियां सकीना (अकांशा शर्मा) और शांति (फरहाना फातिमा) को इस काम के लिये चुना जाना चाहिये। वे बिट्टु और पप्पू को हवेली में आमंत्रित करते हैं और सकीना को उनका महिला प्रमुख बनाने का फैसला करते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि उसे आसानी से बातों में उलझाया जा सकता है। सकीना एक जरूरतमंद महिला की मदद करती है और सुविधाहीन लोगों को वो अनाज बांट देती है।
जिसे अगले दिन अनाज वितरण समारोह में बांटा जाना था। बिट्टु और पप्पू इस बात के लिये सकीना को फटकार लगाते हैं और कहते हैं कि उसे राजनीति की जरा भी समझ नहीं है। हालांकि, शांति सकीना का साथ देती है। इस घटना के बाद शांति और सकीना बिट्टु एवं पप्पू को सबक सिखाने का फैसला करते हैं और कार्यक्रम में उन्हें लड्डु खिालाते हैं, इससे बिट्टु और पप्पू सचेत हो जाते हैं और वे एक साथ मिलकर पूरी स्थिति को संभालती हैं और हर कोई इसके लिये उनकी तारीफ करता है। सकीना और शांति को नया नगर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनाने की घोषणा की जाती है और वे बिट्टु और पप्पू को उनके पदों से हटा देती हैं। सत्ता की शक्ति पाने के बाद शांति और सकीना के बीच अहंकार की लड़ाई शुरू हो जाती है। इस बीच, बिट्टु उनके बीच की बहस का एक वीडियो रिकाॅर्ड करता है।
और उसे उच्च अधिकारियों के पास भेज देता है। शांति और सकीना बिट्टु के खिलाफ कैसे लड़ाई लड़ेंगी। एण्डटीवी के ‘हप्पू की उलटन पलटन‘ की कहानी के बारे में बात करते हुये कटोरी अम्मा ने कहा, ‘‘हप्पू (योगेश त्रिपाठी) अपनी पलटन को कानपुर म्यूजियम में एक बहुत पुराना चाइनीज टीकप दिखाने के लिये ले जाता है। मौज-मस्ती करते हुये दुर्घटनावश ऋतिक (आर्यन प्रजापति) से वह कप टूट जाता है। म्यूजियम क्युरेटर इस नुकसान की भरपाई के लिये 60 लाख रूपये की मांग करता है अन्यथा अधिकारी लोग हप्पू के घर को सीज कर देंगे। हप्पू काफी परेशान है और वह कटोरी अम्मा (हिमानी शिवपुरी) को सारी बात बताता है, जो उसे अपने सोने के गहने बचेने की सलाह देती है।
हालांकि, जब हप्पू लाॅकर खोलता है, तो अम्मा को पता चलता है कि उसका सबसे महंगा गले का हार गायब है।
अम्मा को राजेश (कामना पाठक) पर शक है, लेकिन बाद में खोदी कबूल करता है कि वह कटोरी अम्मा के सोने के सारे गहनों को जुए में हार गया था और उसकी जगह उसने असली जैसे दिखने वाले नकली गहने रख दिये थे। यह सुनकर अम्मा चैंक जाती है और 60 लाख रूपये की भारी-भरकम रकम का भुगतान करने के लिये म्यूजियम में डाका डालने का फैसला करती है। म्यूजियम में डाका डालने में क्या हप्पू अम्मा की मदद करेगा?‘‘ एण्डटीवी के ‘भाबीजी घर पर हैं‘ की कहानी के बारे में बताते हुये अनीता भाबी ने कहा, डेविड चाचा (अनूप उपाध्याय) भावुक हो जाते हैं और अपना दुःख विभूति (आसिफ शेख) और अनीता (विदिशा श्रीवास्तव) से बताते हैं। लेकिन दोनों ही अपने लालच को भूलकर सचमुच चाचाजी की देखभाल करने का फैसला करते हैं। इस बीच, अंगूरी की बुआ माला कुछ दिनों के लिये उसके घर पर रहने के लिये आती है, जो कि अविवाहित, मध्यम उम्र की और फ्लर्ट करने वाली महिला है। जब चाचाजी और माला मिलते हैं, तो दोनों में प्यार हो जाता है।
चाचाजी और माला दोनों ही एक-दूसरे से शादी करने का फैसला करते हैं, जिससे विभूति और अनीता चिंतित हो जाते हैं, क्योंकि वे नहीं चाहते कि चाचाजी की संपत्ति किसी और के हाथों में जाये। इसलिये वे चाचाजी और माला को एक-दूसरे से दूर रखने की हर संभव कोशिश करने में जुट जाते हैं। इसके बाद मनमोहन तिवारी (रोहिताश्व गौड़) 2.5 करोड़ रूपये के बदले चाचाजी की मदद करने का आॅफर देता है। अंगूरी और तिवारी भूरे लाल (राकेश बेदी) को भी शादी में आने के लिये मना लेते हैं। इन सबके बीच विभूति एक महिला का वेश बनाता है और चाचाजी उसे माला समझकर छू देते हैं, जिसके लिये विभूति उन्हें गिरफ्तार करवा देता है। कहानी उस समय एक दिलचस्प मोड़ पर पहुंच जाती है जब चाचाजी जेल से छूटने के बाद उस महिला से मिलने की मांग करते हैं। क्या चाचाजी अपनी बेगुनाही साबित कर पायेंगे और माला से शादी करने में कामयाब होंगे।
मुंबई-रिपोटर, (हितेश जैन)।

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