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बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देनी वाली सरकार खुद बेटियों के खिलाफ

 पंचकूला,20 मई 2022 (यू.टी.एन.)।  किसी शहर या हल्के के विकास  की पहचान वहां के रोजगार और अच्छे शिक्षण संस्थानो से की जाती है । अगर बात करें इन मापदंडों पर कालका हल्के के विकास की तो कहीं न कहीं बदहाल परिस्थितियों को आइना दिखाने वाली बात है। गत दिनों ही मुख्यमंत्री हरियाणा का सरकार की लोकप्रियता हल्के में हो रहे विकास कार्यों से पता चलती है वाला बयान यहां हल्के पर सरकार की रहमोकरम की कहानी बयां करता दिखाई दे रहा है। जहां हल्के में रोजगार के नाम पर शुरू हो रही सेब मंडी पर लगातार कई वर्षों से खबरों का बाजार गर्म है वही दूसरी और मंडी की कार्य गति कछुवा चाल पर है मंडी तो जब शुरू होगी लेकिन सरकार व प्रशासन के ढुलमुलपन रवैया के कारण इस क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण जरूर फल फूल रहा है।
वहीं दूसरी और शिक्षा के नाम पर हरियाणा में अपनी उपलब्धियों की दुहाई देने वाली सरकार का एक शर्मनाक चेहरा भी सामने आ रहा है। जहां एक तरफ सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देकर अपनी पीठ थपथपा कर खुद अपने मुंह मिया मिट्ठू बन रही है।  वही अगर बात करें कालका हल्के की  बेटियों की तो  शिक्षा के नए संस्थान खोलना तो दूर देश की आजादी से पहले के शिक्षा संस्थान हिन्दू कन्या सीनियर सेकेंडरी  स्कूल को बंद कर हल्के की बेटियों को  शिक्षा के लिए दर दर भटकने पर मजबूर कर दिया। यहां काफी वर्षों से  स्थानीय लोगों के मन मे टिस रही  है कि क्षेत्र में लड़कियों का कोई स्कूल ना होने के चलते लड़कियों को कई लोग स्कूल भेजना नही चाहते। जिसके चलते पर बेटियों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है।  शिक्षा का यह मंदिर आजादी से पहले सन 1917 से हल्के व प्रदेश की बेटियों को शिक्षित करने का काम कर रही था जो गलत नीतियों के चलते सरकार द्वारा 2018 में बन्द कर  दिया गया ।
अगर बात करें सियासतदानों की तो पूर्व मुख्यमंत्री भजन लाल व पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल द्वारा इस संस्थान को खोलने की घोषणा की जा चुकी है ।परंतु परिणाम वही ढाक के तीन पात।शहर में शिक्षा के क्षेत्र की बदहाल  स्थिति के मद्देनजर हलकवासियो द्वारा लगातार सरकार और सरकार के नुमाइंदों को इस विषय पर पिछले कुछ सालों से गुहार लगाई जाती रही है।
परंतु हल्के की राजनीतिक अनदेखी के कारण शहर लगातार पिछड़ेपन की और बढ़ता जा रहा है। जहां  शहर रोजगार,सफाई ,सुरक्षा जैसी अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव तो झेल ही रहा था वही रही सही कसर इस शिक्षण को बंद कर व  इतने प्रयासों के बाद पुनः चालू न कर सरकार पूरा करने का काम कर रही है।हिंदू कन्या स्कूल के विषय पर शहर के स्थानीय लोगों ने  प्रदेश सरकार समेत केंद्र सरकार से भी कालका के एकमात्र कन्या स्कूल को  दोबारा खोलने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यह स्कूल अंग्रेजों के जमाने से चल रहा था जो गलत नीतियों का शिकार हुवा है।सरकार को अपने नारे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर अमल कर स्कूल को दौबारा चालू कर देना चाहिए।
हरियाणा – स्टेट ब्यूरो,(सचिन बराड़) |

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