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स्वास्थ केंद्र सरकार के नहीं बल्कि डॉक्टरों के मर्ज़ी से चलते है

हरदोई, 24 मई 2022 (यू.टी.एन.)। जहाँ एक तरफ प्रदेश में योगी डबल इंजन सरकार बनने के बाद प्रदेश के तेज -तर्रार नेता बृजेश पाठक को उपमुख्यमंत्री के साथ-साथ स्वास्थ्य जैसा अहम विभाग सौंपा गया है। विभाग मिलते ही उपमुख्यमंत्री अस्पतालों के निरीक्षण कर डॉक्टरों को दिशा-निर्देश भी जारी कर रहे हैं। बहीं हरदोई जिले के स्वास्थ्य केंद्रों का हाल किसी से छिपा नही है। भले ही हरदोई जिले से ताल्लुख़ रखने बाले बृजेश पाठक उपमुख्यमंत्री बन गए हो एवं उन्हें स्वास्थ्य जैसे अहम विभाग की जिम्मेदारी मिली हो। लेकिन हरदोई जिले के सरकारी डॉक्टरों पर इसका कोई फर्क नही पड़ता। यहाँ के स्वास्थ्य केंद्र सरकार नही बल्कि डॉक्टरों की मर्जी से ही खुलते व बन्द होते हैं।
ऐसा ही मामला हरदोई जिले के टोडरपुर ब्लॉक के अंतर्गत आने बाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फत्तेपुर गयंद व शाहाबाद ब्लॉक के अंतर्गत आने बाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हर्रई का देखने को मिला। जहाँ सरकार नही डॉक्टर ही सब-कुछ हैं। उन्ही के रोज-बनाए नियम चलते है। जब उनका मन होगा तभी अस्पताल खुलेगा नही तो भले मरीज दम तोड़ दे लेकिन स्वास्थ्य केंद्र की चौखट पर बैठकर करोडों की लागत से बना भवन तो देख सकता है। लेकिन उसे एक खुराक दवा नही मिलेगी। सांसद अशोक बाजपेई द्वारा गोद लिए गांव फत्तेपुर गयंद में करोडों की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तो जरूर बना है। ग्रामीणों के इलाज के लिए डॉक्टरों भी नियुक्त हैं। उन्हें समय पर तनख़ाह भी मिलती है। लेकिन नही मिलता तो सिर्फ व सिर्फ ग्रामीणों को को इलाज। फत्तेपुर गयंद के ग्रामीणों के अनुसार जब कभी कोई बड़ा अधिकारी या नेता आता है।
तभी गांव का स्वास्थ्य केंद्र खुलता है। डॉक्टर कब अस्पताल आते हैं। कब चले जाते है या आते भी या नही इसकी ग्रामीणों को जानकारी नही रहती। यहाँ के स्वास्थ्य केंद्र पर सरकारी नियम नही चलते सिर्फ और सिर्फ धरती के भगवान यानी डॉक्टरों की ही चलती है। जब मर्जी आएं चले जाएं न आएं या अपनी जगह किसी अन्य को भेज दें कोई जानकारी नही। फत्तेपुर गयंद का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राम भरोसे ही चल रहा है। इसकी पड़ताल जब सोमवार को हमारे कैमरे ने की तब अस्पताल के गेट पर ताला जड़ा दिखा। हां इतना जरूर कि कैमरे को देख तीन-चार ग्रामीण आ गए उन्होंने सरकारी डॉक्टरों की मक्कारी की सारी कहानी बताई। गरीबों को इलाज नही सिर्फ तनख़ाह व भ्रष्टाचार करने के लिए। यह स्वास्थ्य केंद्र बना है। जब सांसद अशोक बाजपेई के गोद लिए गांव में बने स्वास्थ्य केंद्र पर गरीबों को इलाज नही मिलेगा तो।
अन्य स्वास्थ्य केंद्रों का क्या हाल होगा इसका अंदाजा खुद लगाया जा सकता है। बहीं जब शाहाबाद ब्लॉक के अंतर्गत हर्रई गांव में बने स्वास्थ्य केंद्र की पड़ताल की तो बहां अस्पताल तो जरूर खुला था। स्वीपर सफाई कर रहे थे। एक बूढ़ा गरीब दवा लेने के लिए अस्पताल की चौखट पर बैठा था। लेकिन नही थे तो धरती के भगवान यानी डॉक्टर साहब जो उस बुजुर्ग को दवा दे सके। जानकारी पर पता चला कि हर्रई के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर रिजवान नियुक्त हैं। कब आते व कब जाते हैं। कोई जानकारी नही। मतलब हाल बही यहाँ भी था। यानी सरकार कोई भी हो स्वास्थ्य को लेकर कितनी भी सजग हो कितने भी नियम कानून बना ले। लेकिन इन दोनों स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टर साहब ही सरकार व नियम-कानून हैं एवं उन्ही की मर्जी से स्वास्थ्य केंद्र चलेंगे।
हरदोई-रिपोटर, (शिवम सिंह)।

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