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जिला पंचायत राज अधिकारी किरन चौधरी ने कहा जनप्रतिनिधियों के भविष्य की सुरक्षा है पंचायत कल्याण कोष

मथुरा, 21 जून 2022 (यू.टी.एन.)। मथुरा ग्राम पंचायत सदस्य,प्रधान, क्षेत्र पंचायत प्रमुख, जिला पंचायत अध्यक्ष व त्रिस्तरीय पंचायत के समस्त सदस्यों को पद पर बने रहते हुए मृत्यु की दशा में (आत्महत्या / आपराधिक कृत्य में सम्मिलित होने की स्थिति को छोड़कर) उनके परिवार या आश्रितों को सहायता प्रदान किये जाने हेतु राज्य वित्त आयोग की आवंटित अनुदान से धनराशि सरक्षित कर राज्य स्तर पर पंचायत कल्याण कोष स्थापित किया गया है। इसमें पंचायत कल्याण कोष से आश्रितों को दिये जाने वाली धनराशि की सीमा निम्नवत है।
(क) प्रधान ग्राम पंचायत, प्रमुख क्षेत्र पंचायत एवं अध्यक्ष, जिला पंचायत – रु. 10 लाख।
(ख) सदस्य, जिला पंचायत
-रु. 5 लाख।
(ग) सदस्य, क्षेत्र पंचायत
-रु.3 लाख ।
(घ) सदस्य, ग्राम पंचायत
-रु. 2 लाख रुपए निर्धारित किए गए हैं।
पंचायत कल्याण कोष से लाभ प्राप्त करने हेतु आवेदन करने के लिए पंचायत प्रतिनिधि के आश्रित व्यक्ति द्वारा कल्याण कोष में अनुमन्य धनराशि प्राप्त करने हेतु पंचायतीराज विभाग के वित्त आयोग की वेबसाइट.prdfinance.up.gov.in पर विकसित पंचायत कल्याण कोष पोर्टल पर सीधे आवेदन किया जायेगा।
पंचायत प्रतिनिधि के आश्रित द्वारा पंचायत कल्याण कोष के निर्धारित पोर्टल पर
रजिस्ट्रेशन करते हुए आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप (परिशिष्ट – 1 ) पर समस्त सूचनाएँ अंकित करके आवश्यक अभिलेख अपलोड करने के उपरान्त विवरण फीज किया जायेगा।
 पोर्टल पर आश्रित व्यक्ति द्वारा किये गये आवेदन को जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा
अपने लॉगिन आई०डी० से डाउनलोड़ कर परीक्षणोंपरान्त पत्रावली पर जिलाधिकारी से अनुमोदन/ स्वीकृति प्राप्त की जायेगी।
जिलाधिकारी के स्वीकृत के उपरान्त जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा आवेदन प्रपत्र को
अपने लॉगेंन आई०डीo से निदेशक पंचायतीराज को धनराशि हस्तान्तरण हेतु अग्रसारित किया जायेंगा।
आवेदन के साथ अपलोड किये जाने वाले कुछ आवश्यक अभिलेख इस तरह है,
(क) पंचायत प्रतिनिधि के आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में पंचनामा / पोस्टमार्टम की
रिपोर्ट / रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिसिनर द्वारा जारी प्रमाण-पत्र, की प्रति।
(ख) प्राकृतिक मृत्यु की स्थिति में सक्षम स्तर से निर्गत मृत्यु प्रमाण-पत्र।
(ग) ग्राम प्रधान / ग्राम पंचायत सदस्य के मृत्यु की स्थिति में ग्राम पंचायत सचिव द्वारा
प्रमाण-पत्र, क्षेत्र प्रमुख / क्षेत्र पंचायत सदस्य की मृत्यु की स्थिति में खण्ड विकास अधिकारी
द्वारा प्रमाण-पत्र एवं जिला पंचायत अध्यक्ष / जिला पंचायत सदस्य के मृत्यु की स्थिति में अपर
मुख्य अधिकारी के द्वारा जारी प्रमाण-पत्र । इस प्रकार उत्तर प्रदेश सरकार ने पंचायती राज व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों के भविष्य के सुरक्षा हेतु एक बड़ा कदम उठाया है।।

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