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वृन्दावन स्थित रासबिहारी व लीलाकुंज महिला आश्रय सदनों का किया गया निरीक्षण एवं विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन-चेतन्य विहार

रिपोर्टर-मथुरा, (दुर्गा प्रसाद) | उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ तथा माननीय जनपद न्यायाधीश, मथुरा श्री राजीव भारती जी के निर्देशानुसार आज दिनांक 25.03.2022 को चैतन्य बिहार स्थित रासबिहारी व लीलाकुंज महिला आश्रय सदनों का निरीक्षण एवं विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। निरीक्षण एवं विधिक साक्षरता शिविर की अध्यक्षता सुश्री सोनिका वर्मा, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मथुरा द्वारा की गयी। इस अवसर पर उपरोक्त महिला आश्रय सदनों की प्रभारी श्रीमती गीता दीक्षित, अधीक्षिका श्रीमती रंजना गुप्ता व अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

निरीक्षण दौरान प्रभारी द्वारा बताया गया कि आज उक्त महिला आश्रय सदनो में कुल 65 वृद्ध/ विधवा मातायें पंजीकृत हैं, जिनमें से 43 मातायें उपस्थित हैं तथा 22 मातायें अवकाश पर हैं। माताओं को महिला कल्याण निगम द्वारा 1,850/- रूपये प्रतिमाह सीधे उनके बैंक खाते में भेजे जाते हैं। उ0प्र0 सरकार की ओर से 1000/-रूपये प्रतिमाह वृद्धा व विधवा पैंशन प्राप्त होती है।

माताओं को अक्षयपात्र संस्था की ओर से प्रतिदिन सुबह का भोजन मिलता है। सभी माताओं के अंत्योदय राशनकार्ड बनें हैं। माह मार्च 2022 में माताओं को 20 किलो गेहूँ, 15 किलो चावल, 01 किलो रिफाइंड, काले चने प्राप्त कराए गए हैं। राज्य सरकार द्वारा कोरोनाकाल में विगत 11 माह से निःशुल्क 05 किलो अनाज भी प्राप्त हो रहा है। महिला कल्याण निगम के द्वारा सदन में कॉमन किचिन का निर्माण कार्य कराया गया है।

कोविड-19 के दृष्टिगत प्रभारी द्वारा बताया गया कि उक्त दोनों सदनों की सभी माताओं को वैक्सीन लग चुकी है। सदन में निवासरत माताओं का दिनांक 16.03.2022 को कोविड-19 टेस्ट कराया गया। वर्तमान में कोई माता कोविड पॉजिटिव नहीं है।
कोविड-19 के दृष्टिगत नगर निगम द्वारा दिनाँक 28.02.2022 को सदन को सेनेटाइज कराया गया है।

प्रभारी द्वारा बताया गया कि उपरोक्त सदनों की माताओं को कोविड-19 के प्रति समय-समय पर जागरूक किया जाता है। परिसर व सभी कक्षों को समय-समय पर नगर निगम अथवा सदनों के कर्मचारियों द्वारा सैनेटाइज किया जाता है। सभी माताओं को मास्क, साबुन, सैनेटाइजर प्राप्त करा दिये गये हैं। यदि कोई माता जनपद से बाहर अपनें रिश्तेदारों के यहाँ कुछ दिनों के लिए जाती है तो उस माता की कोविड रिपोर्ट नैगेटिव आनें पर ही सदन में प्रवेश दिया जाता है।

उक्त सदनों के निरीक्षण दौरान सचिव सुश्री सोनिका वर्मा द्वारा कोरोना से बचने हेतु माताओं व कर्मचारियों को बताया गया कि इस महामारी के दौर में माननीय उच्च न्यायालय तथा केंद्र व राज्य सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करना हम सब का कर्तव्य है। माताओं व सदनों के कर्मचारियों के हित के लिए मास्क, सैनिटाइजर का प्रयोग व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना तथा सभी का समय-समय पर हाथ धोते रहना अति आवश्यक है।

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