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अवैध मानकविहीन अस्पतालों की भरमार, सीएमओ की मिलीभगत से महिलाओं-बच्चों की जिंदगी से हो रहा खिलवाड़

हरदोई, 15 मई 2022 (यू.टी.एन.)। शहर में अवैध व मनकविहीन अस्पतालों की भरमार है। इन अस्पतालों में कोई चिकित्सक नही रहता है, फिर भी मरीजों के उपचार का दावा किया जाता है। नतीजन ज्यादातर मरीज़ काल के गाल में समा जाते हैं, और सरकारी सिस्टम इन मौतों पर पर्दा डाल देता है। सवाल ये उठता है कि आखिर ऐसा क्या है कि अवैध अस्पतालों पर स्वास्थ्य महकमा कार्यवाही क्यों नही करता? हमारी पड़ताल में पता चला है कि अवैध व मनकविहीन अस्पताल के संचालक सीएमओ दफ्तर में हर सप्ताह चढ़ावा चढ़ाते हैं, जिस कारण उन्हें नागरिकों की जिंदगी से खेलने की पूरी छूट मिली हुई है।
10 अप्रैल 2022 की रात शहर के बिलग्राम चुंगी स्थित मयूर हॉस्पिटल में जच्चा बच्चा की मौत पर परिजनों ने आधी रात तक हंगामा काटा। हॉस्पिटल के बाहर शव रखकर विरोध जताया पर सरकारी सिस्टम की नींद नही टूटी। परिजनों का आक्रोश पुलिस ने ये कहकर शांत कराया गया कि अस्पताल के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। लिखित शिकायत के एक बाद भी आज तक मयूर हॉस्पिटल के विरुद्ध पुलिस-प्रशासन की कार्यवाही संचालित नही हो सकी। 
सुरसा थानाक्षेत्र के भकुराई निवासी छोटू को जिला महिला अस्पताल/मेडिकल कॉलेज से आशा बहू भ्रमित कर मयूर हॉस्पिटल ले गयी थी, जहां प्रशिक्षित चिकित्सक न होने से गलत इलाज से जच्चा बच्चा की मौत हो गयी। स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से इस तरहं के अस्पतालों की शहर में भरमार है, हर दिन प्रसूताओं व नवजात शिशुओं की असमस्य मौत  हो रही है, जिसका कहीं कोई रिकॉर्ड नही है।
लखनऊ- जिला ब्यूरो,तेजस्वी प्रताप सिंह |

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